
Punjab News: पंजाब के मानसा जिले में मंगलवार, 13 अक्टूबर की सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। सिंथेटिक ड्रग्स और नशीली दवाओं की अवैध बिक्री के खिलाफ खुलकर आवाज उठाने वाले नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की एक मेडिकल स्टोर मालिक ने सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी। यह पूरी सनसनीखेज वारदात खुद परविंदर सिंह झोटा के द्वारा किए जा रहे फेसबुक लाइव वीडियो में रिकॉर्ड हो गई, जिसने पूरे राज्य में सनसनी फैला दी है।
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फेसबुक लाइव पर रिकॉर्ड हुआ 5 मिनट 48 सेकंड का खौफनाक मंजर

मृतक परविंदर सिंह झोटा मानसा और आसपास के इलाकों में मेडिकल स्टोर्स पर धड़ल्ले से बिकने वाले ‘चिट्टा’ और प्रतिबंधित नशीले कैप्सूलों के खिलाफ लगातार स्टिंग ऑपरेशन और अभियान चलाते थे। घटना वाले दिन मंगलवार की सुबह झोटा अपने कुछ साथियों के साथ एक बुजुर्ग व्यक्ति को लेकर आरोपी केमिस्ट अश्वनी कुमार के मेडिकल स्टोर पर पहुंचे थे। उनका दावा था कि उस बुजुर्ग व्यक्ति ने अभी-अभी इसी दुकान से प्रतिबंधित ड्रग्स खरीदा है।
तकरीबन 5 मिनट 48 सेकंड के इस लाइव वीडियो में झोटा केमिस्ट अश्वनी कुमार से सीसीटीवी फुटेज दिखाने और पुलिस को बुलाने की बात कहते साफ सुने जा सकते हैं। वीडियो में आगे झोटा कहते नजर आते हैं कि “अश्वनी ने अपनी पीठ के पीछे पिस्तौल छिपा रखी है… मार ना, मार मुझे, तूने पिस्तौल क्यों निकाली है?” इसके तुरंत बाद गोलियों की कई तेज आवाजें आती हैं, फोन अचानक हाथ से नीचे गिर जाता है और लाइव वीडियो बंद हो जाता है। इस हमले में झोटा को गंभीर गोलियां लगीं, जबकि उनके साथियों को भी गोलियों के छर्रे लगे हैं।
अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित, लिवर में लगी थी गोली

घटना के तुरंत बाद गंभीर रूप से घायल परविंदर सिंह झोटा को मानसा सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनके साथ घायल हुए अन्य साथियों का इलाज अस्पताल में चल रहा है और वे खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं। मानसा सिविल अस्पताल के सीनियर मेडिकल ऑफिसर (SMO) डॉ. गुरमेल सिंह ने जानकारी दी कि परविंदर के शरीर पर गोलियों के तीन निशान मिले हैं— जिनमें से दो पेट में और एक जांघ में लगा था। एक गोली सीधे उनके लिवर को चीरती हुई निकल गई, जिसके कारण अत्यधिक रक्तस्राव हुआ और उनकी मौत हो गई। इस दुखद खबर के फैलते ही अस्पताल और पूरे शहर में भारी संख्या में स्थानीय लोग तथा युवा एकत्र हो गए, जिससे पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है।
दो दिन पहले ही की थी CBI जांच की मांग और आरोपी की तलाश जारी

हत्या की इस घटना से महज दो दिन पहले ही परविंदर सिंह झोटा ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से एक वीडियो शेयर कर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से मानसा आकर जांच करने की अपील की थी। उन्होंने खुले तौर पर आरोप लगाया था कि स्थानीय पुलिस की मिलीभगत और नाक के नीचे कई मेडिकल स्टोर्स से युवाओं को सिंथेटिक ड्रग्स बेचे जा रहे हैं।
पंजाब पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी केमिस्ट अश्वनी कुमार पहले से ही आपराधिक पृष्ठभूमि का रहा है और उसके खिलाफ कई मामले दर्ज हैं। घटना के तुरंत बाद आरोपी हथियार सहित मौके से फरार हो गया। पुलिस की कई टीमों को उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी के वास्ते रवाना कर दिया गया है। इस दुस्साहसिक वारदात ने एक बार फिर पंजाब में नशा तस्करों के हौसलों और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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