Cockroach Janata Party: RSS ने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ पर तोड़ी चुप्पी, कह दी ये बड़ी बात

कॉकरोच जनता पार्टी को लेकर उठे विवाद पर RSS ने आखिरकार अपनी चुप्पी तोड़ दी है। सुनील आंबेकर ने भारतीय लोकतंत्र की मजबूती, युवाओं की सोच और अभिव्यक्ति की आज़ादी पर बड़ा बयान दिया। क्या यह बयान राजनीतिक बहस को नया मोड़ देगा?

RSS ने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ पर तोड़ी चुप्पी

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

मई 30, 2026

Cockroach Janata Party: हाल ही में चर्चा में आई ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की ओर से पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। संगठन के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने इस विषय पर अपनी बात रखते हुए कहा कि भारत का लोकतंत्र बेहद मजबूत है और इसमें हर प्रकार की आवाज और विचार को जगह देने की क्षमता मौजूद है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में अलग-अलग मतों और विचारों का आना स्वाभाविक है और इसे सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा समझना चाहिए, न कि किसी असामान्य स्थिति के रूप में देखना चाहिए।

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लोकतंत्र और अभिव्यक्ति पर RSS का दृष्टिकोण

मीडिया से बातचीत के दौरान आंबेकर ने कहा कि भारत में लोकतांत्रिक प्रक्रियाएं पारदर्शी तरीके से संचालित होती हैं। यहां चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष रूप से कराए जाते हैं तथा मीडिया भी पूरी तरह खुला और सक्रिय है। उन्होंने यह भी कहा कि देश की संस्थाएं मजबूत हैं और किसी भी तरह की चर्चा या अभिव्यक्ति को संभालने में सक्षम हैं। उनके अनुसार राजनीतिक दलों और मीडिया संस्थानों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है, जो विभिन्न विचारों को स्थान देने में सक्षम हैं।

युवाओं और ‘जेन-Z’ पर टिप्पणी

युवाओं और ‘जेन-Z’ पर टिप्पणी
युवाओं और ‘जेन-Z’ पर टिप्पणी

आरएसएस नेता ने देश के युवाओं, जिन्हें ‘जेन-Z’ कहा जाता है, को लेकर भी अपनी राय व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी काफी आशावादी है और देश के भविष्य को लेकर उनमें सकारात्मक सोच है।

उन्होंने बताया कि ‘जेन-Z’ शब्द उन युवाओं के लिए उपयोग किया जाता है जिनका जन्म लगभग 1997 से 2012 के बीच हुआ है। आंबेकर के अनुसार ये युवा संवैधानिक ढांचे के भीतर रहकर काम करने में विश्वास रखते हैं और देश की व्यवस्था पर उनका भरोसा मजबूत है।

लोकतंत्र में संवाद और समाधान पर जोर

आंबेकर ने कहा कि लोकतंत्र में विभिन्न मुद्दों का उठना स्वाभाविक है और उन्हें हल करने के लिए लोकतांत्रिक प्रक्रियाएं पहले से मौजूद हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि संवाद और चर्चा किसी भी समस्या के समाधान का महत्वपूर्ण माध्यम है। उनके अनुसार भारत का लोकतंत्र इतना सक्षम है कि वह सभी प्रकार की परिस्थितियों और विचारों को संभाल सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि लोगों को अपने लोकतंत्र पर भरोसा बनाए रखना चाहिए।

भारत-पाकिस्तान संवाद पर संघ का रुख

इसी बातचीत के दौरान आरएसएस के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले के पाकिस्तान से बातचीत से जुड़े बयान पर भी प्रतिक्रिया दी गई। आंबेकर ने कहा कि संघ हमेशा से मानता आया है कि संवाद के माध्यम से समस्याओं का समाधान संभव है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार स्तर पर बातचीत करना एक राजनीतिक और कूटनीतिक निर्णय होता है। उन्होंने कहा कि जब आधिकारिक चैनलों से प्रगति नहीं होती, तब लोगों के बीच संवाद जारी रखना संबंधों को बेहतर बनाने में सहायक हो सकता है।

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विभाजन और ऐतिहासिक दृष्टिकोण पर टिप्पणी

आंबेकर ने अपने बयान में यह भी कहा कि आरएसएस भारत के विभाजन का हमेशा विरोधी रहा है। उन्होंने यह राय व्यक्त की कि यदि उस समय संगठन अधिक मजबूत होता, तो संभवतः देश का विभाजन टाला जा सकता था। उन्होंने अंत में कहा कि संवाद, समझ और आपसी संपर्क के माध्यम से ही देशों और समाजों के बीच बेहतर संबंध स्थापित किए जा सकते हैं।