Congress BJP Clash : दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुए कथित लाठीचार्ज को लेकर राजनीतिक घमासान लगातार जारी है। कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। रिजिजू ने दावा किया था कि प्रदर्शन के दौरान किसी प्रदर्शनकारी को गंभीर नुकसान नहीं पहुंचा और न ही किसी की हड्डी टूटी। उन्होंने यह भी कहा था कि गंभीर चोट के चलते किसी प्रदर्शनकारी को अस्पताल में भर्ती होने की जानकारी नहीं है।
राहुल गांधी ने सरकार के दावे पर उठाए सवाल
राहुल गांधी ने इन दावों को खारिज करते हुए दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार के मंत्री पुलिस की तारीफ करने की बात कर रहे हैं, जबकि उनके अनुसार संसद से महज कुछ दूरी पर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग किया गया। राहुल गांधी ने दावा किया कि प्रदर्शनकारियों पर पैलेट गन और कील लगी लाठियों का इस्तेमाल किया गया।
घायल छात्रों का हवाला देकर सरकार को घेरा
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान एक बच्चे की आंख और एक बच्ची के कान को चोट पहुंची। उन्होंने सवाल किया कि ऐसी कार्रवाई को किस तरह सही ठहराया जा सकता है। राहुल गांधी के मुताबिक, उन्होंने खुद प्रदर्शन के दौरान घायल हुए कुछ छात्रों से मुलाकात की है। उन्होंने कहा कि घटना से जुड़े कई वीडियो सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर सामने आ चुके हैं।
‘पहले चोट पहुंचाओ, फिर कहो कुछ हुआ नहीं’
राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार की कार्यशैली में कथित तौर पर हिंसा और सच्चाई को नकारने की प्रवृत्ति दिखाई देती है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की गई और बाद में सरकार की ओर से यह कहा जा रहा है कि किसी को गंभीर नुकसान नहीं हुआ। उन्होंने सरकार से छात्रों के साथ हुई घटना को लेकर जवाब देने की मांग की।
अमित शाह और प्रधानमंत्री पर भी निशाना
राहुल गांधी ने अपने बयान में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि संसद के पूरे सत्र के दौरान अमित शाह विपक्ष के सवालों से बचते रहे। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री ने अब तक प्रदर्शनकारी छात्रों से कथित कार्रवाई को लेकर माफी नहीं मांगी है।
छात्रों के अधिकारों की बात
राहुल गांधी ने कहा कि देश के युवाओं और छात्रों को अपनी आवाज उठाने तथा सवाल पूछने का अधिकार है। उन्होंने सरकार से अपील की कि प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों के साथ संवाद का रास्ता अपनाया जाना चाहिए। कांग्रेस नेता के मुताबिक, छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग करने के बजाय उनकी शिकायतों को सुनना और समस्याओं का समाधान तलाशना लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा होना चाहिए।
सरकार और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज
जंतर-मंतर की घटना को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप लगातार बढ़ रहे हैं। एक तरफ केंद्रीय मंत्री पुलिस कार्रवाई में गंभीर चोटों से इनकार कर रहे हैं, वहीं राहुल गांधी इसे छात्रों के खिलाफ बर्बर कार्रवाई बता रहे हैं। इस मुद्दे पर विपक्ष सरकार से जवाब मांग रहा है और प्रदर्शनकारियों के अधिकारों की बात कर रहा है।
राहुल गांधी ने छात्रों से कहा- सच सामने आएगा
राहुल गांधी ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि देश के छात्रों को गुमराह नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि युवा घटनाओं को अपनी आंखों से देखते हैं और उनके पास घटनाओं को याद रखने की क्षमता भी है। कांग्रेस नेता ने सरकार से छात्रों के साथ कथित कार्रवाई पर सच्चाई सामने रखने और उनकी शिकायतों का समाधान करने की मांग की।
लाठीचार्ज विवाद ने बढ़ाई राजनीतिक गर्मी
जंतर-मंतर प्रदर्शन से जुड़ा यह विवाद अब केवल पुलिस कार्रवाई तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनता जा रहा है। राहुल गांधी के ताजा बयान के बाद इस मामले में राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है। छात्रों के प्रदर्शन, पुलिस कार्रवाई और सरकार के दावों को लेकर आने वाले दिनों में विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच टकराव जारी रह सकता है।










