डेंगू के बढ़ते खतरे से अमृतसर में चिंता, स्वास्थ्य विभाग ने जारी की चेतावनी

अमृतसर. बरसाती मौसम से पहले ही अमृतसर में डेंगू के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग एक्शन मोड में आ गया है। पंजाब सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत सिविल सर्जन डॉ. सतिंदरजीत सिंह बजाज द्वारा “हर शुक्रवार डेंगू ते वार” मुहिम की शुरूआत करते हुए टीमों को शहर के विभिन्न हाट-स्पॉट क्षेत्रों की ओर रवाना किया गया। ये टीमें शहर के संवेदनशील क्षेत्रों में एंटी लारवा गतिविधियों, फॉगिंग, स्प्रे के साथ-साथ लोगो को जागरूक भी करेंगी। स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्पष्ट किया गया है कि जून माह में डेंगू का डंक गंभीर रूप धारण कर सकता है इसलिए मई माह से

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Published On :

मई 16, 2026

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अमृतसर.

बरसाती मौसम से पहले ही अमृतसर में डेंगू के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग एक्शन मोड में आ गया है। पंजाब सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत सिविल सर्जन डॉ. सतिंदरजीत सिंह बजाज द्वारा “हर शुक्रवार डेंगू ते वार” मुहिम की शुरूआत करते हुए टीमों को शहर के विभिन्न हाट-स्पॉट क्षेत्रों की ओर रवाना किया गया।

ये टीमें शहर के संवेदनशील क्षेत्रों में एंटी लारवा गतिविधियों, फॉगिंग, स्प्रे के साथ-साथ लोगो को जागरूक भी करेंगी। स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्पष्ट किया गया है कि जून माह में डेंगू का डंक गंभीर रूप धारण कर सकता है इसलिए मई माह से ही तैयारियां तेज कर ली गई हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा कि बारिश के दौरान पानी जमा होना आम बात है लेकिन यही स्थान मच्छरों के पनपने के केंद्र बन जाते हैं। यदि लोगों ने सावधानी नहीं बरती तो हालात बिगड़ सकते हैं। इसलिए हर घर की जिम्मेदारी बनती है कि कूलरों, टंकियों, गमलों और छतों पर पड़े बेकार सामान में पानी जमा न होने दिया जाए।

डेंगू के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत इलाज करवाएं : डॉ. हरजोत कौर
जिला एपिडैमियोलॉजिस्ट डॉ. हरजोत कौर ने बताया कि डेंगू एक वायरल बुखार है जो एडीज एजिप्टी मच्छर के काटने से फैलता है। इसके लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, आंखों के पीछे दर्द, उल्टियां तथा नाक या मसूड़ों से खून आना शामिल हैं। उन्होंने कहा कि डेंगू के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत सरकारी अस्पताल में मुफ्त जांच और इलाज करवाना चाहिए।

पिछले वर्ष जिले में आए थे डेंगू के 69 मामले
पिछले वर्ष जिले में डेंगू के 69 मामले सामने आए थे और 11 स्थानों को हॉटस्पॉट घोषित किया गया था। इस बार स्वास्थ्य विभाग किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतना चाहता। इससे पहले आशा वर्करों और पैरामैडीकल स्टाफ को विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया ताकि जमीनी स्तर पर अभियान को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।

डेंगू से बचाव के लिए क्या करें?
– कूलर, टंकी और गमलों में पानी जमा न होने दें।
– सप्ताह में एक दिन पानी वाले बर्तनों की सफाई करें।
– पूरी बाजू वाले कपड़े पहनें।
– मच्छर भगाने वाली क्रीम का इस्तेमाल करें।

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