Congress Movement : राहुल गांधी का छात्र सम्मेलन, पेपर लीक और बेरोजगारी पर कांग्रेस का देशव्यापी आंदोलन शुरू

नीट परीक्षा धांधली और बार-बार होने वाले पेपर लीक से परेशान देश के लाखों युवाओं के लिए राहुल गांधी ने बड़े आंदोलन की घोषणा की है। 17 जून से कोटा से शुरू हो रहा यह छात्र सम्मेलन देश के प्रमुख कोचिंग हब्स तक पहुंचेगा। आखिर इस आंदोलन से क्या बड़ा बदलाव आएगा?

Congress Movement

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जून 13, 2026

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Congress Movement : देश के भीतर पिछले कुछ समय से लगातार सामने आ रहे सरकारी भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक, विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में हो रही गंभीर गड़बड़ियों और युवाओं के बीच बढ़ती बेरोजगारी के संवेदनशील मुद्दों पर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ आर-पार की जंग का बिगुल फूंक दिया है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कुशल मार्गदर्शन और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के प्रखर नेतृत्व में पार्टी एक बहुत बड़ा और व्यापक राष्ट्रव्यापी आंदोलन शुरू करने जा रही है।

कांग्रेस आलाकमान का स्पष्ट मानना है कि इस महा-आंदोलन का मुख्य उद्देश्य देश के करोड़ों होनहार युवाओं, छात्रों और उनके अभिभावकों के भविष्य के साथ हो रहे लगातार धोखे के खिलाफ एक मजबूत और निर्णायक आवाज उठाना है। इन आगामी छात्र सम्मेलनों की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि इसमें दिन-रात परीक्षाओं की तैयारी करने वाले आम छात्र, विभिन्न युवा संगठन, शिक्षाविद, शिक्षक और हालिया पेपर लीक घोटालों से सीधे तौर पर पीड़ित हुए युवा खुद शामिल होंगे। वे मंच पर लोकसभा नेता राहुल गांधी से सीधा वन-टू-वन संवाद स्थापित करेंगे और अपनी जमीनी परेशानियां व मानसिक तनाव को साझा करेंगे।

राहुल गांधी खुद संभालेंगे इस महा-अभियान की कमान

देश के करोड़ों छात्रों और निराश युवाओं की टूटती उम्मीदों को एक नई राजनीतिक और सामाजिक आवाज बुलंद करने के लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी खुद मैदान में उतरने का फैसला कर चुके हैं। वे किसी भी बिचौलिए के बिना सीधे तौर पर देश के प्रमुख शिक्षा केंद्रों और कोचिंग हब के रूप में विख्यात बड़े शहरों में जाकर छात्रों के विशाल सम्मेलनों को संबोधित करेंगे और उनकी बात सुनेंगे।

पार्टी द्वारा इस ऐतिहासिक महा-अभियान का पूरा विस्तृत शेड्यूल और तारीखें इस प्रकार तय की गई हैं, जिसके तहत सबसे पहला सम्मेलन आगामी 17 जून को राजस्थान के प्रसिद्ध कोचिंग सिटी कोटा में आयोजित किया जाएगा। इसके बाद, आंदोलन को आगे बढ़ाते हुए 10 जुलाई को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज (इलाहाबाद) में युवाओं की महफिल सजेगी, जबकि ठीक अगले दिन 11 जुलाई को बिहार की राजधानी पटना में छात्र हुंकार भरेंगे। इस पहले चरण के भव्य अभियान का समापन आगामी 14 जुलाई को देश की राजधानी नई दिल्ली में एक विशाल छात्र महासम्मेलन के साथ किया जाएगा।

सड़क से लेकर संसद तक मचेगा भारी घमासान

कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल द्वारा जारी किए गए एक आधिकारिक और कड़े सांगठनिक बयान के मुताबिक, राहुल गांधी इस बड़े आंदोलन के जरिए पीड़ित युवाओं की जायज मांगों को केवल सड़कों तक सीमित नहीं रखेंगे, बल्कि इसे आगामी संसद सत्र में सदन के भीतर भी पूरी ताकत से उठाएंगे। कांग्रेस पार्टी ने इस आंदोलन के माध्यम से सरकार के सामने अपनी कई मुख्य और कड़े मांगें रखी हैं। इन मांगों में सबसे प्रमुख है कि नीट (NEET) जैसी अति-महत्वपूर्ण राष्ट्रीय स्तर की मेडिकल प्रवेश परीक्षा का पूरी तरह से विकेंद्रीकरण किया जाए ताकि राज्यों को भी अधिकार मिल सके।

इसके साथ ही, गरीब और मध्यमवर्गीय छात्रों को राहत देने के लिए सभी सरकारी व प्रतियोगी परीक्षाओं के आवेदन फॉर्म की फीस को पूरी तरह से खत्म (मुफ्त) किया जाए। पार्टी की यह भी मांग है कि देश में सक्रिय संगठित पेपर लीक माफियाओं और सॉल्वर गैंग के खिलाफ एक नया व बेहद सख्त गैर-जमानती कानूनी ढांचा तैयार कर सख्त कार्रवाई की जाए और इस पूरी राष्ट्रीय नाकामी व प्रशासनिक विफलता की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री अपने पद से तुरंत इस्तीफा दें।

NSUI और यूथ कांग्रेस मिलकर गांव-गांव तक पहुंचाएंगे आवाज

इस बड़े छात्र आंदोलन को देश के कोने-कोने, सुदूर गांवों और हर घर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए कांग्रेस की छात्र इकाई एनएसयूआई (NSUI), भारतीय युवा कांग्रेस (Youth Congress) और सभी राज्यों की स्थानीय कमेटियां पूरी एकजुटता के साथ मिलकर काम करेंगी। इस रणनीति के तहत पार्टी के कार्यकर्ता देश भर के प्रमुख विश्वविद्यालयों, कॉलेजों, बड़े स्कूलों, निजी व सरकारी कोचिंग सेंटरों और युवा हॉस्टलों में जाकर छात्रों से सीधा जनसंपर्क स्थापित करेंगे।

इसके अलावा, आंदोलन को डिजिटल रूप देने के लिए सोशल मीडिया पर एक बहुत बड़ा नेशनल कैंपेन चलाने के साथ-साथ राहुल गांधी के भाषणों की विभिन्न शहरों के चौराहों पर लाइव स्क्रीनिंग भी की जाएगी। कांग्रेस नेतृत्व का साफ तौर पर कहना है कि यह लड़ाई किसी भी तरह की दलीय राजनीति या चुनावी लाभ से कहीं ऊपर उठकर देश के करोड़ों युवाओं के सुरक्षित भविष्य और हमारी निष्पक्ष शिक्षा प्रणाली को बचाने की है। यही वजह है कि पार्टी आगामी संसद सत्र में इस राष्ट्रीय मुद्दे पर सरकार को घेरेगी और एक कड़े कानून के निर्माण की मांग पर अड़ेगी।

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