Maharashtra News: केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने विपक्षी दलों में जारी भगदड़ पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि विपक्षी पार्टियां अपने ही सांसदों और विधायकों को एकजुट रखने में विफल साबित हो रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश जिस गति से विकास पथ पर आगे बढ़ रहा है, उससे प्रभावित होकर विपक्ष के जनप्रतिनिधि खुद एनडीए की ओर आकर्षित हो रहे हैं। उनके अनुसार, विपक्षी नेताओं के बीच यह धारणा घर कर गई है कि यदि उन्हें अपने क्षेत्र और देश का वास्तविक विकास करना है, तो विपक्ष में बने रहने का कोई औचित्य नहीं है।
महाराष्ट्र की राजनीति और सत्तापक्ष का बढ़ता प्रभाव
बताते चले कि, महाराष्ट्र की राजनीतिक स्थिति पर बात करते हुए केंद्रीय मंत्री ने बीजेपी पर लग रहे ‘छोटी पार्टियों को खत्म करने’ के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, “बीजेपी किसी पार्टी को खत्म नहीं कर रही, बल्कि वे पार्टियां अपने कुप्रबंधन के कारण स्वयं ही ढह रही हैं।” अठावले ने तर्क दिया कि जब कोई नेतृत्व अपने सांसदों और विधायकों को विश्वास में नहीं ले पाता, तो वे स्वाभाविक रूप से सत्ता और विकास के एजेंडे की तरफ रुख करते हैं। उनके मुताबिक, एनडीए का विजन ही वह मुख्य कारक है जो विपक्षी दिग्गजों को पाला बदलने के लिए मजबूर कर रहा है।
ममता बनर्जी की टीएमसी पर अठावले की पैनी नजर
पश्चिम बंगाल की राजनीति को लेकर अठावले ने सनसनीखेज खुलासा किया है। उन्होंने ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) का जिक्र करते हुए कहा कि उनके कई सांसद पहले ही संपर्क में हैं। अठावले ने अपनी आगामी कोलकाता यात्रा की जानकारी देते हुए कहा, “मैं 24 जुलाई को कोलकाता जा रहा हूं। कुछ टीएमसी सांसद लगातार हमारे संपर्क में हैं। यदि 8 में से 5-6 सांसद पाला बदलने का मन बनाते हैं, तो मैं उन्हें अपनी पार्टी आरपीआई (ए) में शामिल करने का पूरा प्रयास करूंगा।” यह बयान टीएमसी के आंतरिक संकट को और अधिक गहराने वाला है।
चुनाव आयोग के दरवाजे पर TMC का दोफाड़ संग्राम
एक तरफ जहां केंद्रीय मंत्री अपनी सियासी बिसात बिछा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ टीएमसी के बागी गुट ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। गुरुवार (2 जुलाई) को टीएमसी के बागी सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग से मुलाकात कर पार्टी पर अपने दावे को और मजबूत किया है। बागी गुट के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने एक बार फिर दोहराया कि वास्तविक टीएमसी उन्हीं की है और उनके पास दो-तिहाई विधायकों का समर्थन हासिल है।
आरोप-प्रत्यारोप का दौर
इस पूरे राजनीतिक घटनाक्रम के बीच ममता बनर्जी गुट की ओर से सागरिका घोष ने जवाबी हमला किया है। उन्होंने सीधे तौर पर चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं। घोष ने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी के निर्देशों पर काम कर रहा है। यह आरोप-प्रत्यारोप न केवल टीएमसी के भीतर जारी वर्चस्व की लड़ाई को दर्शाता है, बल्कि आने वाले समय में बंगाल की राजनीति में और भी बड़े उलटफेर के संकेत देता है।










