Doklam Issue 2026: संसद के बाहर बरसे राहुल गांधी, ‘जब चीन सामने खड़ा था, तब कहाँ थी 56 इंच की छाती?’

लोकसभा से बाहर आते ही राहुल गांधी ने सरकार को 'डरपोक' करार दिया। उन्होंने कहा कि जनरल नरवणे की किताब में वो सच दर्ज है जिससे प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री डर रहे हैं। आखिर उस किताब के उन 2-3 पन्नों में ऐसा क्या लिखा है, जिसे राहुल सदन में पढ़ना चाहते थे?

Doklam Issue 2026

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

फ़रवरी 2, 2026

Doklam Issue 2026: सोमवार को संसद में चीन से जुड़े मुद्दे पर जबरदस्त राजनीतिक हंगामा देखने को मिला। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने पूर्व थलसेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे का हवाला देते हुए चीन से संबंधित घटनाओं को सदन में उठाने की कोशिश की। उनके इस प्रयास के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। बढ़ते शोर-शराबे के कारण लोकसभा की कार्यवाही को अंततः मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया।

सदन में बयान के बाद बढ़ा विवाद

राहुल गांधी जैसे ही चीन और सेना से जुड़े मुद्दे पर बोलने लगे, वैसे ही सत्ता पक्ष ने कड़ा विरोध जताया। उनका कहना था कि जिस सामग्री का हवाला दिया जा रहा है, वह आधिकारिक रूप से प्रकाशित नहीं है। इसी आपत्ति के बीच सदन का माहौल तनावपूर्ण होता चला गया और कार्यवाही बार-बार बाधित होने लगी। हालात इतने बिगड़ गए कि स्पीकर को सत्र स्थगित करने का फैसला लेना पड़ा।

संसद के बाहर राहुल गांधी का बयान

लोकसभा की कार्यवाही स्थगित होने के बाद राहुल गांधी ने संसद परिसर के बाहर मीडिया से बातचीत की। उन्होंने कहा कि यह पूरा मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है और इस पर चर्चा होना बेहद जरूरी है। राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि वे सदन में वही बात कहना चाह रहे थे, जो पूर्व आर्मी चीफ जनरल नरवणे ने अपनी किताब में लिखी है और जिसका जिक्र एक आर्टिकल में किया गया है।

“मैं सिर्फ आर्टिकल को कोट कर रहा हूं”

राहुल गांधी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि वे किसी व्यक्तिगत आरोप या राय को सामने नहीं रख रहे हैं। उनका कहना था कि वे केवल एक आर्टिकल को कोट कर रहे हैं, जिसमें यह बताया गया है कि जब चीन भारतीय सीमा के सामने खड़ा था, उस समय क्या हालात थे और राजनीतिक नेतृत्व की क्या भूमिका रही। उन्होंने कहा कि वे यह बताना चाहते थे कि उस दौर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बीच क्या बातचीत हुई थी।

पूर्व आर्मी चीफ के नजरिये का हवाला

राहुल गांधी ने जोर देकर कहा कि यह उनके निजी विचार नहीं हैं, बल्कि पूर्व थलसेना प्रमुख का नजरिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जनरल नरवणे की किताब को अब तक प्रकाशित नहीं होने दिया जा रहा है और वह अटकी हुई है। राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि सरकार एक पूर्व आर्मी चीफ के दृष्टिकोण से इतना क्यों डर रही है।

“वे इतना क्यों डर रहे हैं?”

कांग्रेस सांसद ने आगे कहा कि अगर सेना प्रमुख जो कहना चाहते हैं, वह सामने आता है, तो देश उससे बहुत कुछ सीख सकता है। उनके मुताबिक, इससे प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री और सेना—तीनों के बारे में सच्चाई सामने आ सकती है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि राजनीतिक नेतृत्व ने किस तरह सेना को निराश किया, यह भी जनता के सामने आएगा।

सच्चाई सामने आने का डर

राहुल गांधी ने यह भी कहा कि उन्हें जानबूझकर सदन में बोलने नहीं दिया जा रहा है। उनका आरोप था कि सरकार डरी हुई है, क्योंकि अगर यह मुद्दा खुलकर चर्चा में आया तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की सच्चाई लोगों के सामने आ जाएगी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब चीन आगे बढ़ रहा था, तब “56 इंच के सीने” का क्या हुआ, यह सवाल जनता जानना चाहती है।

राजनीतिक टकराव और आगे की स्थिति

इस पूरे घटनाक्रम के बाद संसद का राजनीतिक माहौल और ज्यादा गरमा गया है। अब सबकी नजर मंगलवार को होने वाली लोकसभा की अगली कार्यवाही पर टिकी है, जहां एक बार फिर इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के आमने-सामने आने की संभावना जताई जा रही है।