Rahul Gandhi: मोदी सरकार पर राहुल गांधी का हमला, विपक्षी दलों को लेकर भी टिप्पणी

राहुल गांधी ने एक बार फिर मोदी सरकार पर तीखा हमला किया है और विपक्षी दलों को लेकर भी अहम टिप्पणी की है। उनके बयान के बाद राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। बीजेपी ने पलटवार किया है और इसे राजनीति से प्रेरित बयान बताया है, जिससे विवाद और बढ़ गया है।

मोदी सरकार पर राहुल गांधी का हमला

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

मई 26, 2026

Rahul Gandhi: कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर बड़ा राजनीतिक बयान दिया है। उन्होंने दावा किया कि नरेंद्र मोदी अब ज्यादा समय तक प्रधानमंत्री पद पर नहीं रहेंगे और “एक साल के भीतर उनका कार्यकाल समाप्त हो सकता है।” राहुल गांधी के इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल और अधिक गरमा गया है।

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बीजेपी का पलटवार: “सरकार स्थिर है”

राहुल गांधी के इस बयान पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। बीजेपी नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि केंद्र सरकार पूरी तरह मजबूत और स्थिर है। पार्टी ने राहुल गांधी के दावे को खारिज करते हुए कहा कि सरकार “अंगद के पैर” की तरह अडिग है और इसे कोई भी राजनीतिक ताकत हिला नहीं सकती, यहां तक कि “100 राहुल गांधी भी नहीं।”

राहुल गांधी का दोहराया गया दावा

विवाद के बीच राहुल गांधी ने अपने बयान को एक बार फिर दोहराया। उन्होंने कहा कि देश में बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक नीतियों को लेकर सरकार की स्थिति कमजोर हो चुकी है। उनके अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन मुद्दों पर “एक्सपोज” हो चुके हैं और जनता के सामने सच्चाई अब साफ हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में देश की राजनीति में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं और मौजूदा नेतृत्व में परिवर्तन संभव है।

दलित राजनीति और क्षेत्रीय दलों पर टिप्पणी

राहुल गांधी ने केवल केंद्र सरकार ही नहीं, बल्कि क्षेत्रीय राजनीति को लेकर भी अहम बयान दिया। उन्होंने कहा कि यदि 1980 और 1990 के दशक में कांग्रेस पार्टी ने दलित समुदाय पर अधिक ध्यान दिया होता, तो आज कई क्षेत्रीय दल इतने मजबूत नहीं होते। उनका कहना था कि उस समय सामाजिक न्याय और दलित प्रतिनिधित्व पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया, जिसकी वजह से क्षेत्रीय दलों का उदय हुआ और उन्होंने राजनीतिक रूप से मजबूत स्थिति हासिल की।

कांग्रेस की SC विभाग बैठक में बड़ा फोकस

दिल्ली में कांग्रेस के अनुसूचित जाति (SC) विभाग की एक महत्वपूर्ण रणनीतिक बैठक आयोजित की गई। यह बैठक विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र पाल गौतम द्वारा बुलाई गई थी, जिसमें राहुल गांधी मुख्य रूप से शामिल हुए।

सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में दलित समुदाय के राजनीतिक सशक्तिकरण और संगठन में उनकी भागीदारी बढ़ाने पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में यह रणनीति बनाई गई कि जिन राज्यों में कांग्रेस की सरकार है, वहां दलित समुदाय को सत्ता और संगठन दोनों स्तरों पर अधिक प्रतिनिधित्व दिया जाएगा।

देशभर से नेताओं की बड़ी भागीदारी

इस बैठक में दक्षिण भारत के विभिन्न राज्यों से जुड़े करीब 380 जिला अध्यक्षों और प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इसका मुख्य उद्देश्य दलित समुदाय के बीच कांग्रेस की पकड़ को मजबूत करना और पार्टी की विचारधारा को जमीनी स्तर तक पहुंचाना था। इसके साथ ही सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देने और दलितों पर होने वाले कथित अत्याचारों को लेकर भी रणनीति पर चर्चा की गई।

संगठन को मजबूत करने की रणनीति

कांग्रेस नेताओं ने इस बैठक में तय किया कि पार्टी का फोकस जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने पर रहेगा। दलित समुदाय को अधिक राजनीतिक अवसर देने और उनकी भागीदारी बढ़ाने को प्राथमिक लक्ष्य बनाया गया है।

राजेंद्र पाल गौतम ने एबीपी न्यूज़ से बातचीत में कहा कि बैठक में दलित समाज को राजनीतिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने, कांग्रेस की विचारधारा को गांव-गांव तक पहुंचाने और उनके मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने पर विस्तार से चर्चा हुई।

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