Ram Mandir News: बिना FIR जांच पर भड़के तारिक अनवर, कहा- ‘एसआईटी का गठन सिर्फ मामले को दबाने की कोशिश’

राम मंदिर चढ़ावे में कथित गबन के मामले पर कांग्रेस नेता तारिक अनवर ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि छोटे से छोटे मामलों में भी पुलिस पहले एफआईआर दर्ज करती है

Ram Mandir News

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जून 22, 2026

Ram Mandir News: अयोध्या स्थित भव्य राम मंदिर में चढ़ावे और दान के पैसों में कथित गबन का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। इस संवेदनशील विषय पर विपक्ष लगातार सरकार और मंदिर ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहा है। हाल ही में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता तारिक अनवर ने इस पूरे प्रकरण में अपना कड़ा रुख अपनाते हुए जांच प्रक्रिया पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े किए हैं। उन्होंने बिना एफआईआर (FIR) दर्ज किए एसआईटी (SIT) के गठन को केवल एक खानापूर्ति और दोषियों को बचाने की साजिश करार दिया है।

Bihar Election Funds : चुनावी चंदे में डूबीं बिहार की पार्टियां, खर्च का आंकड़ा देख उड़ जाएंगे होश

‘दोषियों को बचाने की लीपापोती’

कांग्रेस नेता तारिक अनवर ने मीडिया से बातचीत करते हुए स्पष्ट किया कि जब तक इस मामले में ठोस और सख्त कानूनी कार्रवाई नहीं होती, तब तक जनता का भरोसा कायम नहीं हो सकता। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा, “ऐसा प्रतीत होता है कि इस पूरे गबन मामले में लीपापोती की जा रही है और इसमें शामिल प्रभावशाली लोगों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है।”

अनवर ने अपनी बात को तर्कसंगत बनाते हुए कहा कि सामान्य प्रक्रिया के तहत ऐसे मामलों में सबसे पहले एफआईआर दर्ज होनी चाहिए थी, जिसके बाद संदिग्धों को गिरफ्तार कर उनसे कड़ी पूछताछ की जानी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि बिना एफआईआर के सीधे एसआईटी का गठन करना यह दर्शाता है कि सरकार मामले की गंभीरता को कम करना चाहती है।

‘जांच का लंबा प्रोसेस केवल समय की बर्बादी’

जब तारिक अनवर से यह पूछा गया कि क्या विपक्ष एसआईटी जांच से संतुष्ट नहीं है, तो उन्होंने इसे सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि कोई भी छोटा मामला होने पर भी पुलिस तत्काल एफआईआर दर्ज करती है, फिर राम मंदिर जैसे बड़े मामले में देरी क्यों की जा रही है? उन्होंने कहा, “एसआईटी बना देना या न्यायिक जांच की बात करना एक बहुत लंबी प्रक्रिया है। हमारा मानना है कि एफआईआर के जरिए पुलिसिया जांच होनी चाहिए, जिससे तत्काल परिणाम सामने आ सकें।” उनका सीधा आरोप है कि लंबी जांच प्रक्रिया का उद्देश्य मामले को ठंडे बस्ते में डालना है।

क्या है राम मंदिर दान गबन मामले का ताजा अपडेट?

विपक्ष के इन हमलों के बीच, प्रशासन ने आरोपों को गंभीरता से लेते हुए आंतरिक स्तर पर कई सुधार किए हैं। जांच कर रही एसआईटी ने राम मंदिर ट्रस्ट के पुनर्गठन तक की सलाह दी है। ट्रस्ट द्वारा उठाए गए कदमों के तहत, दान के पैसों की गिनती करने वाली टीम को पूरी तरह बदल दिया गया है। बैंक की ओर से आने वाली टीम और गिनती की प्रक्रिया में शामिल स्वयंसेवकों की ड्यूटी में भी फेरबदल किया गया है।

निगरानी व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए अब नए लोगों को तैनात किया गया है। साथ ही, पैसों की गिनती के दौरान अब कड़े नियमों का पालन अनिवार्य कर दिया गया है और कर्मचारियों के लिए एक निश्चित ‘ड्रेस कोड’ लागू किया गया है।

अब देखना यह होगा कि क्या ये प्रशासनिक बदलाव और एसआईटी की जांच आरोपों का खंडन कर पाएंगे, या फिर विपक्ष का ‘लीपापोती’ वाला आरोप इस मामले को और अधिक गरमाएगा। फिलहाल, अयोध्या में दान की सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करना ट्रस्ट के सामने सबसे बड़ी चुनौती है।

Bihar Politics : तेज प्रताप यादव ने आकाश पर हत्या साजिश का लगाया आरोप , बिहार में राजनीतिक और कानूनी हलचल तेज हुई