Punjab News: पंजाब के सरकारी सुपर-स्पेशियलिटी संस्थान, पंजाब इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बिलियरी साइंसेज (PILBS), मोहाली ने उन्नत स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। संस्थान ने महज एक सप्ताह के भीतर तीन सफल लिवर ट्रांसप्लांट सर्जरी पूरी कर ली हैं। यह सफलता राज्य की सरकारी स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में उन्नत और आधुनिक ट्रांसप्लांट सेवाओं को सुलभ बनाने की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम है।
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पारिवारिक बलिदान और संवेदनशीलता की मिसाल
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने इस सफलता पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि ये सर्जरियां केवल चिकित्सकीय चमत्कार नहीं हैं, बल्कि यह पारिवारिक रिश्तों, प्यार और निस्वार्थ बलिदान की अनोखी दास्तां भी बयान करती हैं। इन मामलों में एक पत्नी ने अपने पति को, एक माँ ने अपनी बेटी को, और एक बेटे ने अपने बीमार पिता को अपने लिवर का हिस्सा दान किया।
इन साहसी और भावनात्मक फैसलों ने गंभीर लिवर रोगों से जूझ रहे मरीजों को नया जीवन और नई उम्मीद दी है। इन तीन नए मामलों के साथ अब PILBS मोहाली में कुल सफल लिवर ट्रांसप्लांट की संख्या पांच हो गई है।
पूरे राज्य में ट्रांसप्लांट सेवाओं का विस्तार: ‘हब-एंड-स्पोक मॉडल’
पंजाब सरकार राज्यभर में इस आधुनिक स्वास्थ्य सुविधा का दायरा बढ़ाने के लिए एक व्यापक योजना पर काम कर रही है। इसके तहत PILBS मोहाली को मुख्य ‘हब’ (Hub) के रूप में विकसित किया जाएगा, जबकि अन्य सरकारी मेडिकल कॉलेजों को ‘स्पोक’ (Spoke) के तौर पर जोड़ा जाएगा।
इस व्यवस्था से मरीजों की समय पर पहचान, शुरुआती जांच, रेफरल प्रक्रिया और सर्जरी के बाद की देखभाल उनके अपने नजदीकी जिलों में ही संभव हो सकेगी। इसके साथ ही सरकार राज्य के चारों प्रमुख सरकारी मेडिकल कॉलेजों में अंग प्रत्यारोपण के बुनियादी ढांचे को मजबूत कर रही है। आने वाले दिनों में मोहाली और पटियाला में किडनी ट्रांसप्लांट सेवाएं भी शुरू की जाएंगी।
संस्थान की क्षमता और सुविधाओं में विस्तार
पीआईएलबीएस के निदेशक डॉ. वीरेंद्र सिंह और उनकी पूरी टीम की सराहना करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि संस्थान लगातार अपनी चिकित्सा क्षमताओं को बढ़ा रहा है:
अगस्त महीने के दौरान नाममात्र शुल्क पर 239 फाइब्रोस्कैन किए गए।
लगभग 139 इनडोर मरीजों को उच्च स्तरीय उपचार और देखभाल प्रदान की गई।
भविष्य में संस्थान में 170 नए बेड जोड़े जाएंगे, जिससे गंभीर रूप से पीड़ित और अधिक मरीजों को विशेष लिवर एवं बिलियरी देखभाल मिल सकेगी।
इस पूरी व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पंजाब के आम नागरिकों को जटिल बीमारियों के इलाज के लिए राज्य से बाहर महंगे अस्पतालों पर निर्भर न रहना पड़े और उन्हें अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं अपने ही राज्य में किफायती दरों पर मिल सकें।
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