सावन में 23 साल बाद दुर्लभ संयोग, नाग पंचमी और सोमवार साथ

इस साल सावन का महीना शिव भक्तों के लिए बेहद खास रहने वाला है. ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, इस बार सावन के दौरान कई ऐसे दुर्लभ संयोग बन रहे हैं, जो वर्षों बाद देखने को मिलते हैं. इस बार सावन के चार सोमवार में से दो सोमवार विशेष महत्वपूर्ण हैं. सबसे खास संयोग तीसरे सोमवार, यानी 17 अगस्त को बन रहा है. इस दिन नाग पंचमी भी पड़ रही है. आमतौर पर नाग पंचमी सावन के सोमवार से अलग दिन होती है, लेकिन इस बार दोनों एक ही दिन आ रहे हैं. ऐसा दुर्लभ संयोग करीब 23 साल बाद बन

Wrriten By :

Editor

Published On :

जुलाई 14, 2026

Advertisements
728x90 Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital.jpg

इस साल सावन का महीना शिव भक्तों के लिए बेहद खास रहने वाला है. ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, इस बार सावन के दौरान कई ऐसे दुर्लभ संयोग बन रहे हैं, जो वर्षों बाद देखने को मिलते हैं.

इस बार सावन के चार सोमवार में से दो सोमवार विशेष महत्वपूर्ण हैं. सबसे खास संयोग तीसरे सोमवार, यानी 17 अगस्त को बन रहा है. इस दिन नाग पंचमी भी पड़ रही है. आमतौर पर नाग पंचमी सावन के सोमवार से अलग दिन होती है, लेकिन इस बार दोनों एक ही दिन आ रहे हैं. ऐसा दुर्लभ संयोग करीब 23 साल बाद बन रहा है, इससे पहले यह स्थिति साल 2003 में बनी थी. मान्यता है कि इस दिन सुबह भगवान शिव को बेलपत्र अर्पित करने से राहु-केतु से जुड़े दोषों से राहत मिलती है और जीवन में सकारात्मकता बढ़ती है.

इतना ही नहीं, इसी दिन सूर्य भी सिंह राशि में प्रवेश करेगा, जिसे सिंह संक्रांति कहा जाता है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब सावन के सोमवार को सूर्य सिंह राशि में आता है, तो छत्र भंग योग बनेगा. इसे बड़े बदलावों का संकेत माना जाता है, खासकर सत्ता और व्यवस्था में परिवर्तन के रूप में. हालांकि, इसका एक सकारात्मक पक्ष भी है. सोमवार का दिन चंद्रमा से जुड़ा होता है, जो मन, शांति और संतुलन का कारक है. ऐसे में यह संयोग लोगों के जीवन में स्थिरता और संतोष भी ला सकता है.

रक्षाबंधन 2026: पूरे दिन रहेगा शुभ समय
इस साल रक्षाबंधन का पर्व भी खास रहने वाला है. 28 अगस्त 2026 को रक्षाबंधन मनाया जाएगा और अच्छी बात यह है कि इस दिन भद्रा का साया नहीं रहेगा. ऐसा संयोग करीब 5 साल बाद बन रहा है, क्योंकि इससे पहले 2021 में भद्रा रहित रक्षाबंधन पड़ा था. भद्रा न होने के कारण बहनें पूरे दिन किसी भी समय अपने भाइयों को राखी बांध सकती हैं, जो इसे और भी शुभ बनाता है.

द्रिक पंचांग के अनुसार, सावन पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त को सुबह 9 बजकर 8 मिनट पर शुरू होगी और 28 अगस्त को सुबह 9 बजकर 48 मिनट पर समाप्त हो जाएगी. इसलिए शास्त्रों के अनुसार 28 अगस्त को ही रक्षाबंधन मनाया जाएगा. अगर मुहूर्त की बात करें, तो राखी बांधने का सबसे शुभ समय सुबह 05 बजकर 57 मिनट से लेकर 09 बजकर 48 मिनट तक रहेगा. यह लगभग 3 घंटे 51 मिनट का उत्तम समय है, जिसमें राखी बांधना सबसे शुभ माना जा रहा है.

2