Reza Pahlavi Statement: ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबरों के बीच, निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी ने एक अत्यंत शक्तिशाली और ऐतिहासिक बयान जारी किया है। पहलवी ने इस घटनाक्रम को महज एक नेता की मृत्यु नहीं, बल्कि ईरान में दशकों से चले आ रहे इस्लामी गणराज्य के दमनकारी शासन के अंत की शुरुआत बताया है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से ईरानी जनता को संबोधित करते हुए कहा कि अब वह समय आ गया है जब देश के हर नागरिक को एकजुट होकर अपने भविष्य का फैसला स्वयं करना चाहिए। पहलवी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब तेहरान की सड़कों से लेकर वैश्विक मंचों तक ईरान के भविष्य को लेकर भारी अनिश्चितता बनी हुई है।
तानाशाह के युग का समापन: ‘इतिहास के कूड़ेदान में जाएगा यह शासन’
रजा पहलवी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर अपनी पोस्ट में खामेनेई को आधुनिक इतिहास का सबसे “खूंखार तानाशाह” करार दिया है। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि खामेनेई ईरान के उन बहादुर बेटे-बेटियों के असली हत्यारे थे, जिन्होंने आजादी की मांग की थी। पहलवी के अनुसार, खामेनेई की मौत के साथ ही इस दमनकारी व्यवस्था की नींव हिल चुकी है और अब इसे “इतिहास के कूड़ेदान” में जाने से कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने शासन के वफादारों को चेतावनी दी कि किसी भी नए उत्तराधिकारी की नियुक्ति को जनता स्वीकार नहीं करेगी, क्योंकि अब इस सत्ता की कोई कानूनी या नैतिक वैधता शेष नहीं रह गई है।
सुरक्षाबलों और सेना से भावुक अपील: ‘राष्ट्र के साथ खड़े होने का आखिरी मौका’
क्राउन प्रिंस ने ईरानी सेना और सुरक्षाबलों (IRGC) को सीधे संबोधित करते हुए एक बहुत ही महत्वपूर्ण कूटनीतिक अपील की है। उन्होंने कहा कि गिरते हुए शासन को बचाने के लिए निर्दोष नागरिकों पर बल प्रयोग करना अब व्यर्थ साबित होगा। पहलवी ने सुरक्षा बलों से आग्रह किया कि वे अपनी छवि सुधारने और एक स्वतंत्र, समृद्ध ईरान के शांतिपूर्ण निर्माण में जनता की मदद करें। उन्होंने इसे सेना के लिए ‘अंतिम अवसर’ बताया कि वे सत्ता के बजाय राष्ट्र के साथ खड़े हों, ताकि देश को किसी बड़े गृहयुद्ध या अनावश्यक खून-खराबे से बचाया जा सके।
पीड़ित परिवारों के लिए न्याय: ‘राष्ट्रीय उत्सव की होगी वास्तविक शुरुआत’
पहलवी ने अपने संदेश में उन परिवारों का विशेष जिक्र किया जिन्होंने पिछले चार दशकों में शासन की क्रूरता के कारण अपने प्रियजनों को खोया है। उन्होंने कहा कि खामेनेई का जाना उन गहरे जख्मों पर मरहम का काम करेगा जो इस शासन ने ईरानी समाज को दिए हैं। उनकी भविष्यवाणी है कि यह घटना ईरान के लिए एक “महान राष्ट्रीय उत्सव” की शुरुआत साबित होगी। क्राउन प्रिंस का मानना है कि अब ईरान एक ऐसे मोड़ पर खड़ा है जहाँ से वह अपनी पुरानी गरिमा को पुनः प्राप्त कर सकता है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय में एक जिम्मेदार राष्ट्र के रूप में वापसी कर सकता है।
वैश्विक नजरें और ईरान का भविष्य: बदलाव की आहट तेज
रजा पहलवी के इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल तेज कर दी है। पूरी दुनिया अब ईरान के आंतरिक हालातों को बहुत बारीकी से देख रही है। पहलवी का आह्वान न केवल ईरान के भीतर मौजूद विरोध प्रदर्शनों को नई ऊर्जा दे सकता है, बल्कि यह विदेशों में रह रहे ईरानी समुदाय को भी एक साझा मंच पर लाने का काम कर रहा है। आने वाले कुछ दिन यह तय करेंगे कि क्या ईरान वास्तव में पहलवी की उम्मीदों के अनुरूप एक नए लोकतांत्रिक युग की ओर कदम बढ़ाएगा या सत्ता संघर्ष का नया दौर शुरू होगा।










