आम आदमी पार्टी (AAP) के सात राज्यसभा सांसदों के भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने से उपजे सियासी संकट के बीच अब कांग्रेस ने जलती आग में घी डालने का काम किया है। पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने एक सनसनीखेज दावा करते हुए कहा है कि यह तो सिर्फ शुरुआत है। वडिंग के अनुसार, केवल सांसद ही नहीं, बल्कि आम आदमी पार्टी के कम से कम 50 विधायक भी पाला बदलने की तैयारी में हैं और वे किसी भी दिन पार्टी छोड़ सकते हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जब किसी संगठन में विचारधारा की जगह पैसा और स्वार्थ हावी हो जाता है, तो उस पार्टी का पतन निश्चित होता है।
विचारधारा का अभाव और धनबल की राजनीति: वडिंग का तीखा प्रहार
राजा वडिंग ने राज्यसभा सांसदों के चयन की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि ‘आप’ ने बिना किसी मापदंड के लोगों को ऊंचे पदों पर बैठाया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “जब आप विचारधारा को दरकिनार कर केवल पैसा देखकर राज्यसभा सदस्य बनाएंगे और उनसे व्यक्तिगत मदद लेंगे, तो अंत में नतीजा यही निकलेगा।” वडिंग ने पार्टी नेतृत्व को सचेत रहने की सलाह देते हुए कहा कि जो लोग धन के लालच में आए थे, वे अब सत्ता के लालच में कहीं और जा रहे हैं। उन्होंने ‘आप’ को नसीहत दी कि अगर उन्होंने अब भी अपने काम करने के तरीके को नहीं बदला, तो पंजाब में उनकी सरकार का ढांचा पूरी तरह बिखर सकता है।
पंजाब से कोई ताल्लुक नहीं: बाहरी नेताओं पर साधा निशाना
कांग्रेस अध्यक्ष ने उन सांसदों की प्रासंगिकता पर भी सवाल उठाए जो बीजेपी में शामिल हुए हैं। उन्होंने कहा कि राघव चड्ढा और संदीप पाठक जैसे नेताओं का पंजाब की जमीनी हकीकत और यहाँ की मिट्टी से कोई वास्तविक ताल्लुक नहीं है। विक्रमजीत सिंह साहनी जैसे नेता दिल्ली में रहते हैं और पंजाब की जनता ने उन्हें सांसद बनने से पहले कभी सुना ही नहीं था। वडिंग ने कहा कि पंजाब के लोगों के हितों की रक्षा केवल वही कर सकता है जो यहाँ की समस्याओं को करीब से समझता हो, न कि वे जो केवल राजनीतिक लाभ के लिए राज्य का उपयोग करते हैं।
“हमारे साथ आम लोग हैं”: कांग्रेस और ‘आप’ की कार्यशैली की तुलना
पार्टी छोड़कर जाने वाले नेताओं को ‘माल’ संबोधित करते हुए राजा वडिंग ने कहा कि ऐसे लोगों के जाने से कांग्रेस को कोई फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने गर्व से कहा, “झाड़ू (AAP) का यह माल अब बीजेपी के पास चला गया है, लेकिन कांग्रेस के पास आज भी निष्ठावान और आम लोग हैं।” अपनी पार्टी की तारीफ करते हुए उन्होंने उदाहरण दिया कि कांग्रेस ने हरियाणा में एक गरीब-दलित यूनियन लीडर और हिमाचल में जिला प्रधान जैसे जमीनी कार्यकर्ताओं को राज्यसभा भेजा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पैसे वालों की नहीं, बल्कि विचारधारा वाले संघर्षशील कार्यकर्ताओं की पार्टी है।
‘ऑपरेशन लोटस’ पर पलटवार: वडिंग ने याद दिलाई पुरानी दोस्ती
आम आदमी पार्टी द्वारा लगाए जा रहे ‘ऑपरेशन लोटस’ के आरोपों पर राजा वडिंग ने बड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह कोई बाहरी हमला नहीं, बल्कि ‘आप’ के भीतर की ही कमजोरी है। वडिंग ने कहा, “ये आपके ही चुने हुए बंदे थे जिन्हें आपने बड़े-बड़े घर और सुरक्षा मुहैया कराई थी। दुनिया जानती है कि आपने उन्हें फ्री में सांसद नहीं बनाया था।” उन्होंने साफ किया कि जब पार्टी के भीतर ही असंतोष और भ्रष्टाचार व्याप्त हो, तो उसे ऑपरेशन लोटस का नाम देकर जिम्मेदारी से नहीं बचा जा सकता। वडिंग के इस बयान ने पंजाब की राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है कि क्या वाकई भगवंत मान सरकार के विधायक बगावत के मूड में हैं?
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