Rare Earth Corridor: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज 1 फरवरी 2026 को संसद में वित्तीय वर्ष 2026-27 का आम बजट पेश किया। इस बजट में पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, पुडुचेरी और केरल जैसे राज्यों के लिए विशेष परियोजनाओं का पिटारा खोला गया है, जहाँ आने वाले महीनों में विधानसभा चुनाव होने हैं। वित्त मंत्री ने इन राज्यों की आर्थिक तस्वीर बदलने के लिए बड़े कनेक्टिविटी और इंडस्ट्रियल प्रोजेक्ट्स की घोषणा की है। चुनाव पूर्व इस बजट को ‘विकास और राजनीति’ का संतुलित मेल माना जा रहा है, जिसमें दक्षिण और पूर्वी भारत के राज्यों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर सर्वाधिक ध्यान केंद्रित किया गया है।
चीन को चुनौती: तमिलनाडु और केरल में ‘रेयर अर्थ कॉरिडोर’ की घोषणा
तकनीकी और रणनीतिक क्षेत्र में चीन पर भारत की निर्भरता को समाप्त करने की दिशा में सरकार ने ऐतिहासिक कदम उठाया है। निर्मला सीतारमण ने तमिलनाडु, केरल, ओडिशा और आंध्र प्रदेश को मिलाकर एक ‘डेडिकेटेड रेयर अर्थ कॉरिडोर’ बनाने का प्रस्ताव रखा है। यह कॉरिडोर इन राज्यों में प्रचुर मात्रा में उपलब्ध दुर्लभ खनिजों (Rare Earth Minerals) के खनन, प्रोसेसिंग और रिसर्च का मुख्य केंद्र बनेगा। वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि नवंबर 2025 में शुरू की गई ‘परमानेंट मैग्नेट स्कीम’ को अब इन गलियारों के माध्यम से नई ऊंचाई दी जाएगी, जिससे भारत रक्षा और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सकेगा।
रेलवे का नया चेहरा: वाराणसी से सिलीगुड़ी और 7 हाई-स्पीड कॉरिडोर
भारतीय रेलवे को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप ढालने के लिए बजट में 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का खाका पेश किया गया है। इसमें सबसे महत्वपूर्ण प्रस्ताव वाराणसी से सिलीगुड़ी रेल कॉरिडोर का है, जो उत्तर भारत को पूर्वोत्तर के प्रवेश द्वार से जोड़ेगा। इसके अलावा, पुणे-मुंबई, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-बेंगलुरु, बेंगलुरु-चेन्नई, हैदराबाद-चेन्नई और दिल्ली-वाराणसी जैसे रूटों को ‘ग्रोथ कनेक्टर’ के रूप में विकसित किया जाएगा। इन कॉरिडोर का उद्देश्य टियर-2 और टियर-3 शहरों को महानगरों से जोड़ना और सड़क एवं हवाई यात्रा के मुकाबले एक तेज़ और स्वच्छ विकल्प प्रदान करना है।
शिक्षा और स्वास्थ्य: पूर्वी भारत को मिलेगा ‘ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट फॉर डिजाइनिंग’
शिक्षा के क्षेत्र में क्षेत्रीय असंतुलन को दूर करने के लिए वित्त मंत्री ने पूर्वी भारत में एक ‘ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट फॉर डिजाइनिंग’ स्थापित करने की घोषणा की है। इसके साथ ही, उच्च शिक्षा में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए देश के हर जिले में महिला हॉस्टल बनाए जाएंगे। प्रोफेशनल कोर्सेज को बढ़ावा देने के लिए ICAI और ICSI जैसे संस्थानों के माध्यम से शॉर्ट-टर्म मॉड्यूलर कोर्स शुरू किए जाएंगे। स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार के लिए निजी सहयोग से 5 नए मेडिकल हब और देश में 3 नए ‘ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट फॉर आयुर्वेद’ बनाने का लक्ष्य रखा गया है, जो भारत को मेडिकल टूरिज्म का वैश्विक केंद्र बनाएंगे।
विकसित भारत की ओर संतुलित कदम
कुल मिलाकर, बजट 2026-27 बुनियादी ढांचे के विस्तार, आत्मनिर्भरता और समावेशी विकास का एक साझा विजन पेश करता है। जहाँ एक ओर रेयर अर्थ कॉरिडोर से तकनीकी संप्रभुता सुनिश्चित होगी, वहीं रेल कॉरिडोर से व्यापारिक गतिशीलता बढ़ेगी। चुनावी राज्यों के लिए किए गए ये एलान न केवल राजनीतिक समीकरणों को साधने का प्रयास हैं, बल्कि इन क्षेत्रों के दीर्घकालिक विकास की नींव भी हैं।
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