Rahul Gandhi vs BJP: कांग्रेस का इतिहास दलित विरोधी, राहुल गांधी के आरोपों पर BJP का पलटवार

हल्द्वानी में मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद कथित शुद्धिकरण को लेकर राहुल गांधी ने BJP-RSS पर दलित विरोधी सोच का आरोप लगाया। इसके बाद BJP ने कांग्रेस के इतिहास और उसके दलितों के प्रति कथित रवैये को लेकर पलटवार किया। आखिर इस सियासी टकराव के पीछे क्या है पूरा मामला?

Rahul Gandhi vs BJP

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अगस्त 29, 2026

Rahul Gandhi vs BJP:  कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की ओर से बीजेपी पर दलित विरोधी होने के आरोप लगाए जाने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। बीजेपी ने राहुल गांधी के आरोपों को खारिज करते हुए कांग्रेस के इतिहास और दलित नेताओं के साथ उसके व्यवहार पर सवाल उठाए हैं। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी और गुरु प्रकाश पासवान ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस पर निशाना साधा और कई घटनाओं का उल्लेख किया।

गुरु प्रकाश पासवान ने कांग्रेस पर लगाए गंभीर आरोप

बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता गुरु प्रकाश पासवान ने कहा कि कांग्रेस और राहुल गांधी का कथित दलित विरोधी चेहरा जनता के सामने है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस को दलित समाज की याद केवल राजनीतिक लाभ के लिए आती है। पासवान ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से जुड़े एक पुराने घटनाक्रम का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि नामांकन के दौरान खरगे बाहर क्यों दिखाई दे रहे थे।

खरगे की तस्वीर को लेकर बीजेपी ने उठाया सवाल

गुरु प्रकाश पासवान ने वायनाड में नामांकन से जुड़ी एक तस्वीर दिखाते हुए दावा किया कि उस समय राहुल गांधी के परिवार और कांग्रेस नेताओं की मौजूदगी के बीच मल्लिकार्जुन खरगे बाहर खड़े नजर आए थे। उन्होंने सवाल किया कि क्या दलित समाज के नेता के लिए पार्टी में अंदर स्थान नहीं है। बीजेपी नेता ने इस तस्वीर को कांग्रेस की कथित मानसिकता से जोड़ते हुए राहुल गांधी से जवाब मांगा।

नारायणस्वामी की तस्वीर दिखाकर साधा निशाना

प्रेस कॉन्फ्रेंस में पासवान ने पुडुचेरी के पूर्व मुख्यमंत्री वी. नारायणस्वामी से जुड़ी एक तस्वीर भी दिखाई। उन्होंने दावा किया कि तस्वीर में नारायणस्वामी राहुल गांधी की चप्पल उठाते नजर आ रहे हैं। बीजेपी नेता ने इसे कांग्रेस की आंतरिक संस्कृति का उदाहरण बताते हुए सवाल किया कि एक ओर पार्टी अध्यक्ष को बाहर खड़ा दिखाया जाता है और दूसरी ओर पूर्व मुख्यमंत्री से इस तरह का व्यवहार कराया जाता है।

कांग्रेस के पुराने दलित नेताओं का भी किया जिक्र

गुरु प्रकाश पासवान ने अपने आरोपों के समर्थन में बाबू जगजीवन राम और डॉ. भीमराव आंबेडकर सहित कई प्रमुख दलित नेताओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने इन नेताओं के साथ किस तरह का व्यवहार किया, यह किसी से छिपा नहीं है। उन्होंने राहुल गांधी पर दलित मुद्दों को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करने का आरोप भी लगाया।

सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी पर साधा निशाना

बीजेपी प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने भी राहुल गांधी की राजनीति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी अलग-अलग राजनीतिक मुद्दों के आधार पर अपनी छवि बदलते रहे हैं, लेकिन इससे वास्तविकता नहीं बदल सकती। त्रिवेदी ने राहुल गांधी के पुराने राजनीतिक बयानों और उनकी सार्वजनिक छवि में आए बदलावों का उल्लेख करते हुए कांग्रेस पर कटाक्ष किया।

दलित मुद्दे पर पुराने मामलों का दिया उदाहरण

सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि जिन दो वीडियो और तस्वीरों को लेकर बीजेपी ने सवाल उठाए हैं, उनमें जाति का कोई सीधा संबंध नहीं है। उन्होंने कांग्रेस से सवाल किया कि यदि पार्टी वास्तव में दलित समाज के सम्मान और सुरक्षा को लेकर गंभीर है, तो राजस्थान में दलित युवाओं से जुड़े पुराने मामलों में कार्रवाई क्यों नहीं हुई। उन्होंने हरीश जाटव और योगेश जाटव से जुड़े मामलों का उल्लेख करते हुए तत्कालीन सरकार की भूमिका पर सवाल उठाए।

वोट बैंक की राजनीति का लगाया आरोप

त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस कथित तौर पर दलितों और अल्पसंख्यकों से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक नजरिए से देखती है। उन्होंने कहा कि यदि किसी समुदाय को वोट बैंक माना जाता है तो उसके पक्ष में राजनीतिक प्रतिक्रिया अलग दिखाई देती है, जबकि दलित समाज से जुड़े मामलों में कांग्रेस का रवैया अलग रहा है। बीजेपी नेता ने इसी आधार पर कांग्रेस की नीतियों और उसके दावों पर सवाल उठाए।

राजनीतिक आरोपों से और गरमाया विवाद

राहुल गांधी के आरोपों के जवाब में बीजेपी की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद कांग्रेस और बीजेपी के बीच दलित राजनीति को लेकर विवाद और तेज होने के संकेत हैं। बीजेपी ने कांग्रेस के पुराने रिकॉर्ड और नेताओं से जुड़े घटनाक्रमों को सामने रखकर राहुल गांधी के दावों को चुनौती दी है। वहीं, इस पूरे विवाद का केंद्र दलित सम्मान, प्रतिनिधित्व और राजनीतिक भागीदारी जैसे मुद्दे बने हुए हैं।

दोनों दलों के बीच बढ़ सकती है राजनीतिक बयानबाजी

दलित समाज से जुड़े मुद्दे देश की राजनीति में लंबे समय से महत्वपूर्ण रहे हैं। ऐसे में राहुल गांधी के आरोपों और बीजेपी के पलटवार ने इस बहस को एक बार फिर राजनीतिक केंद्र में ला दिया है। बीजेपी ने जहां कांग्रेस के इतिहास को कठघरे में खड़ा करने की कोशिश की है, वहीं कांग्रेस की ओर से इन आरोपों पर आगे प्रतिक्रिया आने की संभावना है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा राजनीतिक मंचों और सार्वजनिक बहस में और अधिक जोर पकड़ सकता है।

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