औद्योगिक विकास के लिए भरोसेमंद बिजली आपूर्ति सरकार की प्राथमिकता

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास की गति तेज करने को लेकर योगी आदित्यनाथ सरकार ने ऊर्जा क्षेत्र को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल किया है। भरोसेमंद, सस्ती और निर्बाध बिजली आपूर्ति, निवेश और रोजगार के लक्ष्य को प्राप्त करने में बड़ी भूमिका निभाती है। इसी सोच के अंतर्गत प्रदेश में बिजली उत्पादन, ट्रांसमिशन और वितरण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए व्यापक स्तर पर सुधार लागू किए गए हैं। प्रदेश सरकार का लक्ष्य उत्तर प्रदेश को मैन्युफैक्चरिंग और निवेश का प्रमुख केंद्र बनाना है। औद्योगिक विकास के लिए 24 घंटे अबाधित बिजली आपूर्ति को सुनिश्चित करना प्रमुख लक्ष्य है।

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Published On :

जनवरी 29, 2026

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लखनऊ.
उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास की गति तेज करने को लेकर योगी आदित्यनाथ सरकार ने ऊर्जा क्षेत्र को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल किया है। भरोसेमंद, सस्ती और निर्बाध बिजली आपूर्ति, निवेश और रोजगार के लक्ष्य को प्राप्त करने में बड़ी भूमिका निभाती है। इसी सोच के अंतर्गत प्रदेश में बिजली उत्पादन, ट्रांसमिशन और वितरण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए व्यापक स्तर पर सुधार लागू किए गए हैं। प्रदेश सरकार का लक्ष्य उत्तर प्रदेश को मैन्युफैक्चरिंग और निवेश का प्रमुख केंद्र बनाना है।

औद्योगिक विकास के लिए 24 घंटे अबाधित बिजली आपूर्ति को सुनिश्चित करना प्रमुख लक्ष्य है। बीते वर्षों में नए पावर प्लांट की स्थापना, ट्रांसमिशन नेटवर्क के विस्तार और सब स्टेशनों के निर्माण से बिजली व्यवस्था में सुधार हुआ है। औद्योगिक क्षेत्रों और एक्सप्रेस-वे कॉरिडोर के आसपास बिजली अवसंरचना को विशेष रूप से मजबूत किया गया है, ताकि उद्योगों को निर्बाध आपूर्ति मिल सके और उत्पादन प्रभावित न हो।  प्रदेश में निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए वर्ष 2017  से  नवंबर, 2025 के मध्य तक 15,87,369 डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर स्थापित किये जा चुके हैं। 33/11 केवी क्षमता वाले 765  नए सब स्टेशन बनाये गए। 2,455  पुराने विद्युत् उपकेन्द्रों की क्षमता बढ़ाई गई है।

कम लागत की बिजली को प्रदेश की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने का अहम साधन माना जा रहा है। सरकार का कहना है कि सस्ती बिजली मिलने से उद्योगों की उत्पादन लागत घटेगी, जिससे वे घरेलू और वैश्विक बाजार में बेहतर तरीके से प्रतिस्पर्धा कर सकेंगे। इसी को ध्यान में रखते हुए औद्योगिक नीतियों में ऊर्जा लागत को नियंत्रण में रखने पर जोर दिया गया है। निवेशकों को स्थिर दरों पर पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराने का भरोसा दिया जा रहा है।

ऊर्जा क्षेत्र में किए गए सुधारों का असर निवेश माहौल पर भी दिखाई दे रहा है। बेहतर बिजली आपूर्ति के कारण मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स और सर्विस सेक्टर में नए निवेश प्रस्ताव सामने आ रहे हैं। औद्योगिक इकाइयों का मानना है कि स्थिर बिजली आपूर्ति से उत्पादन की निरंतरता बनी रहती है, जिससे परियोजनाओं की समयसीमा और लागत दोनों नियंत्रित रहती हैं। योगी सरकार के द्वारा औद्योगिक इकाइयों के विस्तार को लेकर उठाये जा रहे कदमों से प्रदेश में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे। सस्ती और निर्बाध बिजली से फैक्ट्रियों का संचालन आसान होगा और नई इकाइयों की स्थापना को प्रोत्साहन मिलेगा। इससे युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे। रोजगार सृजन को सरकार की आर्थिक रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें ऊर्जा व्यवस्था को मजबूत आधार के रूप में देखा जा रहा है।

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