Diwali Bonus: दिवाली से पहले बड़ी खबर! रेलवे बोनस, सोशल सिक्योरिटी और पेंशन पर कैबिनेट का फैसला

दिवाली से पहले रेलवे कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर है। केंद्रीय कैबिनेट ने करीब 11.40 लाख कर्मचारियों के लिए 78 दिन के परफॉर्मेंस-लिंक्ड बोनस को मंजूरी दी है। इसके लिए 2,009 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा सोशल सिक्योरिटी व्यवस्था को 2031 तक बढ़ाने और दिव्यांगता पेंशन की पात्रता में बदलाव का फैसला भी लिया गया है।

Diwali Bonus

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अक्टूबर 14, 2026

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Diwali Bonus: दिवाली से पहले रेलवे कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर सामने आई है। केंद्रीय कैबिनेट ने रेलवे कर्मचारियों को 78 दिन का परफॉर्मेंस-लिंक्ड बोनस देने की मंजूरी दे दी है। इस फैसले से करीब 11 लाख 40 हजार 770 कर्मचारियों को फायदा मिलने की बात कही गई है। सरकार ने इस बोनस के लिए कुल 2,009 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। त्योहार से पहले लिए गए इस फैसले से रेलवे कर्मचारियों को आर्थिक मदद मिलेगी और उनके परिवारों को भी राहत मिलने की उम्मीद है।

78 दिन का परफॉर्मेंस-लिंक्ड बोनस क्या है?

बताते चले कि, कैबिनेट की बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि रेलवे कर्मचारियों के लिए 78 दिन के बोनस को मंजूरी दी गई है। उन्होंने कहा कि रेलवे के कर्मचारी पूरे साल यात्रियों की सुरक्षित और बेहतर यात्रा सुनिश्चित करने के लिए लगातार काम करते हैं। ऐसे में त्योहार के समय उन्हें बोनस देना उनके काम और योगदान को सम्मान देने का एक तरीका है।

78 दिन का परफॉर्मेंस-लिंक्ड बोनस क्या है?

रेलवे कर्मचारी सिर्फ स्टेशन पर ही नहीं, बल्कि रेलवे ट्रैक, लोकोमोटिव, वर्कशॉप और फील्ड में भी अपनी जिम्मेदारियां निभाते हैं। कई कर्मचारी ऐसे हैं जो दिन-रात ड्यूटी करते हैं, ताकि ट्रेनों का संचालन सुचारु रूप से चलता रहे। त्योहारों के दौरान जब लोग अपने परिवार के साथ समय बिताते हैं, तब भी रेलवे कर्मचारी अपनी ड्यूटी पर तैनात रहते हैं। सरकार ने इसी योगदान को ध्यान में रखते हुए बोनस को मंजूरी दी है।

मोदी कैबिनेट का दूसरा फैसला

आपको बता दे कि, रेलवे बोनस के अलावा केंद्रीय कैबिनेट ने सोशल सिक्योरिटी नेट को आगे बढ़ाने से जुड़ा फैसला भी लिया है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के मुताबिक, इस व्यवस्था को अब 2031 तक बढ़ा दिया गया है। इसके लिए कुल 53,428 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।सोशल सिक्योरिटी का मकसद जरूरतमंद और पात्र लोगों को सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इस व्यवस्था को आगे बढ़ाने के फैसले से संबंधित योजनाओं का लाभ पाने वाले लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, इसका लाभ किन लोगों को और किस प्रक्रिया के तहत मिलेगा, यह संबंधित योजना के विस्तृत नियमों पर निर्भर करेगा।

दिव्यांगता पेंशन के नियमों में बदलाव

दिव्यांगता पेंशन के नियमों में बदलाव

कैबिनेट के तीसरे फैसले में दिव्यांगता पेंशन की पात्रता को लेकर बदलाव किया गया है। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि पहले दिव्यांगता पेंशन के लिए 80 प्रतिशत दिव्यांगता की सीमा निर्धारित थी। अब इस सीमा को घटाकर 40 प्रतिशत कर दिया गया है।इस बदलाव का मतलब है कि निर्धारित नियमों के तहत 40 प्रतिशत दिव्यांगता वाले लोग भी पेंशन के पात्र हो सकेंगे। इससे उन लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो पहले तय पात्रता सीमा के कारण इस सुविधा का लाभ नहीं ले पाते थे। हालांकि, पेंशन पाने के लिए संबंधित योजना की अन्य शर्तों और पात्रता नियमों को पूरा करना भी जरूरी होगा।

दिवाली से पहले तीन फैसलों पर सरकार का फोकस

केंद्रीय कैबिनेट के इन तीन फैसलों में रेलवे कर्मचारियों के बोनस, सोशल सिक्योरिटी व्यवस्था को आगे बढ़ाने और दिव्यांगता पेंशन की पात्रता में बदलाव को शामिल किया गया है। रेलवे बोनस के लिए 2,009 करोड़ रुपये और सोशल सिक्योरिटी व्यवस्था के लिए 53,428 करोड़ रुपये के प्रावधान की घोषणा की गई है। कुल मिलाकर, इन फैसलों का संबंध कर्मचारियों को बोनस देने, सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था जारी रखने और दिव्यांग लोगों के लिए पेंशन की पात्रता का दायरा बढ़ाने से है। अब इन घोषणाओं के साथ जुड़ी विस्तृत शर्तों और लागू होने की प्रक्रिया पर भी नजर रहेगी।