Rishabh Pant Captaincy : इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के सीजन में लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) का सफर खत्म होते ही फ्रेंचाइजी के भीतर एक बड़े प्रशासनिक और रणनीतिक फेरबदल की सुगबुगाहट तेज हो गई है। लगातार दूसरे साल टीम के बेहद खराब प्रदर्शन के बाद अब सबसे बड़ा संकट कप्तानी को लेकर खड़ा हो गया है। टीम मैनेजमेंट द्वारा दिए गए हालिया बयानों से साफ संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले दिनों में फ्रेंचाइजी कुछ कड़े और चौंकाने वाले फैसले ले सकती है, जिसकी सबसे गाज मौजूदा कप्तान ऋषभ पंत पर गिरने की पूरी संभावना है। पंजाब किंग्स के खिलाफ मिली करारी शिकस्त के बाद टीम के ग्लोबल डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट टॉम मूडी ने खुले तौर पर स्वीकार किया कि अब टीम को पूरी तरह से ‘रीसेट’ करने का समय आ गया है और कप्तानी सहित हर एक विभाग की बारीकी से समीक्षा की जाएगी।
पॉइंट्स टेबल में शर्मनाक स्थान और पंत का कप्तानी रिकॉर्ड
आईपीएल 2026 में लखनऊ सुपर जायंट्स का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक और उम्मीदों के विपरीत रहा, जिसके चलते टीम अंक तालिका (Points Table) में सबसे निचले दो स्थानों में शुमार रही। इससे पहले साल 2025 के सीजन में भी टीम सातवें पायदान पर रही थी। अगर आंकड़ों पर नजर डालें तो ऋषभ पंत की कप्तानी में लखनऊ की टीम ने अब तक कुल 28 मुकाबले खेले हैं, जिनमें से उन्हें सिर्फ 10 मैचों में सफलता मिली है, जबकि 18 मैचों में शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा है। टॉम मूडी का मानना है कि लीडरशिप के इस भारी दबाव का सीधा असर पंत की व्यक्तिगत बल्लेबाजी पर भी पड़ रहा है, जिससे टीम का संतुलन पूरी तरह बिगड़ गया।
टॉम मूडी का कड़ा बयान और भविष्य की नई रूपरेखा
पंजाब किंग्स से मिली हार के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में टॉम मूडी ने कहा कि कप्तानी का जिम्मा पंत के लिए काफी चुनौतीपूर्ण साबित हुआ है और मैदान पर मिले नतीजे इस बात का साफ प्रमाण हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि टीम मैनेजमेंट किसी एक व्यक्तिगत खिलाड़ी को इस नाकामी के लिए दोषी नहीं ठहरा रहा है, लेकिन भविष्य को ध्यान में रखते हुए नेतृत्व परिवर्तन जैसे कड़े कदम उठाए जा सकते हैं। मूडी के अनुसार, फ्रेंचाइजी अपनी लीडरशिप के विषय पर बहुत गंभीरता से विचार कर रही है और हर विभाग का आकलन करने के बाद एक नए सिरे से शुरुआत करने की रूपरेखा तैयार की जाएगी।
लगातार दो सीजन से बल्ले से भी पूरी तरह फ्लॉप रहे पंत
ऋषभ पंत न केवल अपनी कप्तानी बल्कि अपनी मुख्य भूमिका यानी बल्लेबाजी में भी फ्रेंचाइजी की उम्मीदों पर खरे उतरने में नाकाम रहे हैं। दिल्ली कैपिटल्स के लिए साल 2018 और 2019 में अपनी विस्फोटक और आक्रामक बल्लेबाजी से तहलका मचाने वाले पंत, लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए पिछले दो सीजन में मिलकर महज 581 रन ही बना सके हैं। इस निराशाजनक प्रदर्शन के दौरान उनका बल्लेबाजी स्ट्राइक रेट और औसत दोनों ही उनके सुनहरे करियर रिकॉर्ड की तुलना में काफी नीचे गिर गए हैं, जिसने टीम थिंक-टैंक की चिंताओं को और ज्यादा बढ़ा दिया है।
मैनेजमेंट का हस्तक्षेप और केएल राहुल जैसा विवादित अंत
इस सीजन के दौरान खुद ऋषभ पंत ने भी इशारों-इशारों में यह संकेत दिया था कि टीम के लीडरशिप ग्रुप और मैनेजमेंट में बहुत अधिक लोगों का दखल है, जिससे मैदान पर स्वतंत्र फैसले लेने में काफी दिक्कतें आ रही हैं। वहीं दूसरी ओर, टीम के हेड कोच जस्टिन लैंगर भी सीजन के अंतिम मैच के बाद पंत के लचर प्रदर्शन पर अपनी गहरी निराशा व्यक्त कर चुके हैं। यदि आगामी सीजन से पहले ऋषभ पंत को कप्तानी से बेदखल किया जाता है, तो लखनऊ सुपर जायंट्स में किसी कप्तान का यह पहला विवादित अंत नहीं होगा। इससे पहले पूर्व कप्तान केएल राहुल ने भी टीम का साथ छोड़ने के बाद फ्रेंचाइजी के आंतरिक माहौल को लेकर अपनी अप्रत्यक्ष नाराजगी जाहिर की थी। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आईपीएल 2027 के मेगा ऑक्शन से पहले लखनऊ की टीम क्या नया रुख अपनाती है।
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