UP News: रामगोविंद चौधरी के निधन पर अखिलेश यादव भावुक, बोले- समाजवादी युग का अंत

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी के निधन पर अखिलेश यादव ने श्रद्धांजलि दी। उन्होंने रामगोविंद चौधरी के निधन को समाजवादी पार्टी के लिए बड़ी क्षति बताते हुए कहा कि गरीब, किसान और कमजोर वर्गों के लिए उनकी आवाज हमेशा बुलंद रही। बलिया से लेकर प्रदेश की राजनीति तक उनका अहम योगदान रहा।

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Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

सितम्बर 26, 2026

UP News: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश के पूर्व नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी के निधन के बाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। अखिलेश यादव उनके पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे और पुष्प अर्पित कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। इस दौरान उन्होंने रामगोविंद चौधरी के राजनीतिक और सामाजिक योगदान को याद करते हुए उनके निधन को समाजवादी पार्टी के लिए बड़ी क्षति बताया।

अखिलेश यादव ने कहा कि रामगोविंद चौधरी ने समाजवादी पार्टी को मजबूत करने और उसके विचारों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि रामगोविंद चौधरी का जाना पार्टी के लिए ऐसी कमी है, जिसकी भरपाई आसान नहीं होगी। उनके निधन से समाजवादी आंदोलन से जुड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं में शोक की लहर है।

बलिया से निकलकर प्रदेश और देश की राजनीति में बनाई पहचान

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अखिलेश यादव ने रामगोविंद चौधरी के लंबे राजनीतिक सफर को याद करते हुए कहा कि उन्होंने बलिया से निकलकर न सिर्फ उत्तर प्रदेश बल्कि देश की राजनीति में भी अपनी अलग पहचान बनाई। उनका राजनीतिक जीवन समाजवादी विचारधारा और जनसरोकारों से जुड़ा रहा। अखिलेश यादव के मुताबिक, रामगोविंद चौधरी ने डॉ. राम मनोहर लोहिया, जनेश्वर मिश्र और चंद्रशेखर जैसे समाजवादी नेताओं के साथ काम किया। इसके साथ ही उन्होंने मुलायम सिंह यादव के समाजवादी आंदोलन को आगे बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यही वजह थी कि रामगोविंद चौधरी मुलायम सिंह यादव के बेहद करीबी नेताओं में गिने जाते थे।

मंत्री और नेता प्रतिपक्ष के तौर पर निभाई अहम भूमिका

अखिलेश यादव ने कहा कि रामगोविंद चौधरी के साथ उनका लंबा राजनीतिक अनुभव रहा है। उन्होंने उन्हें सदन के भीतर मंत्री के रूप में काम करते हुए भी देखा और जनता के बीच एक जननेता के तौर पर भी। अखिलेश यादव ने कहा कि रामगोविंद चौधरी जिस जिम्मेदारी में रहे, उसे प्रभावी तरीके से निभाने का प्रयास किया। पूर्व नेता प्रतिपक्ष के तौर पर रामगोविंद चौधरी सदन में सरकार को घेरने के साथ-साथ जनहित से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाते थे। अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार को घेरना हो या किसी मुद्दे पर अपनी बात प्रभावी ढंग से रखना हो, रामगोविंद चौधरी अपने अलग अंदाज में यह काम करते थे।

गरीब, किसान और कमजोर वर्गों की आवाज बने रहे रामगोविंद चौधरी

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अखिलेश यादव ने कहा कि रामगोविंद चौधरी हमेशा गरीबों, किसानों और समाज के कमजोर वर्गों के साथ खड़े रहे। उनकी राजनीति में आम लोगों के मुद्दों को प्रमुख स्थान मिला। लंबे राजनीतिक जीवन के दौरान उन्होंने जनता से जुड़े सवालों को लगातार उठाया और समाजवादी विचारधारा के लिए सक्रिय भूमिका निभाई। अखिलेश यादव ने रामगोविंद चौधरी के निधन को समाजवादी पार्टी के एक युग का अंत बताया। उन्होंने कहा कि उनकी कमी पार्टी और समाजवादी आंदोलन से जुड़े लोगों को हमेशा महसूस होगी। उनके योगदान और संघर्ष को लंबे समय तक याद किया जाएगा।

लखनऊ के PGI में हुआ रामगोविंद चौधरी का निधन

रामगोविंद चौधरी का शुक्रवार देर रात लखनऊ के संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (PGI) में निधन हुआ। वे 80 वर्ष के थे। उनके परिवार में पत्नी कलावती देवी और एक बेटा है। निधन की खबर सामने आते ही समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं में शोक की लहर दौड़ गई। रामगोविंद चौधरी के निधन की खबर उनके गृह जनपद बलिया पहुंचते ही बड़ी संख्या में लोग उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए पहुंचने लगे। पार्टी कार्यकर्ताओं, समर्थकों और स्थानीय लोगों ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया और उनके राजनीतिक योगदान को याद किया।

रामगोविंद चौधरी के निधन पर विपक्षी नेताओं ने भी जताया शोक

रामगोविंद चौधरी के निधन के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी। उनके राजनीतिक जीवन के साथ-साथ उनके व्यवहार और सार्वजनिक जीवन में उनकी सक्रियता को याद किया जा रहा है। विपक्षी दलों से जुड़े नेताओं ने भी उनके निधन पर शोक जताया।

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रामगोविंद चौधरी लंबे समय तक उत्तर प्रदेश की राजनीति में सक्रिय रहे। बलिया से लेकर लखनऊ तक उनकी राजनीतिक पहचान बनी रही। उनके निधन के बाद समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच शोक का माहौल है। अखिलेश यादव की श्रद्धांजलि के दौरान भी उनके लंबे राजनीतिक सफर, समाजवादी आंदोलन में योगदान और जनता से जुड़े मुद्दों पर उनकी सक्रियता को प्रमुखता से याद किया गया।