RJD Foundation Day: पटना स्थित राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के प्रदेश कार्यालय में बुधवार का दिन ऐतिहासिक रहा, जहां पार्टी ने अपने गौरवशाली सफर के 29 साल पूरे कर 30वें वर्ष में प्रवेश किया। इस विशेष अवसर पर कार्यालय परिसर को पार्टी के रंगों और आकर्षक लाइटों से दुल्हन की तरह सजाया गया था। पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत की। इस दौरान कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ और ढोल-नगाड़ों की गूंज से पूरा माहौल राजनीतिक ऊर्जा से सराबोर दिखा। भीषण गर्मी को देखते हुए पार्टी ने कार्यकर्ताओं की सुविधा हेतु व्यापक प्रबंध किए थे, जिसमें 11 एयर कंडीशनर और 15 कूलर शामिल थे, जो कार्यकर्ताओं के प्रति पार्टी की संवेदनशीलता को दर्शाते हैं।
लालू यादव का आक्रामक तेवर
बताते चले कि, समारोह को संबोधित करते हुए लालू प्रसाद यादव ने अपने पुराने संघर्षपूर्ण अंदाज में कार्यकर्ताओं में जोश भरा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “हम लड़े हैं और आगे भी लड़ते रहेंगे।” लालू यादव ने जोर देकर कहा कि राष्ट्रीय जनता दल की नींव ही गरीब, वंचित और पिछड़े वर्गों के हक की लड़ाई पर टिकी है। उनका यह संदेश साफ था कि पार्टी न तो दबेगी और न ही झुकेगी। लालू ने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने का आह्वान किया, ताकि आगामी राजनीतिक चुनौतियों का डटकर सामना किया जा सके। उन्होंने कार्यकर्ताओं को याद दिलाया कि पार्टी की असली शक्ति आम जनता है और उनकी उम्मीदों पर खरा उतरना ही उनका परम कर्तव्य है।
समर्थकों ने किया भव्य अभिनंदन
कार्यक्रम के दौरान पार्टी के प्रति निष्ठा और एकजुटता का अद्भुत नजारा देखने को मिला। नेताओं ने लालू यादव का अभिनंदन करते हुए उन्हें पार्टी के चुनाव चिह्न ‘लालटेन’ की प्रतिकृति भेंट की। यह केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि पार्टी के गौरवशाली अतीत और भविष्य की उम्मीदों का प्रतीक था। लालू यादव ने सभी पदाधिकारियों और समर्थकों को एकजुट रहने का मंत्र दिया। उनका मानना है कि आपसी सामंजस्य ही पार्टी की सबसे बड़ी पूंजी है, जो उसे सत्ता और विपक्ष की राजनीति में एक प्रभावशाली शक्ति के रूप में स्थापित रखती है।
भरत एनकाउंटर पर RJD का तीखा रुख
स्थापना दिवस के मंच से केवल पार्टी का जश्न ही नहीं मनाया गया, बल्कि राज्य के ज्वलंत मुद्दों पर भी चर्चा हुई। कार्यक्रम में भरत एनकाउंटर का मुद्दा प्रमुखता से उठा। पार्टी कार्यालय पहुंचे छोटू छलिया ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यदि भरत ने सरेंडर कर दिया था, तो उसे गोली मारना पूरी तरह गलत है। उन्होंने राज्य सरकार पर समाज को जाति के आधार पर बांटने और तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया। इस दौरान छोटू छलिया ने अपने गीतों— “नाही चाली तोहरो तानाशाहीया, जागल बा बिहरिया…”— के माध्यम से सरकार की नीतियों पर कड़ा प्रहार किया, जिसने कार्यकर्ताओं में नई चेतना भर दी।
5 जुलाई को होगा राज्यव्यापी शक्ति प्रदर्शन
पार्टी की भविष्य की रणनीति स्पष्ट है। पटना में हुए इस भव्य आयोजन के बाद, 5 जुलाई को राज्य के सभी जिलों में स्थापना दिवस समारोह का आयोजन किया जाएगा। आरजेडी इस आयोजन के जरिए बिहार की जनता तक अपनी विचारधारा को और गहराई से ले जाने की तैयारी में है। पार्टी का लक्ष्य केवल स्थापना दिवस मनाना नहीं, बल्कि संगठन को जमीनी स्तर पर इतना मजबूत बनाना है कि वह किसी भी राजनीतिक चुनौती का मुकाबला कर सके। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि आरजेडी का यह नया संकल्प किस तरह राज्य की राजनीति में बदलाव की नई इबारत लिखता है।










