Bengal Election 2026: राजनाथ सिंह का ममता बनर्जी पर तीखा प्रहार, बोले- ‘बंगाल की बेटी’ ने जनता के साथ किया विश्वासघात

केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बैरकपुर में ममता बनर्जी पर कड़ा हमला करते हुए उन पर बंगाल के साथ विश्वासघात करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि टीएमसी के शासन में बंगाल औद्योगिक रूप से पिछड़ गया है। वहीं दिलीप घोष ने दावा किया कि आगामी चुनाव में टीएमसी का प्रभाव पूरी तरह खत्म हो जाएगा। बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे।

Bengal Election 2026

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अप्रैल 7, 2026

Bengal Election 2026:  पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए सियासी पारा अपने चरम पर पहुंच गया है। मंगलवार को बैरकपुर के औद्योगिक क्षेत्र में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार पर “अत्याचार” और “विश्वासघात” का गंभीर आरोप लगाया। भाजपा के वरिष्ठ नेता ने तर्क दिया कि टीएमसी के तीन कार्यकालों ने बंगाल की आर्थिक रीढ़ को सुनियोजित तरीके से तोड़ दिया है। उन्होंने ममता बनर्जी के मशहूर चुनावी नारे का जिक्र करते हुए उन्हें सीधे तौर पर कठघरे में खड़ा किया।

ममता बनर्जी के नारे पर पलटवार

बैरकपुर की रैली में रक्षा मंत्री ने टीएमसी के 2021 के प्रसिद्ध नारे “बांग्ला निजेर मेयेकेई चाय” (बंगाल अपनी ही बेटी को चाहता है) पर सीधा निशाना साधा। राजनाथ सिंह ने कहा कि बंगाल की जनता ने ममता दीदी का सम्मान किया और उन्हें तीन बार मुख्यमंत्री चुना, लेकिन बदले में उन्हें केवल अन्याय मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने व्यक्तिगत रूप से जनता का भरोसा तोड़ा है। सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “बंगाल ने अपनी बेटी को चुना था, लेकिन उस बेटी ने राज्य के लोगों के साथ विश्वासघात किया और उन्हें विकास की दौड़ में पीछे छोड़ दिया।”

टीएमसी शासन में पश्चिम बंगाल का आर्थिक पिछड़ापन

राज्य की आर्थिक स्थिति पर चिंता जताते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि जहाँ भारत के अन्य राज्य तेजी से प्रगति कर रहे हैं, वहीं पश्चिम बंगाल का औद्योगिक माहौल लगातार बिगड़ता जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस ने जानबूझकर ऐसा वातावरण तैयार किया है जो व्यापार और निवेश के लिए अनुकूल नहीं है। रक्षा मंत्री के अनुसार, टीएमसी के डर और नीतियों की वजह से नए निवेशक बंगाल आने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं और जो उद्योग पहले से यहाँ मौजूद थे, वे भी राज्य छोड़कर जा रहे हैं।

दिलीप घोष की हुंकार और टीएमसी का डर

जनसभा के बाद राजनाथ सिंह ने एक भव्य रोडशो भी किया। इसी बीच, खड़गपुर सदर से भाजपा उम्मीदवार दिलीप घोष ने भी सत्ताधारी दल पर तीखे हमले किए। घोष ने पत्रकारों से बात करते हुए दावा किया कि टीएमसी हमेशा डरा-धमकाकर और विपक्ष को रोककर चुनाव जीतती आई है। उन्होंने भरोसा जताया कि जैसे-जैसे मतदान का दिन करीब आएगा, टीएमसी का प्रभाव बाजार से गायब हो जाएगा। घोष ने चुनौती देते हुए कहा कि चुनाव के बाद सड़कों पर कोई गुंडा नजर नहीं आएगा और टीएमसी के नेता अपने घरों में दुबक जाएंगे।

दो चरणों में मतदान और 4 मई को चुनावी नतीजे

पश्चिम बंगाल की 294 विधानसभा सीटों के लिए चुनावी जंग अब निर्णायक मोड़ पर है। निर्वाचन आयोग के अनुसार, राज्य में दो चरणों में मतदान संपन्न होगा। पहले चरण की वोटिंग 23 अप्रैल को होगी, जबकि दूसरे चरण के लिए मतदाता 29 अप्रैल को अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इस महामुकाबले के नतीजे 4 मई 2026 को घोषित किए जाएंगे, जिससे यह स्पष्ट होगा कि बंगाल की जनता ने राजनाथ सिंह के ‘परिवर्तन’ के आह्वान को स्वीकार किया है या ममता बनर्जी के ‘बेटी’ वाले कार्ड पर फिर से भरोसा जताया है।