Punjab: हरभजन सिंह की Z+ सुरक्षा वापस, ‘आप’ से भाजपा में जाने पर बढ़ा तनाव

पंजाब में आम आदमी पार्टी के 7 राज्यसभा सांसदों के भाजपा में शामिल होने के बाद सियासी पारा चढ़ गया है। राज्य सरकार ने पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह की Z+ सुरक्षा वापस ले ली है। वहीं, जालंधर और लुधियाना की सड़कों पर 'आप' कार्यकर्ताओं ने सांसदों के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उनके घरों पर 'गद्दार' लिख दिया और पुतले फूंके।

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अप्रैल 26, 2026

Punjab: पंजाब की राजनीति में उस वक्त बड़ा मोड़ आ गया जब राज्य सरकार ने पूर्व क्रिकेटर और राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह की Z+ श्रेणी की सुरक्षा तत्काल प्रभाव से वापस ले ली। यह निर्णय हरभजन सिंह द्वारा आम आदमी पार्टी (AAP) का साथ छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थामने के तुरंत बाद लिया गया है। इस सुरक्षा कटौती को राजनीतिक हलकों में सरकार की जवाबी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।

सुरक्षा घेरे में कटौती और पुलिस मुख्यालय वापसी के आदेश

आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, पंजाब पुलिस के उन सभी सुरक्षा कर्मियों को, जो हरभजन सिंह की सुरक्षा में तैनात थे, तुरंत हेडक्वार्टर रिपोर्ट करने के निर्देश जारी किए गए हैं। गौरतलब है कि हरभजन सिंह उन सात दिग्गज राज्यसभा सांसदों के समूह का हिस्सा हैं, जिन्होंने हाल ही में राघव चड्ढा के नेतृत्व में ‘आप’ से नाता तोड़कर भाजपा की सदस्यता ली है। इस सामूहिक दलबदल ने पंजाब की सत्ताधारी पार्टी को गहरे संकट में डाल दिया है।

दिग्गज सांसदों का भाजपा में विलय

भाजपा में शामिल होने वाले इन सात सांसदों में न केवल हरभजन सिंह, बल्कि राघव चड्ढा, स्वाति मालीवाल और संदीप पाठक जैसे कद्दावर चेहरे भी शामिल हैं। इन नेताओं के इस कदम से पंजाब में आम आदमी पार्टी का ढांचा डगमगाता नजर आ रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इतनी बड़ी संख्या में सांसदों का एक साथ पाला बदलना आने वाले चुनावों में भाजपा की स्थिति को मजबूत कर सकता है, जबकि ‘आप’ के लिए यह एक बड़ा झटका है।

सड़कों पर ‘आप’ कार्यकर्ताओं का भारी विरोध

सांसदों के इस फैसले के बाद पंजाब की सड़कों पर आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा है। शनिवार को जालंधर और लुधियाना में माहौल बेहद तनावपूर्ण रहा। आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने सांसद हरभजन सिंह के आवास और लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) के बाहर जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने न केवल सांसदों के पुतले फूंके, बल्कि उनके घरों और दफ्तरों की दीवारों पर काले रंग से ‘गद्दार’ लिखकर अपना विरोध दर्ज कराया।

जालंधर में एलपीयू के बाहर प्रदर्शन

जालंधर में विरोध की आग सबसे अधिक देखी गई। यहां कार्यकर्ताओं ने सांसद अशोक मित्तल का पुतला फूंका और एलपीयू के बाहर लगे विज्ञापनों एवं पोस्टरों पर कालिख पोत दी। सिर पर काली पट्टियां बांधकर पहुंचे युवाओं ने “पंजाब के गद्दार” जैसे नारे लगाए। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई, क्योंकि कार्यकर्ताओं ने पुलिस के घेरे को तोड़कर हरभजन सिंह के घर की दीवारों पर पेंट करने की कोशिश की।

लुधियाना में ट्राइडेंट ग्रुप का घेराव

लुधियाना में भी स्थिति अलग नहीं थी। राज्यसभा सांसद राजिंदर गुप्ता के भाजपा में शामिल होने की घोषणा के बाद, आप यूथ विंग ने किचलू नगर स्थित ट्राइडेंट ग्रुप के कार्यालय का घेराव किया। यूथ विंग के प्रदेश उपाध्यक्ष परमिंदर संधू ने इस दलबदल को जनता के भरोसे के साथ विश्वासघात करार दिया। उन्होंने कहा कि जो नेता पार्टी के सिंबल पर जीतकर आए, उन्होंने निजी स्वार्थ के लिए पंजाब की जनता और जनादेश का अपमान किया है।