Putin Praises PM Modi : रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों की सराहना की है। मॉस्को में आयोजित वाल्दाई डिस्कशन क्लब के सत्र में पुतिन ने कहा कि भारत और रूस के बीच मजबूत और मैत्रीपूर्ण संबंध होने के बावजूद प्रधानमंत्री मोदी लगातार यूक्रेन में जारी संघर्ष को समाप्त करने और बातचीत के जरिए समाधान खोजने की जरूरत पर जोर देते रहे हैं। वाल्दाई क्लब की 23वीं वार्षिक बैठक 28 सितंबर से 1 अक्टूबर 2026 तक आयोजित हुई थी।
मोदी के रुख को बताया शांति पर केंद्रित
पुतिन के मुताबिक प्रधानमंत्री मोदी इस मुद्दे पर दोनों पक्षों के लिए स्वीकार्य समाधान तलाशने की दिशा में विचार रखते हैं। उन्होंने कहा कि मोदी का रुख संघर्ष के समाधान और शांति बहाली पर केंद्रित रहा है। पुतिन ने प्रधानमंत्री की इस पहल के प्रति आभार भी जताया। हालांकि, रूस-यूक्रेन संघर्ष को लेकर पुतिन ने वाल्दाई मंच पर रूस के रुख और सुरक्षा संबंधी दावों को भी दोहराया।

भारत लगातार संवाद और कूटनीति की बात करता रहा
भारत ने रूस-यूक्रेन संघर्ष के संदर्भ में सार्वजनिक रूप से संवाद और कूटनीति के जरिए समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कई मौकों पर कहा है कि भारत दोनों पक्षों के साथ अपने संबंधों का इस्तेमाल शांति और बातचीत को बढ़ावा देने के लिए करना चाहता है। भारत का आधिकारिक रुख संघर्ष के समाधान के लिए कूटनीतिक प्रयासों और बातचीत के समर्थन पर केंद्रित रहा है।
रूस-भारत संबंधों पर भी हुई चर्चा
वाल्दाई चर्चा के दौरान रूस और भारत के बीच आर्थिक एवं व्यापारिक सहयोग से जुड़े मुद्दों का भी उल्लेख हुआ। पुतिन ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार और परिवहन मार्गों को मजबूत करने की जरूरत पर बात की। इसी क्रम में इंटरनेशनल नॉर्थ-साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर यानी INSTC का महत्व सामने आया। यह परियोजना भारत, रूस और ईरान समेत कई देशों को परिवहन नेटवर्क के जरिए जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जाती है।

INSTC को लेकर रूस की तैयारी
पुतिन ने कहा कि रूस इस परिवहन गलियारे को विकसित करने के लिए आवश्यक वित्तीय संसाधनों और क्रेडिट सुविधाओं में योगदान देने के लिए तैयार है। उनके अनुसार इस परियोजना की सफलता केवल रूस पर निर्भर नहीं करती, बल्कि इसमें शामिल दूसरे देशों को भी अपने हिस्से का बुनियादी ढांचा तैयार करना होगा। इससे क्षेत्रीय व्यापार और माल ढुलाई के लिए वैकल्पिक मार्गों को बढ़ावा मिल सकता है।
ईरान और अजरबैजान की भूमिका अहम
पुतिन ने INSTC के संदर्भ में ईरान और अजरबैजान की भूमिका का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार ईरान को कॉरिडोर से जुड़े अपने हिस्से का निर्माण कार्य पूरा करना है। वहीं अजरबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव के साथ हुई बातचीत को उन्होंने सकारात्मक बताया। इस परियोजना में विभिन्न देशों के बुनियादी ढांचे और आपसी समन्वय को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

व्यापारिक गलियारों के विस्तार पर जोर
रूस के राष्ट्रपति ने अंतरराष्ट्रीय परिवहन और व्यापारिक संपर्क बढ़ाने को आर्थिक सहयोग का अहम हिस्सा बताया। नए समुद्री और परिवहन मार्गों के इस्तेमाल से भारत और रूस के बीच व्यापार को गति देने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। INSTC के जरिए एशिया और यूरोप के बीच माल परिवहन के लिए वैकल्पिक संपर्क विकसित करने का लक्ष्य है।
यूक्रेन संकट के बीच भारत की भूमिका पर नजर
यूक्रेन संघर्ष के बीच भारत की कूटनीतिक स्थिति पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार ध्यान रहा है। रूस और पश्चिमी देशों के साथ भारत के अलग-अलग स्तर के संबंधों के कारण नई दिल्ली की बातचीत और कूटनीति पर जोर देने की नीति चर्चा में रहती है। पुतिन की ताजा टिप्पणी इसी व्यापक कूटनीतिक संदर्भ में देखी जा रही है। वहीं संघर्ष को लेकर रूस और यूक्रेन के बीच मतभेद अब भी बने हुए हैं और युद्ध समाप्ति की शर्तों पर दोनों पक्षों की स्थितियां अलग हैं।
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