Rabri Devi News: बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री और आरजेडी नेत्री राबड़ी देवी के सरकारी आवास, 10 सर्कुलर रोड को खाली करने का मुद्दा इन दिनों सुर्खियों में है। नियमानुसार, इस आवास को खाली करने की अंतिम तिथि सोमवार (29 जून) निर्धारित की गई थी, लेकिन प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही एक नया कानूनी और प्रशासनिक पेच फंस गया है। इस पूरे घटनाक्रम ने भवन निर्माण विभाग और पूर्व सीएम के बीच एक नई खींचतान को जन्म दे दिया है।
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सामान की सूची न मिलने से रुका स्थानांतरण
राबड़ी देवी के आप्त सचिव ने भवन निर्माण विभाग के सचिव को एक महत्वपूर्ण पत्र लिखकर प्रक्रिया में देरी का कारण स्पष्ट किया है। पत्र के अनुसार, विभाग की ओर से जारी अंतिम नोटिस (22 जून) में आवास खाली करने का आदेश दिया गया था। राबड़ी देवी ने इस आदेश का सम्मान करते हुए अपना सामान नए आवास में भेजना शुरू भी कर दिया था। हालांकि, समस्या तब उत्पन्न हुई जब विभाग द्वारा वर्ष 2006 में आवास आवंटन के समय सरकारी सुविधाओं के तहत मुहैया कराए गए सामानों की सूची (इन्वेंट्री) उपलब्ध नहीं कराई गई।
राबड़ी देवी के कार्यालय का तर्क है कि जब तक विभाग 20 साल पुराने रिकॉर्ड के आधार पर उस सामान की आधिकारिक सूची नहीं देता, जिसे सरकार ने उस समय उपलब्ध कराया था, तब तक आवास का हैंडओवर करना मुश्किल है। बिना मिलान के आवास खाली करने से भविष्य में किसी भी प्रकार के विवाद या ‘कंफ्यूजन’ की स्थिति उत्पन्न हो सकती है, जिससे बचने के लिए आधिकारिक सूची की मांग की गई है।
20 साल पुराने रिकॉर्ड और प्रशासनिक पहेली
यह आवास वर्ष 2006 में राबड़ी देवी को आवंटित किया गया था। दो दशकों का लंबा समय बीत जाने के कारण रिकॉर्ड को लेकर सामंजस्य बैठाना एक बड़ी प्रशासनिक चुनौती बन गया है। अब जब सरकार ने इस आवास को वापस लेने का निर्णय लिया है, तो विभाग और पूर्व सीएम के बीच यह ‘रिकॉर्ड का मिलान’ एक बड़ा मुद्दा बन गया है। राबड़ी देवी के पक्ष ने आवास खाली करने के लिए अतिरिक्त समय की मांग की है। उन्होंने विभाग से कम से कम 5 जुलाई तक का समय देने का आग्रह किया है ताकि सामानों का सही तरीके से मिलान किया जा सके और बिना किसी त्रुटि के आवास खाली किया जा सके।
क्या है आगे की राह?
इस मामले में अब सबकी निगाहें भवन निर्माण विभाग के अगले कदम पर टिकी हैं। क्या विभाग 20 साल पुराना रिकॉर्ड खोजकर सामान की सूची सौंपेगा या फिर निर्धारित समय-सीमा पर सख्ती दिखाएगा? राबड़ी देवी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वे आवास खाली करने के लिए तैयार हैं, लेकिन वे चाहती हैं कि यह प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ हो।
फिलहाल, 10 सर्कुलर रोड का यह मामला केवल एक सरकारी बंगले के खाली होने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह प्रशासनिक रिकॉर्ड की सुरक्षा और सरकारी परिसंपत्तियों के हस्तांतरण की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े कर रहा है। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि क्या प्रशासन 5 जुलाई तक की मोहलत देता है या यह खींचतान और अधिक बढ़ेगी।
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