QUAD Meeting 2026: होर्मुज स्ट्रेट को लेकर QUAD का सख्त संदेश, ईरान पर असर

QUAD बैठक 2026 में होर्मुज स्ट्रेट को लेकर ऐसा सख्त संदेश सामने आया जिसने ईरान की चिंता बढ़ा दी है। समुद्री व्यापार, वैश्विक सप्लाई चेन और इंडो-पैसिफिक सुरक्षा पर हुई चर्चा के बाद यह सवाल उठ रहा है कि क्या आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।

होर्मुज स्ट्रेट को लेकर QUAD का सख्त संदेश

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

मई 26, 2026

QUAD Meeting 2026: नई दिल्ली में आयोजित QUAD देशों की विदेश मंत्रियों की बैठक में इस बार कई महत्वपूर्ण वैश्विक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक का मुख्य फोकस अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा और वैश्विक सप्लाई चेन की स्थिरता पर रहा। इस दौरान होर्मुज स्ट्रेट का मुद्दा विशेष रूप से चर्चा का केंद्र बना रहा, जिसे दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री मार्गों में से एक माना जाता है।

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होर्मुज स्ट्रेट को लेकर चर्चा तेज

बैठक के दौरान चारों देशों के विदेश मंत्रियों ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बिना किसी बाधा के खोलने और वहां से जहाजों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने पर विचार-विमर्श किया। इस मुद्दे पर हुई चर्चा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यह क्षेत्र वैश्विक तेल और व्यापार आपूर्ति के लिए बेहद अहम है। विश्लेषकों का मानना है कि इस चर्चा से ईरान के लिए कूटनीतिक रूप से दबाव की स्थिति बन सकती है।

एस. जयशंकर का बयान

साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि आज की दुनिया कई तरह की चुनौतियों का सामना कर रही है। उन्होंने बताया कि वैश्विक स्तर पर सप्लाई चेन पहले से अधिक प्रभावित हुई है और इसे मजबूत करना समय की आवश्यकता है। इसके साथ ही उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति की भी पुष्टि की और कहा कि अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा सहयोग बेहद जरूरी है।

वैश्विक हालात पर QUAD की साझा चिंता

बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान में कहा गया कि QUAD देशों के विदेश मंत्रियों ने वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों पर गंभीर चर्चा की। विशेष रूप से इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता पर ध्यान केंद्रित किया गया। चारों देश समुद्री लोकतांत्रिक राष्ट्र होने के नाते आपसी विचारों के आदान-प्रदान को बेहद महत्वपूर्ण मानते हैं।

समुद्री सहयोग और सुरक्षा ढांचे का विस्तार

संयुक्त बयान में यह भी कहा गया कि समुद्री क्षेत्र में सहयोग लगातार बढ़ाया जा रहा है। इसमें निगरानी प्रणाली, क्षेत्रीय जागरूकता, लॉजिस्टिक नेटवर्क, पनडुब्बी केबल सुरक्षा, प्रशिक्षण कार्यक्रम, क्षमता निर्माण और आपदा प्रबंधन जैसी गतिविधियाँ शामिल हैं। QUAD देशों ने भविष्य में इन प्रयासों को और अधिक मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई है।

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वैश्विक व्यापार और सप्लाई चेन पर जोर

बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि सुरक्षित और निर्बाध समुद्री व्यापार वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बेहद जरूरी है। चारों देशों ने अंतरराष्ट्रीय कानूनों के पालन को आवश्यक बताया और आर्थिक लचीलापन बढ़ाने पर जोर दिया। इसके साथ ही मजबूत और भरोसेमंद सप्लाई चेन विकसित करने, उत्पादन क्षमताओं को बढ़ाने और सुरक्षित तकनीक के विस्तार पर भी चर्चा हुई।

ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा पर फोकस

QUAD बैठक में ऊर्जा क्षेत्र की स्थिरता और खाद्य आपूर्ति से जुड़े मुद्दों पर भी विचार किया गया। नेताओं ने माना कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा दोनों ही अत्यंत महत्वपूर्ण हैं और इन क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता है।