Student Protest: कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर तीखा हमला बोला है। बुधवार को संसद भवन परिसर में मीडिया से बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारी छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर गृह मंत्री से जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि विपक्ष अमित शाह का भाषण सुनना नहीं चाहता। हालांकि, राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि उनके ‘हम’ कहने का मतलब देश की युवा पीढ़ी से है।
प्रदर्शनकारी छात्रों पर कार्रवाई को लेकर राहुल गांधी के सवाल
बताते चले कि, राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष और देश के युवा यह जानना चाहते हैं कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर गोली चलाने का आदेश किसने दिया था। उन्होंने सवाल उठाया कि छात्रों पर लाठीचार्ज का आदेश किसने दिया और क्या इन कार्रवाइयों के निर्देश गृह मंत्रालय से जारी हुए थे।
‘अमित शाह ने आदेश दिया तो इस्तीफा दें’
राहुल गांधी ने कहा कि अगर प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिए थे, तो उन्हें अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए, क्योंकि ऐसी स्थिति में वह जिम्मेदार माने जाएंगे। वहीं, अगर अमित शाह ने कोई आदेश नहीं दिया था, तो राहुल गांधी के मुताबिक उन्हें इसलिए इस्तीफा देना चाहिए क्योंकि वह अपने पद के योग्य नहीं हैं।राहुल गांधी ने इसी आधार पर गृह मंत्री के इस्तीफे की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि देश के युवा इस मुद्दे पर जवाब चाहते हैं और सरकार को उनकी बात सुननी चाहिए।
राहुल गांधी का दावा- ‘गृह मंत्री में हिम्मत नहीं’
कांग्रेस नेता ने अमित शाह पर निशाना साधते हुए दावा किया कि गृह मंत्री पिछले करीब 20 दिनों से संसद में नजर नहीं आ रहे हैं। राहुल गांधी ने कहा कि अमित शाह काफिले के साथ संसद आते हैं और उनके आवास के बाहर भी बड़ी संख्या में पुलिस वाहन मौजूद रहते हैं। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि गृह मंत्री छात्रों के विरोध से डर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके मुताबिक अमित शाह में हिम्मत नहीं है। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि देश के छात्र सरकार से नहीं डर रहे हैं और उन्हें अपनी आवाज उठाने का पूरा अधिकार है।
पत्रकार के सवाल पर राहुल गांधी हुए नाराज
मीडिया से बातचीत के दौरान राहुल गांधी उस समय नाराज हो गए, जब एक पत्रकार ने उनके बयान के बीच सवाल पूछ दिया। राहुल गांधी ने पत्रकार से सवाल किया कि क्या वह सत्ता पक्ष के नेताओं को भी इसी तरह बीच में रोकते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं को पत्रकार लगातार सवालों के बीच रोकते हैं, लेकिन सत्ता पक्ष के नेताओं के सामने ऐसा करने में संकोच करते हैं।
‘छात्र सरकार से नहीं डर रहे तो आपको भी नहीं डरना चाहिए’
राहुल गांधी ने पत्रकार से कहा कि अगर देश के छात्र सरकार से नहीं डर रहे हैं, तो पत्रकारों को भी नहीं डरना चाहिए। उन्होंने सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं से सवाल पूछने के तरीके को लेकर मीडिया की भूमिका पर सवाल उठाया। इस दौरान संसद परिसर में राहुल गांधी का बयान काफी चर्चा में रहा।
राहुल गांधी के आरोपों के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी संसद परिसर में मीडिया से बातचीत की। उन्होंने विपक्ष की ओर से लगाए जा रहे ‘लापता’ और ‘भाग गए’ जैसे आरोपों पर प्रतिक्रिया दी। शाह ने कहा कि इस तरह के शब्द भारत के सार्वजनिक और संसदीय जीवन में लगातार सुनने को मिल रहे हैं।
अमित शाह बोले- ‘मैं लगातार संसद आ रहा हूं’
अमित शाह ने कहा कि संसद का सत्र शुरू होने के बाद से वह लगातार संसद आ रहे हैं और अपने कक्ष में बैठते हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष दोनों सदनों में संसद की कार्यवाही नहीं चलने दे रहा है। ऐसे में उन्होंने सवाल किया कि आखिर वह क्या कर सकते हैं।
संसद में आमने-सामने राहुल गांधी और अमित शाह
राहुल गांधी के आरोपों और अमित शाह के जवाब के बाद संसद परिसर में दोनों नेताओं के बीच जुबानी टकराव और तेज हो गया है। एक तरफ राहुल गांधी प्रदर्शनकारी छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर गृह मंत्री से जवाब और इस्तीफे की मांग कर रहे हैं, वहीं अमित शाह विपक्ष पर संसद की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगा रहे हैं।
अब इस राजनीतिक टकराव के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि प्रदर्शनकारी छात्रों पर कार्रवाई को लेकर विपक्ष के सवालों का सरकार की ओर से क्या जवाब सामने आता है और संसद में इस मुद्दे पर चर्चा कब होती है।










