Bengal: पश्चिम बंगाल के आगामी चुनावों से पहले देश का राजनीतिक पारा चढ़ गया है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रविवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने राज्य के विकास में बाधा डालने और महिला सुरक्षा के मुद्दे पर दीदी को आड़े हाथों लिया।
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बंगाल के विकास में बाधा का आरोप
रेखा गुप्ता ने अपने संबोधन की शुरुआत सीधे वित्तीय आरोपों से की। उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार द्वारा बंगाल की प्रगति के लिए “लाखों करोड़ रुपये” भेजे गए, लेकिन यह पैसा जनता तक नहीं पहुँचा। उन्होंने सवाल उठाया कि जब यह पैसा जनता का है, तो राज्य सरकार इसे बीच में रोकने वाली कौन होती है? गुप्ता ने कहा कि विकास की राह में रोड़े अटकाना बंगाल के गरीबों के साथ अन्याय है।
सत्ता परिवर्तन का आह्वान
विपक्ष पर तंज कसते हुए दिल्ली की सीएम ने दिल्ली और बंगाल के राजनीतिक समीकरणों की तुलना की। उन्होंने ‘भैया’ (पूर्व विपक्षी नेताओं) के जाने का जिक्र करते हुए कहा कि अब बंगाल में भी बदलाव का समय आ गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी सरकार केवल योजनाओं पर अपना नाम चाहती है, जबकि धरातल पर बंगाल का नागरिक आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहा है।
महिला सुरक्षा पर प्रहार
महिला मुख्यमंत्री होने के बावजूद राज्य में महिलाओं की असुरक्षा को रेखा गुप्ता ने सबसे बड़ा मुद्दा बनाया। उन्होंने RG कार मेडिकल कॉलेज की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि जिस धरती पर महिला सीएम हो, वहां बेटियों के साथ ऐसा बर्ताव शर्मनाक है। उन्होंने कटाक्ष किया कि बंगाल जैसी स्थिति, जहाँ महिलाओं की गरिमा सुरक्षित नहीं है, शायद ही दुनिया में कहीं और देखने को मिले।
आतंकवाद और तुष्टिकरण की राजनीति
मीडिया से बात करते हुए रेखा गुप्ता ने ममता बनर्जी पर तीखा हमला तेज कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि बंगाल की सत्ता वर्तमान में आतंकवाद, गुंडागर्दी और लालच की राजनीति के दम पर टिकी है। गुप्ता ने दावा किया कि मुख्यमंत्री अपनी राजनीतिक जमीन बचाने के लिए ‘घुसपैठियों’ का सहारा ले रही हैं और जनता की असली आवाज को दबाने का प्रयास कर रही हैं।
चुनावी रणभेरी और पलटवार
इस सियासी हमले से पहले, 21 फरवरी को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी केंद्र पर निशाना साधा था। उन्होंने प्रवासी मजदूरों का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि अन्य राज्यों में केवल बांग्ला बोलने के कारण बंगाल के मजदूरों को प्रताड़ित किया जा रहा है। ममता बनर्जी ने इसे बंगाल की अस्मिता पर हमला करार दिया था। दोनों ओर से बढ़ती इस बयानबाजी ने बंगाल के आगामी चुनावों को बेहद दिलचस्प बना दिया है।
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