
UP Politics: उत्तर प्रदेश की राजनीति में बीते दिन बड़ा उलटफेर देखने को मिला. आगामी विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी को बड़ा झटका देते हुए गौरीगंज के विधायक राकेश प्रताप सिंह, कालपी के विधायक विनोद चतुर्वेदी और गोसाईंगंज के विधायक अभय सिंह ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली. पार्टी में शामिल होते ही तीनों नेताओं ने समाजवादी पार्टी पर जमकर निशाना साधा। तीनों नेताओं ने अपने फैसले की वजह बताते हुए सपा की नीतियों और उसके शासनकाल पर सवाल उठाए। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की तारीफ भी की।
राकेश प्रताप सिंह का सपा पर बड़ा हमला
बताते चले कि, गौरीगंज के विधायक राकेश प्रताप सिंह ने कहा कि उनके लिए जनता का सुख-दुख सबसे ऊपर है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि लोगों के सम्मान और विश्वास को बनाए रखना उनकी प्राथमिकता रहेगी। अपने राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि वर्ष 1996 के विधानसभा चुनाव और 1998 व 1999 के लोकसभा चुनाव के दौरान वह भाजपा से जुड़े थे। बाद में राजनीतिक परिस्थितियों के चलते उन्होंने दूसरे दल के साथ अपनी यात्रा शुरू की और समाजवादी पार्टी ने उन्हें गौरीगंज से चुनाव लड़ने का मौका दिया।

राकेश प्रताप सिंह ने कहा कि क्षेत्र की जनता ने उन्हें लगातार तीन बार विधायक बनाया। हालांकि, अब उनका मकसद खुद विधायक बनना नहीं, बल्कि गौरीगंज में भाजपा का विधायक जिताना है। उन्होंने कहा कि वह चौथी बार भी चुनाव जीत सकते थे, लेकिन भाजपा में आने के पीछे उनका उद्देश्य अलग है। पार्टी का केंद्रीय और प्रदेश नेतृत्व गौरीगंज से जिसे भी उम्मीदवार बनाएगा, उसे जिताने के लिए वह पूरी ताकत लगाएंगे।
विनोद चतुर्वेदी ने बुंदेलखंड के विकास को लेकर सपा पर साधा निशाना
आपको बता दे कि, जालौन जिले की कालपी सीट से विधायक विनोद चतुर्वेदी ने कहा कि वह करीब 45 साल से राजनीति में सक्रिय हैं। उन्होंने वर्ष 1982 में प्रधानी के चुनाव से अपना राजनीतिक सफर शुरू किया था। उन्होंने बुंदेलखंड के विकास का मुद्दा उठाते हुए कहा कि यह क्षेत्र वेदव्यास की जन्मभूमि है, लेकिन लंबे समय तक विकास के मामले में पिछड़ा रहा।

विनोद चतुर्वेदी ने कहा कि सरकारों ने बजट तो दिया, लेकिन उसका पूरा फायदा क्षेत्र को नहीं मिल पाया। उनके मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बुंदेलखंड को विकास के नए अवसर मिले हैं। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की नीतियों से असंतुष्ट होकर और भाजपा सरकार के कामकाज से प्रभावित होकर उन्होंने यह फैसला लिया।
एक्सप्रेसवे और औद्योगिक विकास को बताया बड़ा बदलाव
विनोद चतुर्वेदी ने बुंदेलखंड में औद्योगिक विकास और एक्सप्रेसवे जैसी परियोजनाओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बेहतर सड़क संपर्क से लोगों के लिए दिल्ली तक पहुंचना आसान हुआ है। इससे आवागमन के साथ-साथ कारोबार और औद्योगिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिला है। उनका कहना था कि क्षेत्र में विकास की संभावनाएं पहले के मुकाबले बढ़ी हैं।
अभय सिंह ने रामचरितमानस और भर्तियों के मुद्दे पर घेरा सपा को
अयोध्या की गोसाईंगंज सीट से विधायक अभय सिंह ने समाजवादी पार्टी पर धार्मिक और राजनीतिक मुद्दों को लेकर हमला बोला। उन्होंने भगवान राम और रामचरितमानस का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि रामचरितमानस को जलाने और फाड़ने की घटनाओं पर सपा ने उचित विरोध नहीं किया। उन्होंने सपा पर राष्ट्रविरोधी तत्वों का समर्थन करने का आरोप भी लगाया। ये आरोप अभय सिंह ने अपने बयान में लगाए हैं।

अभय सिंह ने वर्ष 2012 से 2017 के बीच हुई भर्तियों को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने टीजीटी, पीजीटी, पशुधन प्रसार अधिकारी और यूपीएससी जैसी भर्तियों का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि उस दौरान जाति और क्षेत्र के आधार पर कुछ लोगों को फायदा पहुंचाया गया। उनका दावा था कि मेहनत से तैयारी करने वाले कई अभ्यर्थी नौकरी के इंतजार में रह जाते थे, जबकि सिफारिश और चापलूसी करने वालों को फायदा मिलता था। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में दलित, पिछड़े और सामान्य वर्ग के लोगों के लिए बिना भेदभाव विकास कार्य किए जा रहे हैं।
तीनों विधायकों के बयानों से यूपी की राजनीति में बढ़ी हलचल
भाजपा में शामिल होने के बाद तीनों विधायकों ने अपने फैसले को सही ठहराते हुए सपा की नीतियों पर सवाल उठाए। राकेश प्रताप सिंह ने गौरीगंज में भाजपा को मजबूत करने की बात कही, विनोद चतुर्वेदी ने बुंदेलखंड के विकास को अपने फैसले की वजह बताया, जबकि अभय सिंह ने धार्मिक मुद्दों और भर्तियों को लेकर सपा पर हमला बोला। अब इन नेताओं की नई राजनीतिक भूमिका और आगामी विधानसभा चुनाव में उनकी सक्रियता पर सबकी नजर रहेगी।











