Rahul Gandhi Notice : लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की मुश्किलें बढ़ती दिखाई दे रही हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ संसद में कथित आपत्तिजनक टिप्पणी और गंभीर आरोप लगाए जाने के मामले में लोकसभा की विशेषाधिकार समिति ने राहुल गांधी को नोटिस जारी किया है। समिति ने उनसे पूरे मामले पर अपना जवाब और स्पष्टीकरण देने को कहा है। राहुल गांधी को 28 अगस्त 2026 तक अपना पक्ष समिति के सामने रखना होगा।
संसद में विधेयक पर चर्चा के दौरान उठा विवाद
पूरा मामला परीक्षाओं में नकल और अनुचित तरीकों पर रोक लगाने वाले संशोधन विधेयक, 2026 पर लोकसभा में हुई चर्चा से जुड़ा है। विधेयक पर बहस के दौरान राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह को लेकर कुछ गंभीर आरोप लगाए थे। इन टिप्पणियों के सामने आने के बाद भारतीय जनता पार्टी की ओर से कड़ी आपत्ति जताई गई और इसे संसद की मर्यादा के खिलाफ बताते हुए कार्रवाई की मांग की गई।
बीजेपी सांसद ने दिया था विशेषाधिकार हनन नोटिस
राहुल गांधी की कथित टिप्पणियों के खिलाफ बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने 30 जुलाई को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के समक्ष विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया था। शिकायत में आरोप लगाया गया कि राहुल गांधी ने सदन में चर्चा के दौरान गृह मंत्री के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए और ऐसा करते समय आवश्यक अग्रिम सूचना के नियमों का पालन नहीं किया।
गंभीर आरोपों को लेकर बीजेपी ने उठाए सवाल
शिकायत में बीजेपी की ओर से कहा गया कि संसद में किसी सदस्य द्वारा लगाए जाने वाले गंभीर आरोपों के लिए निर्धारित नियमों का पालन जरूरी है। पार्टी का आरोप था कि राहुल गांधी की ओर से गृह मंत्री के खिलाफ की गई टिप्पणियां सदन की निर्धारित प्रक्रिया और संसदीय मर्यादा के अनुरूप नहीं थीं। इसी आधार पर मामले में विशेषाधिकार हनन की कार्रवाई की मांग की गई।
संजय जायसवाल ने भी कार्रवाई की मांग की
इस मामले में बीजेपी सांसद डॉ. संजय जायसवाल ने भी सोशल मीडिया के जरिए अपनी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने राहुल गांधी द्वारा गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ कथित तौर पर इस्तेमाल किए गए असंसदीय शब्दों का संज्ञान लेने की मांग की। उन्होंने संबंधित संसदीय नियमों के तहत उचित कार्रवाई शुरू करने का आग्रह किया था।
लोकसभा अध्यक्ष ने समिति को भेजा मामला
बीजेपी की ओर से आई शिकायतों और उठाई गई आपत्तियों के बाद लोकसभा अध्यक्ष ने मामले को विशेषाधिकार समिति के पास भेज दिया। अब समिति ने राहुल गांधी को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया है। नोटिस के जरिए उनसे संबंधित टिप्पणियों पर स्पष्टीकरण मांगा गया है। समिति राहुल गांधी के जवाब और उपलब्ध तथ्यों पर विचार करने के बाद आगे की प्रक्रिया तय कर सकती है।
28 अगस्त तक देना होगा जवाब
विशेषाधिकार समिति ने राहुल गांधी को स्पष्ट समयसीमा देते हुए 28 अगस्त 2026 तक जवाब देने को कहा है। इस जवाब में उन्हें अपने भाषण के दौरान की गई कथित टिप्पणियों और लगाए गए आरोपों को लेकर अपना पक्ष स्पष्ट करना होगा। इसके बाद समिति मामले पर आगे विचार कर सकती है।
भाषण से असंसदीय शब्द हटाया गया था
संसद में राहुल गांधी के भाषण को लेकर पहले भी एक अहम घटनाक्रम सामने आया था। उनके भाषण के दौरान इस्तेमाल किए गए एक कथित असंसदीय शब्द को बाद में सदन की कार्यवाही से हटा दिया गया था। संसद के नियमों के तहत ऐसे शब्दों को रिकॉर्ड से हटाने की प्रक्रिया अपनाई जाती है।
हंगामे के बीच पूरा नहीं हो सका भाषण
बहस के दौरान सदन में हंगामा भी देखने को मिला था। विरोध और शोर-शराबे के कारण राहुल गांधी अपना भाषण पूरा नहीं कर सके। अब उसी चर्चा के दौरान गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ कथित टिप्पणियों को लेकर विशेषाधिकार समिति की ओर से नोटिस जारी होने के बाद मामला एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गया है।
आगे की कार्रवाई पर टिकी नजर
फिलहाल राहुल गांधी के जवाब पर सभी की नजरें हैं। उनके स्पष्टीकरण के बाद विशेषाधिकार समिति मामले में आगे की कार्रवाई पर विचार कर सकती है। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब संसद में राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप लगातार चर्चा में हैं। समिति की अगली प्रक्रिया इस मामले की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
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