Rajya Sabha Election 2026: बिहार की 5 राज्यसभा सीटों के लिए मतदान प्रक्रिया की शुरुआत हो चुकी है। ऐसे में सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायक विधानसभा में कतारबद्ध होकर वोट डाल रहे हैं। हालांकि, इस बार सभी की नजर मोकामा विधानसभा क्षेत्र के बाहुबली विधायक अनंत सिंह पर थी। जेल में बंद होने के बावजूद अनंत सिंह को मतदान के लिए कोर्ट से अनुमति मिल गई और वे वोट डालने के लिए पटना पहुंचे।
अनंत सिंह का बड़ा बयान
वोट डालने से पहले अनंत सिंह ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि “जहां मर्जी होगा वहां जाएंगे”, और नीतीश कुमार के राज्यसभा में जाने को लेकर उन्होंने कहा कि “सब अच्छा होगा”। यह बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।
कोर्ट से मिली वोटिंग की अनुमति

कुछ दिन पहले तक अनंत सिंह के जेल में बंद होने के कारण उनके मतदान पर संशय था। हालांकि, पटना एमपी-एमएलए कोर्ट ने उनकी याचिका स्वीकार की और उन्हें वोट डालने की अनुमति दी। अदालत ने कुछ शर्तें भी तय कीं, जिनका पालन अनंत सिंह को करना था। मतदान पूरा होने के बाद उन्हें वापस जेल ले जाया जाएगा।
मतदान का एनडीए पर असर
अनंत सिंह के वोट की अहमियत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के लिए बहुत बड़ी है। इस चुनाव में हार-जीत अंतर कुछ वोटों का ही हो सकता है। यदि उन्हें वोटिंग की अनुमति नहीं मिलती, तो एनडीए को पांचवीं सीट जीतने के लिए विपक्ष के चार एमएलए को क्रॉस वोटिंग करने की जरूरत पड़ती। बिहार की पांचवीं राज्यसभा सीट जीतने के लिए कुल 41 एमएलए के समर्थन की आवश्यकता होती है, जबकि एनडीए के पास सत्ता पक्ष के 38 विधायक ही हैं। इसलिए, अनंत सिंह का वोट एनडीए की जीत के लिए निर्णायक साबित हो सकता है।
मतदान और सुरक्षा व्यवस्था
अदालत के आदेश के अनुसार, अनंत सिंह को पुलिस सुरक्षा के साथ विधानसभा ले जाया गया। उन्होंने मतदान कर दिया और अब उन्हें फिर से बेऊर जेल, बिहार भेजा जाएगा। अनंत सिंह वर्तमान में मोकामा में हुई दुलारचंद यादव हत्या के मामले में जेल में हैं। इस हत्या का मामला विधानसभा चुनाव के दौरान घटित हुआ था। अदालत ने शुक्रवार को उनका मतदान करने का फैसला सुनाया।
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राजनीतिक मायने
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, अनंत सिंह का जेल से वोट डालना इस चुनाव के परिणामों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। एनडीए के लिए यह वोट पांचवीं सीट जीतने की संभावना को मजबूत करेगा। वहीं, विपक्ष को जीत सुनिश्चित करने के लिए अन्य विधायकों के सहयोग पर निर्भर रहना पड़ेगा।










