Riyadh US Embassy Attack: रियाद में अमेरिकी दूतावास पर ड्रोन हमला, CIA स्टेशन को उड़ाने की कोशिश, छत ढही

सऊदी अरब की राजधानी रियाद में अमेरिकी दूतावास पर संदिग्ध ईरानी ड्रोन हमले ने हड़कंप मचा दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, हमला सीधे CIA के स्टेशन पर किया गया, जिससे छत का एक हिस्सा गिर गया और धुआं फैल गया। दूतावास को फिलहाल बंद कर दिया गया है और कर्मचारियों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है।

Riyadh US Embassy Attack

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

मार्च 4, 2026

Riyadh US Embassy Attack:  मिडिल ईस्ट में भू-राजनीतिक तनाव अब एक खतरनाक मोड़ पर पहुँच गया है। सऊदी अरब की राजधानी रियाद में स्थित अमेरिकी दूतावास पर ड्रोन हमले की सनसनीखेज खबर सामने आई है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, सोमवार को एक ईरानी ड्रोन ने दूतावास परिसर के भीतर स्थित सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी (CIA) के स्टेशन को निशाना बनाने का प्रयास किया। हालांकि, अभी तक यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि ड्रोन का सटीक लक्ष्य सीआईए स्टेशन ही था या नहीं। इस संवेदनशील मामले पर सीआईए ने आधिकारिक तौर पर फिलहाल कोई भी टिप्पणी करने से साफ इनकार कर दिया है।

जवाबी कार्रवाई और सैन्य गतिविधियां: ईरान और इजराइल के बीच टकराव

यह हमला उस समय हुआ है जब शनिवार को अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद पूरे क्षेत्र में सैन्य हलचल चरम पर है। सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की है कि रियाद स्थित दूतावास पर दो ड्रोन से हमला किया गया। इस हमले के कारण परिसर में मामूली आग लग गई और कुछ संपत्ति को नुकसान पहुँचा है। सुरक्षा स्थिति को देखते हुए, सऊदी अरब में तैनात अमेरिकी बलों ने तत्काल प्रभाव से ‘सुरक्षा अलर्ट’ जारी किया है और सभी अमेरिकी नागरिकों को दूतावास से दूर रहने की हिदायत दी गई है। इसके साथ ही मंगलवार को होने वाले सभी रूटीन और इमरजेंसी अपॉइंटमेंट रद्द कर दिए गए हैं।

दूतावास को संरचनात्मक नुकसान: धुआं और मलबे की मार

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस ड्रोन हमले का प्रभाव काफी गंभीर रहा है। हमले की तीव्रता के कारण दूतावास की छत का एक हिस्सा ढह गया और अंदरुनी हिस्सा धुएं से भर गया। दूतावास को महत्वपूर्ण स्ट्रक्चरल डैमेज (संरचनात्मक क्षति) हुई है, जिसके कारण कर्मचारी अभी भी परिसर के भीतर सुरक्षित स्थानों पर शरण लिए हुए हैं। विशेष रूप से चिंता सीआईए स्टेशन को लेकर है, जो इस विशाल एम्बेसी की सबसे ऊपरी मंजिल पर स्थित है। सुरक्षा कारणों से केवल रियाद ही नहीं, बल्कि लेबनान और कुवैत में भी अमेरिकी दूतावासों को मंगलवार से बंद कर दिया गया है।

ऐतिहासिक दुश्मनी: ईरान और CIA के बीच पुराना विवाद

भले ही यह हमला सीआईए की उपस्थिति के लिए एक भौतिक झटका हो, लेकिन राजनीतिक रूप से यह ईरानी सरकार के लिए प्रतीकात्मक जीत जैसा है। ईरान लंबे समय से सीआईए को अपना सबसे बड़ा दुश्मन मानता आया है। इस दुश्मनी की जड़ें 1953 के सैन्य तख्तापलट में छिपी हैं, जहाँ वाशिंगटन ने ईरान के लोकतांत्रिक रूप से चुने गए प्रधानमंत्री को हटाने में गुप्त रूप से मदद की थी। वर्तमान हमलों को इसी ऐतिहासिक प्रतिशोध और हालिया सैन्य तनाव के विस्तार के रूप में देखा जा रहा है।

मिसाइल और UAV का बढ़ता खतरा: नागरिकों के लिए सुरक्षा अलर्ट

अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि धहरान के ऊपर अभी भी मिसाइल और UAV (मानवरहित विमान) हमलों का खतरा मंडरा रहा है। वहां स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास (Consulate) में लोगों को न आने की सलाह दी गई है। अधिकारियों का मानना है कि स्थिति सामान्य होने में अभी वक्त लगेगा। खुफिया रिपोर्टों में यह भी संकेत दिया गया है कि ईरान दोबारा सीआईए स्टेशन को निशाना बना सकता है, जिसके कारण सुरक्षा घेरा और कड़ा कर दिया गया है।

मक्का-मदीना से ईरानियों की वापसी: युद्ध की आहट?

बढ़ते युद्ध के खतरे के बीच, ईरान ने सऊदी अरब के पवित्र शहरों मक्का और मदीना में रह रहे अपने लगभग 9,000 नागरिकों को तुरंत स्वदेश लौटने का निर्देश दिया है। सऊदी अरब को अंदेशा है कि ईरान किसी भी वक्त उस पर सीधा हमला कर सकता है। वर्तमान में, अमेरिकी और सऊदी अरब की सेनाएं मिलकर ईरानी खतरों को विफल करने के लिए समन्वय कर रही हैं। हालांकि सऊदी सेना अलर्ट पर है, लेकिन फिलहाल ईरानी हमलों को रोकने की मुख्य जिम्मेदारी अमेरिकी जवान संभाल रहे हैं।

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