Student Movement : राहुल गांधी का ‘छात्रों की गूंज’ अभियान, पेपर लीक, बेरोजगारी पर बुलंद होगी आवाज

पेपर लीक, बढ़ती बेरोजगारी और छात्रों की नाराजगी के बीच राहुल गांधी ने 'छात्रों की गूंज' अभियान शुरू किया है। आखिर इस आंदोलन का उद्देश्य क्या है, यह छात्रों की समस्याओं को कितना बड़ा मंच देगा और क्या इससे देश की राजनीति में नया मोड़ देखने को मिलेगा?

Student Movement

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जून 19, 2026

Student Movement :  लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने देश के युवाओं और छात्रों की समस्याओं को एक मंच देने के लिए ‘छात्रों की गूंज’ नामक एक महत्वाकांक्षी हस्ताक्षर अभियान का शुभारंभ किया है। गुरुवार को इस अभियान की घोषणा करते हुए राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि यह पहल पेपर लीक, परीक्षाओं में बार-बार सामने आ रही अनियमितताओं, शिक्षा के बढ़ते बोझ और बेरोजगारी जैसे गंभीर विषयों को सीधे सरकार के समक्ष रखने का एक सशक्त माध्यम बनेगी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ के माध्यम से देश भर के छात्रों से इस मुहिम से जुड़ने, अपने सुझाव साझा करने और ऑनलाइन याचिका पर हस्ताक्षर करने का आह्वान किया है। राहुल का मानना है कि जितनी अधिक संख्या में छात्र इस मंच से जुड़ेंगे, उनकी आवाज उतनी ही प्रभावी ढंग से संसद और सत्ता के गलियारों तक पहुँचेगी।

शिक्षा व्यवस्था पर बढ़ता दबाव: कोटा से उठी बदलाव की मांग

हाल ही में कोटा के दशहरा मैदान में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने छात्रों से संवाद करते हुए भारतीय शिक्षा प्रणाली की खामियों पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान सिस्टम बच्चों को ज्ञान देने के बजाय उन पर अत्यधिक दबाव और तनाव डाल रहा है, जो दुखद है। राहुल ने जोर दिया कि शिक्षा, रोजगार और परीक्षा प्रणाली जैसे मुद्दे किसी विशेष दल के नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र की प्राथमिकता होने चाहिए। कोटा में मिले जबरदस्त समर्थन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि लाखों युवाओं ने शिक्षा सुधारों के प्रति अपनी चिंताएं व्यक्त की हैं, जिन्हें नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।

शिक्षा का महंगा खर्च बनाम सरकारी बजट: कांग्रेस का तीखा हमला

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए चौंकाने वाले आंकड़े पेश किए हैं। उन्होंने दावा किया कि हर साल NEET की तैयारी करने वाले लगभग 22 लाख छात्र और उनके परिवार सिस्टम के माध्यम से लगभग 1.32 लाख करोड़ रुपये खर्च करते हैं, जो कि देश के कुल शिक्षा बजट (1.40 लाख करोड़) के लगभग बराबर है। प्रियंका ने कटाक्ष करते हुए कहा कि एक तरफ आम परिवार शिक्षा पर इतना भारी खर्च कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ सरकार द्वारा पसंदीदा कारोबारियों के 16 लाख करोड़ रुपये के कर्ज माफ कर दिए जाते हैं। राहुल गांधी के अनुसार, NEET, JEE, UPSC, SSC और RRB जैसी पांच बड़ी परीक्षाओं की तैयारी में देश के परिवारों की जेब से करीब 3.5 लाख करोड़ रुपये सालाना खर्च हो जाते हैं।

NEET-UG 2026: दोबारा परीक्षा की तैयारी और बदले हुए नियम

विवादों के बीच NEET-UG 2026 की दोबारा परीक्षा 21 जून को आयोजित की जाएगी। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने इसके लिए व्यापक तैयारियां की हैं। परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक एकल शिफ्ट में संपन्न होगी। छात्रों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रशासनिक प्रक्रियाओं के लिए अतिरिक्त 15 मिनट का समय भी दिया गया है। नई गाइडलाइंस के मुताबिक, परीक्षा की अवधि 180 मिनट से बढ़ाकर 195 मिनट कर दी गई है और उत्तर पुस्तिका में रफ कार्य के लिए पर्याप्त स्थान (4 रफ वर्क शीट) की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। सरकार और NTA के लिए यह परीक्षा निष्पक्षता और छात्रों के विश्वास को बहाल करने की एक बड़ी अग्निपरीक्षा है।

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