
UP Politics: समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता राजकुमार भाटी इन दिनों अपने एक वायरल वीडियो को लेकर काफी चर्चा में हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में वह ब्रह्मा, विष्णु, महेश समेत अन्य हिंदू देवी-देवताओं को भगवान नहीं मानने और उनकी पूजा नहीं करने की शपथ लेते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर उनके धर्म परिवर्तन को लेकर चर्चाएं शुरू हो गईं। कई लोग दावा करने लगे कि राजकुमार भाटी ने हिंदू धर्म छोड़ दिया है और बौद्ध धर्म अपना लिया है। मामला बढ़ने के बाद अब भाटी ने खुद सामने आकर इन दावों पर सफाई दी है।
राजकुमार भाटी ने धर्म परिवर्तन की अटकलों पर क्या कहा?

राजकुमार भाटी ने एक वीडियो संदेश जारी कर हिंदू धर्म छोड़ने और बौद्ध धर्म अपनाने की खबरों को गलत बताया है। उन्होंने साफ कहा कि वह हिंदू हैं और हिंदू धर्म में ही रहेंगे। उनके मुताबिक, सोशल मीडिया पर उनके बयान और कार्यक्रम में शामिल होने को लेकर गलत जानकारी फैलाई जा रही है। भाटी ने कहा कि उनका धर्म परिवर्तन करने का न तो कोई इरादा है और न ही उन्हें इसकी कोई जरूरत महसूस होती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे दावों पर भरोसा करने से पहले सच्चाई जान लें।
भारतीय बौद्ध महासभा के कार्यक्रम में शामिल हुए थे सपा प्रवक्ता
राजकुमार भाटी ने बताया कि वह 20 अक्टूबर को दिल्ली के रानी झांसी मार्ग स्थित अंबेडकर भवन में भारतीय बौद्ध महासभा की ओर से आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए थे। इस कार्यक्रम में उन्हें मुख्य अतिथि के तौर पर बुलाया गया था। उन्होंने कहा कि एक सच्चे समाजवादी के तौर पर वह सभी धर्मों, जातियों, वर्गों और समुदायों का सम्मान करते हैं।
भाटी के मुताबिक, अगर कोई उन्हें सम्मान के साथ अपने कार्यक्रम में बुलाता है, तो वह उसमें शामिल होते हैं। उनके लिए किसी धार्मिक कार्यक्रम में जाना धर्म बदलने का संकेत नहीं है। उन्होंने अपनी बात रखते हुए कहा कि वह सिख समुदाय के लोगों के बुलाने पर गुरुद्वारे जाते हैं और गुरु ग्रंथ साहिब के सामने मत्था भी टेकते हैं। इसी तरह मुस्लिम समुदाय के लोगों के आमंत्रण पर उनकी मजलिसों में शामिल होते हैं। हिंदू धर्म के त्योहारों और धार्मिक आयोजनों में भी उनकी भागीदारी रहती है।
गौतम बुद्ध और बाबा साहेब के विचारों से प्रभावित हैं राजकुमार भाटी
सपा प्रवक्ता ने कहा कि उन्हें बौद्ध धर्म और गौतम बुद्ध की शिक्षाओं से विशेष लगाव है। इसके साथ ही बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों का भी उनके जीवन पर गहरा प्रभाव है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि बुद्ध की शिक्षाओं का सम्मान करने और आंबेडकर के विचारों का समर्थन करने का मतलब धर्म परिवर्तन करना नहीं है।
भाटी ने कहा कि इंसान किसी भी धर्म में रहकर मानवता की सेवा कर सकता है। उनके मुताबिक, समाज में भेदभाव, छुआछूत, नफरत, अंधविश्वास और पाखंड के खिलाफ आवाज उठाना जरूरी है। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि इन बुराइयों के खिलाफ बोलने के लिए धर्म बदलने की जरूरत नहीं है।
BJP IT सेल पर लगाया दुष्प्रचार का आरोप
राजकुमार भाटी ने अपने वीडियो संदेश में आरोप लगाया कि कार्यक्रम के बाद भाजपा आईटी सेल और कट्टरपंथी विचारधारा से जुड़े लोग सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ दुष्प्रचार कर रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया सामने आने पर ही उनका दूसरा पक्ष स्पष्ट हो सकेगा। भाटी ने लोगों से अपील की कि वे इस मामले में किसी तरह की गलतफहमी न पालें और भ्रामक दावों के प्रभाव में न आएं। उन्होंने अपने संदेश का अंत ‘जय भीम’ और ‘नमो बुद्धाय’ के साथ किया।
इस पूरे विवाद के बीच राजकुमार भाटी की सफाई से यह स्पष्ट है कि वह फिलहाल धर्म परिवर्तन की खबरों को खारिज कर रहे हैं। अब यह मामला सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और उस पर सामने आ रही राजनीतिक प्रतिक्रियाओं को लेकर चर्चा में बना हुआ है।











