
INDIA Alliance Rally: रामलीला मैदान में राहुल गांधी और विपक्षी दलों की रैली के बाद सियासी घमासान तेज हो गया है। भारतीय जनता पार्टी ने इस प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस और इंडिया गठबंधन पर जमकर निशाना साधा है। बीजेपी ने रामलीला मैदान की तस्वीर जारी करते हुए दावा किया कि रैली के दौरान करीब 45 फीसदी मैदान खाली पड़ा था। पार्टी का कहना है कि विपक्ष की कई पार्टियां एक साथ आने के बावजूद मैदान को पूरी तरह नहीं भर पाईं।
बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि वह शुरुआत से ही इस रैली पर नजर बनाए हुए थे, लेकिन आखिर में यह प्रदर्शन सिर्फ समय की बर्बादी साबित हुआ। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और राहुल गांधी की टीम लगातार दावा कर रही थी कि रामलीला मैदान में 10 लाख लोग जुटेंगे, लेकिन मौके पर ऐसा कुछ दिखाई नहीं दिया।
10 लाख लोगों के दावे पर संबित पात्रा का सवाल
संबित पात्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में रामलीला मैदान का वीडियो दिखाते हुए भीड़ को लेकर विपक्ष के दावों पर सवाल उठाए। उन्होंने मैदान के आकार, वहां लगाए गए टेंट और बैठने की व्यवस्था का जिक्र किया। पात्रा के मुताबिक, रामलीला मैदान करीब 10 से 12 एकड़ में फैला है। इसमें स्टेज और टेंट के लिए भी काफी जगह रखी गई थी।

उन्होंने दावा किया कि मैदान में करीब 28 हजार कुर्सियां लगाई गई थीं, लेकिन शाम चार बजे तक बड़ी संख्या में कुर्सियां खाली दिखाई दे रही थीं। संबित पात्रा ने सवाल किया कि जब 10 लाख लोगों के आने का दावा किया गया था, तो इतनी बड़ी भीड़ कहां थी? उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने ट्रिक फोटोग्राफी के जरिए मैदान को भरा हुआ दिखाने की कोशिश की।
राहुल गांधी के शिवजी की बारात वाले बयान पर बीजेपी का पलटवार
बीजेपी ने राहुल गांधी के शिवजी की बारात वाले तंज पर भी कड़ी प्रतिक्रिया दी। संबित पात्रा ने कहा कि यह शिवजी की बारात नहीं, बल्कि अराजकता की धमाचौकड़ी है। उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन लोगों को शिव तांडव और भगवान शिव की बारात के बीच का अंतर नहीं पता, वे आध्यात्म की बातें कर रहे हैं।

पात्रा ने कहा कि विपक्षी दलों के पास कई पार्टियों के झंडे थे और सभी नेता एक साथ मंच पर नजर आए, लेकिन इसके बावजूद वे बड़ी संख्या में लोगों को इकट्ठा नहीं कर पाए। उन्होंने कहा कि केवल कैमरे और तस्वीरों के जरिए भीड़ दिखाने से कोई बड़ा नेता नहीं बन जाता।
ट्रिक फोटोग्राफी से प्रधानमंत्री नहीं बनते राहुल गांधी: संबित पात्रा
संबित पात्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री बनने के लिए मेहनत और जनता के बीच काम करना पड़ता है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ट्रिक से कोई नेता या प्रधानमंत्री नहीं बनता। पीएम बनने के लिए पसीना बहाना पड़ता है और लगातार मेहनत करनी पड़ती है। बीजेपी प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि अगर विपक्षी दलों ने रैली के लिए सही तरीके से मेहनत की होती तो रामलीला मैदान खाली नहीं दिखाई देता।
2024 लोकसभा चुनाव पर राहुल गांधी के बयान को लेकर भी BJP का हमला

बीजेपी ने राहुल गांधी की ओर से 2024 के लोकसभा चुनाव को गैर-कानूनी बताए जाने वाले बयान पर भी सवाल उठाए। संबित पात्रा ने कहा कि राहुल गांधी के भाषण में पुरानी बातें दोहराई जा रही हैं। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर दिए गए राहुल गांधी के बयान पर भी प्रतिक्रिया दी।पात्रा ने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव के समय ज्ञानेश कुमार मुख्य चुनाव आयुक्त नहीं थे। वह 2025 में इस पद पर आए थे। ऐसे में राहुल गांधी को अपने आरोपों के बारे में स्पष्टता रखनी चाहिए।
चुनाव को गैर-कानूनी मानते हैं तो राहुल गांधी भी दें जवाब: बीजेपी
संबित पात्रा ने सवाल उठाया कि अगर राहुल गांधी 2024 के लोकसभा चुनाव को गैर-कानूनी मानते हैं, तो क्या वह खुद भी इसी चुनाव के जरिए गैर-कानूनी तरीके से सांसद बने हैं? उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे समेत विपक्ष के दूसरे नेताओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अगर चुनाव में कोई गड़बड़ी थी तो विपक्ष को उसी समय सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाना चाहिए था। ढाई साल बाद इस मुद्दे पर प्रदर्शन करने का क्या मतलब है? बीजेपी ने इसी सवाल के जरिए कांग्रेस और इंडिया गठबंधन को घेरने की कोशिश की।
कुल मिलाकर, रामलीला मैदान में विपक्ष के प्रदर्शन के बाद बीजेपी और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। एक तरफ विपक्ष चुनावी प्रक्रिया और लोकतंत्र को लेकर सवाल उठा रहा है, वहीं बीजेपी रैली में जुटी भीड़ और राहुल गांधी के बयानों को लेकर पलटवार कर रही है।











