Riyadh Airport Attack : सऊदी अरब की राजधानी रियाद स्थित किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए हमलों की भारत ने कड़ी निंदा की है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने 11 अक्टूबर 2026 को जारी बयान में कहा कि पिछले कुछ दिनों के दौरान एयरपोर्ट को बार-बार निशाना बनाया गया है। इसमें 10 अक्टूबर को हुआ हमला भी शामिल है। मंत्रालय ने नागरिकों और नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमलों को अस्वीकार्य बताते हुए इन्हें तत्काल रोकने की मांग की।
विदेश मंत्रालय ने मृतकों के परिवारों के प्रति जताई संवेदना
विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि रियाद एयरपोर्ट पर हुए हमलों में लोगों की जान गई और कई अन्य घायल हुए। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की तथा घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। भारत ने स्पष्ट किया कि नागरिक ठिकानों को निशाना बनाना गंभीर चिंता का विषय है और ऐसे हमलों को तुरंत बंद किया जाना चाहिए।

सऊदी अरब के साथ खड़ा है भारत
भारत ने कहा कि वह अपनी संप्रभुता की रक्षा के प्रयासों में सऊदी अरब की सरकार और जनता के साथ एकजुटता से खड़ा है। विदेश मंत्रालय ने क्षेत्र में जल्द शांति और सामान्य स्थिति बहाल होने की उम्मीद भी जताई। भारत का यह बयान ऐसे समय आया है, जब रियाद एयरपोर्ट पर लगातार हमलों की खबरों के बाद क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
हमले में जानमाल के नुकसान की खबर
उपलब्ध विवरण के मुताबिक, सऊदी एविएशन अथॉरिटी GACA ने हमले में 12 लोगों की मौत और 309 लोगों के घायल होने की जानकारी दी है। मृतकों में सऊदी अरब, बांग्लादेश, अमेरिका, मिस्र, जॉर्डन, सीरिया, फिलिस्तीन और सूडान के नागरिक शामिल बताए गए हैं। हालांकि, मृतकों की राष्ट्रीयता और हताहतों की संख्या से संबंधित विवरणों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।

हूती विद्रोहियों ने जिम्मेदारी लेने का दावा किया
रिपोर्ट के अनुसार, ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है। इस घटना को सऊदी अरब के खिलाफ उनके अभियान में बढ़ोतरी के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, हमले के पीछे की परिस्थितियों और जिम्मेदारी से जुड़े दावों की पुष्टि के लिए स्वतंत्र तथा आधिकारिक जानकारी महत्वपूर्ण होगी।
सुरक्षा व्यवस्था और चेतावनी प्रणाली पर उठे सवाल
बताया गया है कि हमले से पहले कोई चेतावनी जारी नहीं की गई थी और सऊदी अरब की अलर्ट प्रणाली से भी चेतावनी मिलने की जानकारी सामने नहीं आई। यदि इसकी पुष्टि होती है, तो एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन चेतावनी तंत्र को लेकर सवाल उठ सकते हैं। फिलहाल घटना की पूरी परिस्थितियों और सुरक्षा संबंधी दावों की पुष्टि के लिए आधिकारिक जांच तथा विश्वसनीय रिपोर्टों का इंतजार जरूरी है।
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