Student Protest: Rahul Gandhi का मोदी सरकार पर हमला, NEET विवाद से चीन तक उठाए सवाल

Rahul Gandhi ने 13 अगस्त को नई दिल्ली में कांग्रेस कन्वेंशन के दौरान मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला। NEET पेपर लीक, छात्र प्रदर्शन, अभिव्यक्ति की आजादी, भारत की विदेश नीति और चीन-अरुणाचल मुद्दे पर उन्होंने केंद्र को घेरा। राहुल गांधी ने PM मोदी और अमित शाह पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए सरकार को लगातार चुनौती देने की बात कही।

Student Protest

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अगस्त 13, 2026

Student Protest: NEET पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में खामियों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कथित लाठीचार्ज को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी लगातार केंद्र सरकार पर निशाना साध रहे हैं। गुरुवार, 13 अगस्त को नई दिल्ली के मावलंकर हॉल में आयोजित कांग्रेस के एक कन्वेंशन में राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि विपक्ष छात्रों और युवाओं की आवाज को दबने नहीं देगा।

NEET पेपर लीक विवाद पर राहुल गांधी का सरकार पर हमला

बताते चले कि, NEET पेपर लीक और छात्र प्रदर्शन का मुद्दा उठाते हुए राहुल गांधी ने कहा कि सरकार को युवाओं और छात्रों की बात सुननी चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस उन्हें तब तक चैन से नहीं बैठने देगी, जब तक वे अपने पदों से इस्तीफा नहीं देते। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार आज के भारत की वास्तविकता को समझने के बजाय पुराने उदाहरणों और इतिहास की बातों में उलझी हुई है।

छात्र आंदोलन और अभिव्यक्ति की आजादी पर राहुल गांधी ने उठाए सवाल

छात्रों के प्रदर्शन और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि देश की वास्तविक स्थिति को समझने के लिए लोगों को खुलकर बोलने का अवसर देना जरूरी है। उनका कहना था कि भारत तभी समझ में आएगा, जब आम लोगों, युवाओं और छात्रों की आवाज सुनी जाएगी। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार लोगों की अभिव्यक्ति को पर्याप्त जगह नहीं दे रही है।

अमित शाह पर राहुल गांधी का तीखा तंज

राहुल गांधी ने अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस का काम सरकार पर दबाव बनाए रखना है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि विपक्ष सरकार को राजनीतिक रूप से इतना घेर देगा कि उसके लिए स्थिति मुश्किल हो जाएगी। राहुल गांधी ने संसद में हुए गतिरोध का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार को पहली बार भारत की बदलती राजनीतिक आवाज का एहसास हो रहा है।

मोदी सरकार पर राहुल गांधी के गंभीर सवाल

भारत की विदेश नीति को लेकर भी राहुल गांधी ने केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि विदेश नीति का मतलब केवल दूसरे देशों के नेताओं से मुलाकात या गले मिलना नहीं है। उनके मुताबिक, भारत के प्रधानमंत्री को किसी दूसरे देश के नेता से व्यक्तिगत दोस्ती के बजाय देश के हितों को प्राथमिकता देनी चाहिए।

ईरान युद्ध और पाकिस्तान की भूमिका पर राहुल गांधी का दावा

ईरान में युद्ध और भारत की विदेश नीति का मुद्दा उठाते हुए राहुल गांधी ने कहा कि भारत को अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों में अपने लिए अवसर तलाशने चाहिए थे। उन्होंने दावा किया कि अगर भारत ने सही समय पर पहल की होती तो वह ईरान युद्ध में मध्यस्थ की भूमिका निभा सकता था। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान ने इस मौके का फायदा उठाकर मध्यस्थ की भूमिका हासिल कर ली, जबकि भारत इस स्थिति को देखता रह गया।

चीन और अरुणाचल प्रदेश के मुद्दे पर केंद्र को घेरा

चीन और अरुणाचल प्रदेश में पेट्रोलिंग के मुद्दे पर भी राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि चीन ने भारतीय सेना को कुछ क्षेत्रों में पेट्रोलिंग से रोका है। राहुल गांधी ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार इस मुद्दे को लेकर विपक्ष और मीडिया के सवालों का सामना करने से बच रही है।

सीमा विवाद और चीन को लेकर राहुल गांधी के आरोप

भारत-चीन सीमा विवाद पर राहुल गांधी ने कहा कि सेना की ओर से जमीन से जुड़े सवाल उठाए जाने के बावजूद सरकार की ओर से अलग तस्वीर पेश की जाती है। उन्होंने दावा किया कि चीन ने भी भारतीय नेताओं के पुराने बयानों का हवाला देकर भारत के दावों पर सवाल उठाए। राहुल गांधी के मुताबिक, ऐसे बयानों से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की स्थिति कमजोर होती है।

राहुल गांधी बोले- विदेश नीति और आंतरिक व्यवस्था दोनों कमजोर हुईं

मोदी सरकार की विदेश नीति और आंतरिक व्यवस्था पर हमला बोलते हुए राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि केंद्र की नीतियों ने देश को कमजोर किया है। उन्होंने कहा कि सरकार को युवाओं, छात्रों, सेना और आम नागरिकों की आवाज सुननी चाहिए। साथ ही उन्होंने दावा किया कि मजबूत लोकतंत्र के लिए अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और प्रभावी विदेश नीति दोनों जरूरी हैं।

राहुल गांधी के इन बयानों के बाद NEET विवाद, छात्र आंदोलन, चीन सीमा और भारत की विदेश नीति एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गए हैं। कांग्रेस जहां इन मुद्दों को लेकर सरकार पर लगातार दबाव बनाने की कोशिश कर रही है, वहीं इन आरोपों पर केंद्र सरकार और भाजपा की प्रतिक्रिया भी राजनीतिक रूप से अहम होगी।