Budget Session 2026: राहुल गांधी ने लगाया ‘देश बेचने’ का आरोप, वित्त मंत्री ने UPA के ‘शर्म अल शेख’ कांड से किया पलटवार

बजट चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर सरकार पर 'भारत माता को बेचने' का संगीन आरोप लगाया। इस पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कड़ा पलटवार करते हुए कांग्रेस को 'शर्म अल शेख' समझौते और 2013 की WTO बाली बैठक की याद दिलाई, जहाँ कथित तौर पर किसानों के हितों का सौदा हुआ था।

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

फ़रवरी 12, 2026

Budget Session 2026: लोकसभा में बजट पर चर्चा के दौरान उस समय भारी हंगामा खड़ा हो गया जब विपक्ष के नेता राहुल गांधी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बीच तीखी नोकझोंक हुई। भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते (Trade Deal) को लेकर शुरू हुई यह बहस “किसने देश को बेचा” जैसे गंभीर आरोपों तक पहुंच गई।

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राहुल गांधी का कड़ा प्रहार

बताते चले कि, सदन को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सरकार पर भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते के जरिए देश के हितों की बलि चढ़ाने का आरोप लगाया। राहुल गांधी ने कहा कि यह समझौता 1.5 अरब भारतीयों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “प्रधानमंत्री ने देश को बेच दिया है, क्या आपको भारत माता का सौदा करते हुए शर्म नहीं आती?” राहुल गांधी का तर्क था कि इस संधि के बाद भारत की ऊर्जा सुरक्षा अब वाशिंगटन के नियंत्रण में होगी, जिससे यह तय होगा कि भारत रूस से तेल खरीदेगा या नहीं।

डेटा और डिजिटल संप्रभुता पर सवाल

आपको बता दे कि, राहुल गांधी ने डेटा लोकलाइजेशन (Data Localization) और डिजिटल टैक्स के मुद्दों पर सरकार को घेरते हुए कहा कि भारत का कीमती डेटा अमेरिका को सौंप दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि ‘फ्री डेटा फ्लो’ की अनुमति देकर और विदेशी कंपनियों को 20 साल की टैक्स छूट प्रदान कर सरकार ने घरेलू हितों की अनदेखी की है। राहुल के अनुसार, सरकार ने अमेरिका को वे सभी हथियार (ऊर्जा और वित्त) सौंप दिए हैं, जिनका उपयोग आज वैश्विक स्तर पर दबाव बनाने के लिए किया जाता है।

राहुल गांधी के आरोपों पर सीतारमण का पलटवार

वहीं, राहुल गांधी के आरोपों का जवाब देते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कांग्रेस के शासनकाल को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर उंगली उठाने वाले यह भूल गए हैं कि UPA सरकार ने ही देश के स्वाभिमान को कमजोर किया था। सीतारमण ने तीखा हमला बोलते हुए कहा, “कांग्रेस ने ही देश, किसानों और गरीबों के हितों का सौदा किया। आपने भारत को पाकिस्तान के साथ जोड़कर (Hyphenate) अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की साख को नुकसान पहुँचाया।”

‘शर्म अल शेख’ का जिक्र

वित्त मंत्री ने 2009 के शर्म अल शेख (मिस्र) संयुक्त बयान का हवाला देते हुए पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर निशाना साधा। उन्होंने याद दिलाया कि 26/11 मुंबई आतंकी हमलों के महज सात महीने बाद पाकिस्तान के साथ बातचीत की गई थी। सीतारमण ने कहा कि जो लोग आतंकवाद के घाव ताजा होने पर पाकिस्तान से हाथ मिला रहे थे, वे आज हमें कूटनीति पर सलाह दे रहे हैं। उन्होंने किरेन रिजिजू के बयान को दोहराते हुए कहा कि आज तक कोई ऐसा पैदा नहीं हुआ जो भारत को बेच सके।

WTO और किसान हित

व्यापारिक समझौतों पर स्पष्टीकरण देते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि विश्व व्यापार संगठन (WTO) की 2013 की बाली बैठक में कांग्रेस ने ‘पीस क्लॉज’ और ट्रेड फैसिलिटेशन एग्रीमेंट (TFA) पर समझौता कर किसानों और गरीबों के हितों को खतरे में डाला था। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार देश की संप्रभुता और आर्थिक सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं कर रही है, बल्कि कांग्रेस के समय की कमजोरियों को दूर कर रही है।

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