Ram Mandir CEO: जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति पर PK का सवाल, राम मंदिर में कथित गबन पर मांगी कार्रवाई

राम मंदिर के नए CEO जीतेंद्र मिश्रा की नियुक्ति पर सियासत तेज हो गई है। जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने कहा कि सिर्फ नए व्यक्ति की नियुक्ति से मामला खत्म नहीं होगा। उन्होंने राम मंदिर से जुड़े कथित चोरी-गबन के आरोपों पर सरकार से कार्रवाई की मांग की। साथ ही GDP और बिहार की शिक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए।

Ram Mandir CEO

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

सितम्बर 4, 2026

Ram Mandir CEO: उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित राम मंदिर ट्रस्ट के नए सीईओ जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने रिटायर्ड एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा को अपना पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी नियुक्त किया है। इस नियुक्ति के बाद अलग-अलग राजनीतिक दलों की ओर से प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। अब जन सुराज के संस्थापक और बांकीपुर विधायक प्रशांत किशोर ने भी इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।

राम मंदिर CEO नियुक्ति पर प्रशांत किशोर का बड़ा बयान

बताते चले कि, जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति को लेकर प्रशांत किशोर ने कहा कि केवल किसी नए व्यक्ति को जिम्मेदारी सौंप देने से पूरा मामला खत्म नहीं हो जाता। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि देश के करोड़ों हिंदुओं की आस्था के केंद्र राम मंदिर में यदि चोरी और गबन जैसे आरोप लगाए गए हैं, तो उन आरोपों पर कार्रवाई क्यों नहीं होनी चाहिए। प्रशांत किशोर ने कहा कि सरकार को इस पूरे मामले में स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए और आरोपों की जांच के साथ आवश्यक कार्रवाई भी होनी चाहिए।

राम मंदिर ट्रस्ट और कथित गड़बड़ी पर कार्रवाई की मांग

आपको बता दे कि, प्रशांत किशोर ने अपनी प्रतिक्रिया में राम मंदिर ट्रस्ट में चोरी-गबन के आरोपों का जिक्र किया। उनका कहना था कि किसी नए सीईओ की नियुक्ति अपने आप में उन सवालों का जवाब नहीं है, जो मंदिर से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर उठाए जा रहे हैं। उन्होंने सरकार से इस विषय पर जवाबदेही तय करने की मांग की। उनके बयान के बाद राम मंदिर ट्रस्ट और सीईओ नियुक्ति को लेकर राजनीतिक बहस और तेज होने के आसार हैं।

गयाजी में प्रशांत किशोर ने दिया बयान

प्रशांत किशोर ने यह बयान बिहार के गयाजी में दिया। वह शिक्षक संवाद एवं नागरिक अभिनंदन समारोह में शामिल होने पहुंचे थे। कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान पत्रकारों ने उनसे राम मंदिर के नए सीईओ की नियुक्ति और इससे जुड़े राजनीतिक विवाद पर सवाल किया। इसी दौरान उन्होंने जीतेंद्र मिश्रा की नियुक्ति को लेकर अपनी बात रखी और सरकार से कथित आरोपों पर कार्रवाई की मांग की।

GDP आंकड़ों पर भी प्रशांत किशोर ने उठाए सवाल

राम मंदिर के मुद्दे के साथ-साथ प्रशांत किशोर ने देश की GDP और आर्थिक स्थिति को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि GDP के आंकड़ों को लेकर पिछले कई वर्षों से विशेषज्ञ सवाल उठाते रहे हैं। उनके मुताबिक सरकार की ओर से देश की अर्थव्यवस्था की स्थिति बेहतर होने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन आम लोगों को अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में उस सुधार का पर्याप्त प्रमाण दिखाई नहीं दे रहा।

रोजगार और आम लोगों की आर्थिक स्थिति पर सवाल

GDP पर अपनी बात रखते हुए प्रशांत किशोर ने रोजगार, किसान, मजदूर और छात्रों की स्थिति का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि अगर अर्थव्यवस्था में वास्तविक सुधार हो रहा है, तो उसका असर लोगों के जीवन में भी नजर आना चाहिए। उनके मुताबिक बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार की समस्या का सामना करना पड़ रहा है और मजदूर, किसान तथा छात्र भी अपनी आर्थिक स्थिति में अपेक्षित सुधार महसूस नहीं कर रहे हैं।

बिहार की शिक्षा व्यवस्था पर भी PK का तंज

मीडिया से बातचीत के दौरान प्रशांत किशोर ने बिहार की शिक्षा व्यवस्था और शिक्षकों की स्थिति पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि बिहार में शिक्षकों की स्थिति तभी बेहतर होगी, जब राज्य की शिक्षा व्यवस्था में सुधार होगा। उनका आरोप था कि बिहार के समाज और सरकार की प्राथमिकताओं में शिक्षा को वह स्थान नहीं मिला है, जो मिलना चाहिए।

राम मंदिर CEO विवाद से लेकर शिक्षा तक सरकार पर निशाना

इस तरह राम मंदिर के नए CEO जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति, GDP के आंकड़ों और बिहार की शिक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशांत किशोर ने एक साथ कई मुद्दों पर अपनी राय रखी। एक ओर उन्होंने राम मंदिर से जुड़े कथित चोरी-गबन के आरोपों पर कार्रवाई की मांग की, वहीं दूसरी ओर आर्थिक आंकड़ों और बिहार की शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। उनके बयानों ने एक बार फिर इन मुद्दों पर राजनीतिक बहस को गर्म कर दिया है।