धार्मिक विवाद: गंगोत्री में गैर हिंदुओं पर प्रतिबंध, इमाम ने दी ठोस वजह

देहरादून उत्तराखंड के प्रमुख तीर्थस्थलों बद्रीनाथ, केदारनाथ और गंगोत्री में अब गैर-हिंदुओं का प्रवेश वर्जित करने की तैयारी है। बद्रीनाथ, केदारनाथ मंदिर समिति ने सभी हितधारकों के साथ इस पर सहमति बना ली है। जल्द ही बोर्ड की बैठक में इसे औपचारिक रूप दिया जाएगा। गंगोत्री मंदिर समिति ने निर्णय कर लिया है। हालांकि सनातन धर्म में आस्था रखने वालों का स्वागत जारी रहेगा। इस घटनाक्रम पर मुस्लिम उलेमा की अलग-अलग राय सामने आई है। मुस्लिमों का वहां कोई काम नहीं ऑल इंडिया इमाम ऑर्गनाइजेशन के चीफ इमाम डॉ. इमाम उमर अहमद इलियासी ने कहा कि यह धर्म और आस्था

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Published On :

जनवरी 27, 2026

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देहरादून
उत्तराखंड के प्रमुख तीर्थस्थलों बद्रीनाथ, केदारनाथ और गंगोत्री में अब गैर-हिंदुओं का प्रवेश वर्जित करने की तैयारी है। बद्रीनाथ, केदारनाथ मंदिर समिति ने सभी हितधारकों के साथ इस पर सहमति बना ली है। जल्द ही बोर्ड की बैठक में इसे औपचारिक रूप दिया जाएगा। गंगोत्री मंदिर समिति ने निर्णय कर लिया है। हालांकि सनातन धर्म में आस्था रखने वालों का स्वागत जारी रहेगा। इस घटनाक्रम पर मुस्लिम उलेमा की अलग-अलग राय सामने आई है।

मुस्लिमों का वहां कोई काम नहीं
ऑल इंडिया इमाम ऑर्गनाइजेशन के चीफ इमाम डॉ. इमाम उमर अहमद इलियासी ने कहा कि यह धर्म और आस्था का विषय है। यदि मंदिर कमेटी यह तय करती है कि गैर-हिंदू अंदर नहीं आ सकते हैं तो इस फैसले पर किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए। हर जगह के अपने नियम होते हैं। वैसे भी मुस्लिमों का गंगोत्री में कोई काम नहीं है। ऐसे में यदि कोई मुस्लिम वहां जाता है तो इससे टकराव होगा।

मक्का और मदीना में भी तो ऐसे ही नियम
डॉ. इमाम उमर अहमद इलियासी ने आगे कहा कि मुसलमानों को दूसरे धर्मों की पवित्र जगहों पर जाने से परहेज करना चाहिए। खासकर जिन जगहों पर हिन्दुओं की आस्था और सनातन का विषय है तो वहां से मुसलमानों को बचना बेहतर है। हमारे यहां मक्का और मदीना में भी गैर-मुसलमानों के प्रवेश की इजाजत नहीं है। यह वहां का नियम है। इस पर भी तो किसी को आपत्ति नहीं है।

पवित्र जगहों के अपने नियम कायदे
डॉ. इमाम उमर अहमद इलियासी ने तिरुपति बाला जी मंदिर में भी यही नियम हैं। इसी तरह अन्य धर्म स्थल हैं जहां गैर समुदाय के लोगों के जाने की मनाही है। सभी पवित्र जगहों के अपने नियम कायदे हैं। यह आस्था का विषय है। इसमें किसी को कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। इस पर कोई राजनीति भी नहीं की जानी चाहिए। सभी को दूसरे धर्मों के पवित्र स्थलों के नियम कायदों का पालन करना चाहिए।

गैर हिंदुओं का प्रवेश रोकने का फैसला
बता दें कि बद्रीनाथ, केदारनाथ और गंगोत्री में गैर हिंदुओं का प्रवेश वर्जित हो जाएगा। इस मुद्दे पर बद्रीनाथ और केदारनाथ मंदिर समिति ने आम सहमति बना ली है। प्रस्ताव अब बोर्ड की बैठक में रखा जाएगा। वहीं गंगोत्री मंदिर समिति ने पूरी तरह निर्णय कर लिया है। यमुनोत्री मंदिर समिति का फैसला अभी नहीं आया है। वहीं हरिद्वार में हर की पौड़ी का प्रबंधन करने वाली संस्था गंगा सभा ने भी गैर हिंदुओं के प्रवेश को वर्जित किए जाने की मांग की है।

सियासत गर्म, कांग्रेस ने किया विरोध, भड़के इमरान मसूद
इस प्रकरण पर सियासत गर्म है। उत्तराखंड सरकार ने कहा है कि मंदिर समितियों की बात सुनने के बाद उक्त मुद्दे पर फैसला लेगी। वहीं फैसले का कांग्रेस नेता विरोध कर रहे हैं। उत्तराखंड कांग्रेस ने कहा है कि प्रदेश की भाजपा सरकार जनसमस्याओं से ध्यान हटाने के लिए इस प्रकार के काम कर रही है। वहीं कांग्रेस के स्थानीय सांसद इमरान मसूद ने कहा कि गंगोत्री धाम हिंदुओं का पवित्र स्थल है वहां पहले से कोई मुसलमान नहीं जाता है लेकिन पहचान साबित करने जैसी शर्तें लगाकर समाज में जहर धोला जा रहा है।

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