Rajya Sabha में 19 नए सदस्यों ने ली शपथ,16 अप्रैल से संसद के विशेष सत्र की शुरुआत

संसद में सोमवार को राज्यसभा के 19 नए और फिर से चुने गए सदस्यों ने शपथ ली, जिनमें शरद पवार और बाबुल सुप्रियो जैसे दिग्गज नेता शामिल हैं। इसके साथ ही महिला आरक्षण संशोधन विधेयक को पारित करने के लिए 16 अप्रैल से संसद के विशेष सत्र की घोषणा की गई है, जिसके लिए सरकार विपक्षी दलों का समर्थन जुटाने में लगी है।

Rajya Sabha

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अप्रैल 6, 2026

Rajya Sabha: सोमवार को संसद में राज्यसभा के 19 नए चुने गए और फिर से चुने गए सदस्यों ने शपथ ली।शपथ लेने वालों में महाराष्ट्र के 5 सदस्य शामिल हैं, जिनमें रामदास अठावले, माया चिंतामन इवनाते, शरदचंद्र पवार, रामराव सखाराम वडकुटे और ज्योति नागनाथ वाघमारे शामिल हैं।इसके अलावा क्रिस्टोफर मणिकम, अंबुमणि रामदास, कॉन्स्टैंटाइन रविंद्रन, एल.के.सुधीश,एम.थंबीदुरई और तिरुचि शिवा तमिलनाडु से हैं।पश्चिम बंगाल के 5 सदस्यों में बाबुल सुप्रियो,मेनका गुरुस्वामी,राजीव कुमार,रुक्मिणी मलिक और बिस्वजीत सिन्हा शामिल हैं,जबकि तीन सदस्य….संतृप्त मिश्रा, दिलीप कुमार राय और मनमोहन सामल ओडिशा से हैं।

राज्यसभा में नए सदस्यों का शपथ ग्रहण

शपथ लेने के बाद BJD सांसद संतृप्त मिश्रा ने ओडिशा के प्रमुख मुद्दों को हल करने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।पहली बार सांसद बने संतृप्त मिश्रा ने कहा कि,मैं पहली बार सांसद बना हूं जिसके बाद सबसे पहल मैं नवीन पटनायक तथा बीजू जनता दल के नेतृत्व के साथ मिलकर, हम अपने विधायकों के साथ चर्चा करेंगे।हम ओडिशा के बुद्धिजीवियों से भी परामर्श करेंगे और फिर तय करेंगे कि देश और राज्य दोनों के लिए हमारे भविष्य के कार्यक्रमों के साथ कैसे आगे बढ़ना है। ओडिशा राज्य में कई ऐसे मुद्दे हैं जिन पर ध्यान देने की आवश्यकता है।

तमिलनाडु के हितों की रक्षा करना प्राथमिकता

इस बीच कांग्रेस सांसद क्रिस्टोफर मणिकम ने तमिलनाडु के हितों की रक्षा पर अपना ध्यान केंद्रित करने पर जोर दिया।उन्होंने कहा कि,उनकी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना होगी केंद्र सरकार द्वारा राज्य की अनदेखी न की जाए।मैं तमिलनाडु से सदस्य हूं और मेरी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना होगी कि केंद्र सरकार द्वारा तमिलनाडु को हाशिए पर न डाला जाए।

संसदीय कार्य मंत्री ने दी बधाई

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने नए शपथ लेने वाले राज्यसभा सदस्यों को बधाई दी।उन्होंने इस मौके की अहमियत पर जोर देते हुए कहा कि,शपथ ग्रहण समारोह तब भी हुआ जब संसद का सत्र नहीं चल रहा था और उम्मीद जताई कि नए सांसद राज्यसभा के कामकाज में अहम योगदान देंगे।उन्होंने कहा,यह एक खास मौका है जब राज्यसभा के नए सांसदों को सदन का सत्र न चलने के बावजूद सदन में शपथ लेने का मौका मिला।मैं नए चुने गए सांसदों को बधाई देता हूं और सदन में उनकी सफलता और अच्छे प्रदर्शन की कामना करता हूं।

महिला आरक्षण संशोधन विधेयक पर एकजुट रहने की अपील

महिला आरक्षण संशोधन विधेयक पर संसद के विशेष सत्र के बारे में बात करते हुए किरेन रिजिजू ने सभी राजनीतिक पार्टियों से एकजुट होने की अपील की। उन्होंने कहा कि,यह मुद्दा राजनीति से ऊपर होना चाहिए और इस बात पर जोर दिया महिला सशक्तिकरण एक सामूहिक राष्ट्रीय जिम्मेदारी है।जहां कई विपक्षी पार्टियों ने इस पहल का समर्थन किया है,वहीं कांग्रेस और कुछ अन्य पार्टियां अभी तक पूरी तरह से इसमें शामिल नहीं हुई हैं।

महिला आरक्षण एक पार्टी का मुद्दा नहीं-किरेन रिजिजू

किरेन रिजिजू ने कहा,महिला आरक्षण किसी एक पार्टी का मुद्दा नहीं है।यह सभी राजनीतिक पार्टियों और पूरे देश का मुद्दा है।नारी शक्ति, महिला सशक्तिकरण।यह एक सामूहिक प्रयास होना चाहिए।इसमें कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए। हमने सभी पार्टियों से बात की। कांग्रेस और कुछ अन्य पार्टियां नहीं आईं लेकिन वे खुद को महिला-विरोधी के तौर पर पेश नहीं करेंगी।

16 अप्रैल से होगी संसद के विशेष सत्र की शुरुआत

महिला आरक्षण संशोधन विधेयक को पारित करने के लिए संसद का विशेष सत्र 16 अप्रैल से शुरू होगा।यह विधेयक 2023 में संसद द्वारा पारित किया गया था।परिसीमन का आधार मूल रूप से 2011 की जनगणना को बनाया गया था।परिसीमन अधिनियम में उसी के अनुसार संशोधन किया जाएगा।सरकार अभी आम सहमति बनाने की कोशिश कर रही है,क्योंकि इस कानून को पारित करने के लिए दो-तिहाई बहुमत की जरूरत होगी, जिससे विपक्षी पार्टियों का समर्थन हासिल करना बेहद जरूरी हो जाता है।