Raja Bhaiya News: दिल्ली हाई कोर्ट से राजा भैया की याचिका खारिज, जानें क्या है पूरा कानूनी विवाद?

दिल्ली हाई कोर्ट ने कुंडा विधायक राजा भैया को बड़ा झटका देते हुए उनकी पत्नी भानवी सिंह द्वारा दायर घरेलू हिंसा मामले में जारी समन को बरकरार रखा है। राजा भैया ने इस समन को राउज एवेन्यू की विशेष अदालत में चुनौती दी थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया। अब उन्हें विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट में कानूनी प्रक्रिया का सामना करना होगा।

Raja Bhaiya News

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

जून 2, 2026

Raja Bhaiya News: उत्तर प्रदेश के कुंडा से विधायक और जनसत्ता दल (लोकतांत्रिक) के प्रमुख रघुराज प्रताप सिंह, जिन्हें ‘राजा भैया’ के नाम से जाना जाता है, को दिल्ली हाई कोर्ट से एक बड़ी कानूनी हार का सामना करना पड़ा है। कोर्ट ने उनकी पत्नी भानवी सिंह द्वारा दायर घरेलू हिंसा के मामले में निचली अदालत द्वारा जारी समन को बरकरार रखा है। हाई कोर्ट ने राजा भैया की उस याचिका को सिरे से खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने अपने खिलाफ चल रही कार्यवाही को चुनौती दी थी। इस फैसले के बाद अब राजा भैया को राउज एवेन्यू कोर्ट में कानूनी लड़ाई का सामना करना होगा।

तलाक की याचिका और गंभीर आरोपों का सामना

बताते चले कि, राजा भैया और उनकी पत्नी भानवी सिंह के बीच चल रहा विवाद अब सार्वजनिक रूप से एक जटिल कानूनी मोड़ पर है। राजा भैया ने अपनी पत्नी पर क्रूरता और वैवाहिक परित्याग का आरोप लगाते हुए तलाक के लिए याचिका दायर की है। वहीं दूसरी ओर, भानवी सिंह ने राजा भैया पर घरेलू हिंसा, विवाहेतर संबंध और वित्तीय अनियमितताओं जैसे बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। दोनों पक्षों के बीच चल रहे इस अदालती संघर्ष ने कुंडा की राजनीति के साथ-साथ निजी जीवन में भी हलचल मचा दी है।

राउज एवेन्यू एमपी-एमएलए विशेष अदालत की वैधता पर सुनवाई

दिल्ली हाई कोर्ट में राजा भैया ने जुलाई 2024 में राउज एवेन्यू स्थित विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट द्वारा जारी समन को चुनौती दी थी। उनका मुख्य तर्क यह था कि घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत दायर याचिका की सुनवाई एमपी-एमएलए के लिए गठित विशेष अदालत के बजाय साकेत स्थित मजिस्ट्रेट अदालत में होनी चाहिए। हालांकि, न्यायमूर्ति स्वर्णकान्ता शर्मा ने इस तर्क को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि राउज एवेन्यू की विशेष अदालत वर्तमान जनप्रतिनिधियों से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए पूरी तरह सक्षम है और इसका उद्देश्य ऐसे मामलों का त्वरित निपटारा करना है।

मजिस्ट्रेट अदालत के दायरे में घरेलू हिंसा के दंडात्मक प्रावधान

हाई कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया कि हालांकि घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत मिलने वाली राहतें मुख्य रूप से दीवानी (सिविल) प्रकृति की होती हैं, लेकिन इस कानून में संरक्षण आदेशों के उल्लंघन पर दंडात्मक प्रावधान भी मौजूद हैं। इसी कारण से इन मामलों की सुनवाई मजिस्ट्रेट अदालत द्वारा की जाती है, जो कि आपराधिक प्रक्रिया के दायरे में आती है। अदालत ने राजा भैया की ‘फोरम शॉपिंग’ (अपनी पसंद की अदालत चुनने) संबंधी दलीलों को भी खारिज कर दिया।

अब राउज एवेन्यू कोर्ट में होगी सुनवाई

न्यायालय के इस सख्त रुख के बाद अब यह स्पष्ट हो गया है कि राजा भैया को राउज एवेन्यू स्थित विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट में घरेलू हिंसा मामले की कार्यवाही का सामना करना होगा। यह फैसला उनके लिए एक बड़ी न्यायिक चुनौती माना जा रहा है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि विशेष अदालत में इस मामले की आगामी सुनवाई किस करवट बैठती है।