‘विकसित बिहार 2037’ का रोडमैप: सम्राट चौधरी ने नए आयोग के गठन की घोषणा की

पटना बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को कहा कि प्रदेश सरकार केंद्र के नीति आयोग की तर्ज पर एक आयोग गठित करेगी, जो राज्य के दीर्घकालिक विकास के लिए एक दृष्टिपत्र तैयार करेगा। उन्होंने यहां योजना एवं विकास विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए यह घोषणा की। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, चौधरी ने राज्य की प्रमुख योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की और उनके प्रभावी क्रियान्वयन एवं निगरानी के लिए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी करेंगे आयोग का गठन मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आयोग बिहार के

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Published On :

जुलाई 6, 2026

पटना
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को कहा कि प्रदेश सरकार केंद्र के नीति आयोग की तर्ज पर एक आयोग गठित करेगी, जो राज्य के दीर्घकालिक विकास के लिए एक दृष्टिपत्र तैयार करेगा। उन्होंने यहां योजना एवं विकास विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए यह घोषणा की। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, चौधरी ने राज्य की प्रमुख योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की और उनके प्रभावी क्रियान्वयन एवं निगरानी के लिए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी करेंगे आयोग का गठन
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आयोग बिहार के दीर्घकालिक विकास के लिए रूपरेखा तैयार करेगा, विकास योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी करेगा, विभागों के बीच समन्वय को बेहतर बनाएगा और समय-समय पर नीति संबंधी सुझाव देगा। उन्होंने कहा कि योजना एवं विकास विभाग का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं होना चाहिए, बल्कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन, सतत मूल्यांकन और ठोस परिणाम सुनिश्चित करना भी होना चाहिए।

नीति आयोग की तर्ज पर बिहार में आयोग
चौधरी ने अधिकारियों को विधायकों और विधान पार्षदों के लिए एक समर्पित ऑनलाइन पोर्टल विकसित करने के निर्देश दिए, जिससे जनप्रतिनिधियों द्वारा संचालित योजनाओं की पारदर्शिता और निगरानी बेहतर हो सके। उन्होंने कब्रिस्तान घेराबंदी योजना के तहत संवेदनशील स्थलों की सूची तैयार करने और लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा करने का भी निर्देश दिया।

जिला के लिए विशेष बजट प्रावधानों पर जोर
मुख्यमंत्री ने जिला-विशिष्ट बजट योजना तैयार करने पर भी बल दिया, जो स्थानीय आवश्यकताओं, संसाधनों और संभावनाओं पर आधारित हो। उन्होंने कहा कि हमें वर्ष 2037 तक ‘विकसित बिहार’ का दीर्घकालिक विजन तैयार करना होगा, जब राज्य अपने गठन के 125 वर्ष पूरे करेगा।