जनता को राहत: FIR डाउनलोड मुफ्त, पंजाब सरकार ने वापस लिया फीस का फैसला

चंडीगढ़. पंजाब सांझ पोर्टल से एफआईआर डाउनलोड करने के लिए अब लोगों को कोई शुल्क नहीं देना होगा। पंजाब सरकार ने अपना फैसला वापिस ले लिया है। पहले एफआईआर डाउनलोड करने के लिए सरकार ने 80 रुपये शुल्क लगाने का फैसला लिया था। इसके बाद यह मामले हाईकोर्ट भी चला गया था। काउंसिल ऑफ लॉयर्स के चेयरमैन एडवोकेट वासु रंजन शांडिल्य एवं नेशनल कोऑर्डिनेटर एडवोकेट अभिषेक मल्होत्रा ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर करते हुए सांझ पोर्टल से एफआईआर डाउनलोड पर शुल्क लगाने को चुनौती दी थी। याचिका में नीति को रद्द करने, एफआईआर व डीडीआर की मुफ्त डिजिटल

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Published On :

मार्च 27, 2026

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चंडीगढ़.

पंजाब सांझ पोर्टल से एफआईआर डाउनलोड करने के लिए अब लोगों को कोई शुल्क नहीं देना होगा। पंजाब सरकार ने अपना फैसला वापिस ले लिया है। पहले एफआईआर डाउनलोड करने के लिए सरकार ने 80 रुपये शुल्क लगाने का फैसला लिया था। इसके बाद यह मामले हाईकोर्ट भी चला गया था।

काउंसिल ऑफ लॉयर्स के चेयरमैन एडवोकेट वासु रंजन शांडिल्य एवं नेशनल कोऑर्डिनेटर एडवोकेट अभिषेक मल्होत्रा ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर करते हुए सांझ पोर्टल से एफआईआर डाउनलोड पर शुल्क लगाने को चुनौती दी थी। याचिका में नीति को रद्द करने, एफआईआर व डीडीआर की मुफ्त डिजिटल पहुंच बहाल करने और याचिकाकर्ता से अवैध रूप से वसूली गई राशि को ब्याज सहित वापस करने की मांग की गई थी।

याचिका में कहा गया है कि इस प्रकार शुल्क लगाना भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 173(2) का स्पष्ट उल्लंघन है जिसमें एफआईआर की प्रति नि:शुल्क प्रदान करने का प्रावधान है। इसके अतिरिक्त यह पंजाब पुलिस नियम एफआईआर की कॉपी बिना किसी शुल्क के देने की व्यवस्था करता है। याचिका में सुप्रीम कोर्ट के महत्वपूर्ण निर्णय का भी हवाला दिया है, जिसमें एफआईआर की मुफ्त और आसान उपलब्धता पर जोर दिया गया था ताकि आपराधिक न्याय प्रणाली में पारदर्शिता बनी रहे।

याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया है कि एफआईआर तक पहुंच के लिए शुल्क लेना आम जनता के लिए एक अनुचित बाधा है और यह संविधान के तहत प्राप्त मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। याचिका में नीति को रद्द करने, एफआईआर व डीडीआर की मुफ्त डिजिटल पहुंच बहाल करने और याचिकाकर्ता से अवैध रूप से वसूली गई राशि को ब्याज सहित वापस करने की मांग की गई थी।

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