Independence Day 2026: स्वतंत्रता दिवस समारोह में नहीं पहुंचे राहुल गांधी, BJP ने उठाए सवाल

80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले में आयोजित समारोह में राहुल गांधी की गैरमौजूदगी को लेकर सियासी विवाद बढ़ गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ध्वजारोहण कार्यक्रम में कई वरिष्ठ नेता और संवैधानिक पदाधिकारी मौजूद रहे। राहुल गांधी के समारोह में नहीं पहुंचने पर शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी और बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कांग्रेस नेता पर निशाना साधा।

Independence Day 2026

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अगस्त 15, 2026

Independence Day 2026: देशभर में 80वां स्वतंत्रता दिवस पूरे उत्साह और देशभक्ति के माहौल में मनाया जा रहा है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराकर देश को संबोधित किया। हर वर्ष की तरह इस बार भी लाल किले में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में सरकार के साथ-साथ विपक्ष के कई प्रमुख नेताओं और संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों की मौजूदगी रही। हालांकि, कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी समारोह में नजर नहीं आए, जिसके बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई।

लाल किले के स्वतंत्रता दिवस समारोह में कई बड़े नेता रहे मौजूद

बताते चले कि, लाल किले पर आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में केंद्र सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री और देश के प्रमुख संवैधानिक पदाधिकारी मौजूद रहे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और विदेश मंत्री एस. जयशंकर समेत कई दिग्गज नेता समारोह में शामिल हुए। इसके अलावा भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।

स्वतंत्रता दिवस समारोह में वरिष्ठ अधिकारियों की भी मौजूदगी

प्रधानमंत्री के मुख्य सचिव पीके मिश्रा और शक्तिकांत दास समेत कई वरिष्ठ अधिकारी भी लाल किले के कार्यक्रम में उपस्थित रहे। राष्ट्रीय पर्व के मौके पर आयोजित इस समारोह में देश की राजनीतिक और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े प्रमुख चेहरों की मौजूदगी ने इसकी गरिमा बढ़ाई। इसी बीच राहुल गांधी की अनुपस्थिति राजनीतिक चर्चा का विषय बन गई और बीजेपी नेताओं ने इसे लेकर कांग्रेस पर सवाल उठाने शुरू कर दिए।

राहुल गांधी की गैरमौजूदगी पर शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी का हमला

राहुल गांधी के स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल नहीं होने पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्वों को दलगत राजनीति से ऊपर रखना चाहिए। उनके मुताबिक, जब प्रधानमंत्री स्वतंत्रता दिवस पर देश को संबोधित करते हैं, तब वह केवल किसी राजनीतिक दल के नेता नहीं, बल्कि देश के प्रधानमंत्री के रूप में संबोधन करते हैं।

प्रह्लाद जोशी बोले- राष्ट्रीय पर्व को राजनीति से ऊपर रखना चाहिए

प्रह्लाद जोशी ने आरोप लगाया कि विपक्ष की ओर से कुछ वर्षों से ऐसे राष्ट्रीय कार्यक्रमों का बहिष्कार किया जा रहा है। उन्होंने राहुल गांधी की गैरमौजूदगी को लेकर तीखी टिप्पणी करते हुए इसे उनकी अपरिपक्वता और अहंकार से जोड़ दिया। शिक्षा मंत्री ने कहा कि विपक्षी नेताओं को ऐसे राष्ट्रीय कार्यक्रमों में शामिल होना चाहिए और इस तरह की परंपरा को आगे नहीं बढ़ाना चाहिए।

बीजेपी ने राहुल गांधी की गैरमौजूदगी को लेकर उठाए सवाल

राहुल गांधी की अनुपस्थिति को लेकर बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सवाल उठाया कि जनता का प्रतिनिधित्व करने वाला कोई सच्चा देशभक्त नेता स्वतंत्रता दिवस के राष्ट्रीय समारोह से दूरी कैसे बना सकता है। भंडारी ने आरोप लगाया कि लाल किले के कार्यक्रम में राहुल गांधी की गैरमौजूदगी को सामान्य घटना नहीं माना जा सकता।

प्रदीप भंडारी ने ‘वंदे मातरम’ को लेकर भी साधा निशाना

बीजेपी प्रवक्ता ने राहुल गांधी पर आरोप लगाते हुए कहा कि समारोह से दूरी उनकी ‘वंदे मातरम’ के प्रति कथित नापसंदगी को दर्शाती है। उन्होंने राहुल गांधी की राजनीतिक भूमिका पर भी सवाल उठाया और कहा कि विपक्ष के नेता के पद पर रहते हुए उन्हें ऐसे राष्ट्रीय कार्यक्रमों में मौजूद रहना चाहिए। हालांकि, ये बीजेपी नेताओं की राजनीतिक टिप्पणियां और आरोप हैं।

राहुल गांधी की गैरमौजूदगी पर बढ़ी सियासी तकरार

स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर लाल किले के समारोह में राहुल गांधी की अनुपस्थिति ने एक बार फिर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाजी को हवा दे दी है। बीजेपी नेताओं ने जहां इसे राष्ट्रीय पर्व के प्रति विपक्ष के रवैये से जोड़कर सवाल उठाए, वहीं यह मुद्दा आने वाले दिनों में राजनीतिक बहस का हिस्सा बन सकता है।

राष्ट्रीय पर्व और दलगत राजनीति पर फिर छिड़ी बहस

इस पूरे विवाद ने एक व्यापक राजनीतिक सवाल भी खड़ा कर दिया है कि क्या स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय अवसरों को राजनीतिक मतभेदों से पूरी तरह अलग रखा जाना चाहिए। बीजेपी नेताओं का कहना है कि ऐसे अवसर पूरे देश के होते हैं और सभी दलों के प्रमुख नेताओं को इसमें शामिल होना चाहिए। राहुल गांधी की गैरमौजूदगी को लेकर उठे सवालों के बीच अब कांग्रेस की ओर से इस पर क्या प्रतिक्रिया आती है, इस पर भी नजर रहेगी।