निर्बाध बिजली व्यवस्था पर पंजाब सरकार सख्त, फील्ड में उतरेंगे टेक्निकल कर्मचारी

जालंधर. टैक्निकल स्टॉफ की शार्टेज पावरकॉम के लिए सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है, जिसके चलते आमतौर पर फाल्ट समय पर ठीक नहीं हो पाता और पब्लिक को भारी परेशानियां उठानी पड़ती है। इसके लिए पावरकॉम द्वारा टैक्निकल कर्मचारियों को दफ्तरों से निकाल कर फील्ड में तैनात करने के आदेश जारी किए गए हैं। पावरकॉम दफ्तरी आदेश नंबर 1296/22-5 के तहत जारी किए गए निर्देशों के मुताबिक कहा गया है कि दफ्तरों में काम करने वाले स्टॉफ को फील्ड में तैनात किया जाए। बताया जा रहा है कि इन आदेशों के बाद विभाग संबंधित विभिन्न एसोसिएशनों द्वारा दफ्तरों में तैनात

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Published On :

मई 25, 2026

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जालंधर.

टैक्निकल स्टॉफ की शार्टेज पावरकॉम के लिए सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है, जिसके चलते आमतौर पर फाल्ट समय पर ठीक नहीं हो पाता और पब्लिक को भारी परेशानियां उठानी पड़ती है। इसके लिए पावरकॉम द्वारा टैक्निकल कर्मचारियों को दफ्तरों से निकाल कर फील्ड में तैनात करने के आदेश जारी किए गए हैं।

पावरकॉम दफ्तरी आदेश नंबर 1296/22-5 के तहत जारी किए गए निर्देशों के मुताबिक कहा गया है कि दफ्तरों में काम करने वाले स्टॉफ को फील्ड में तैनात किया जाए। बताया जा रहा है कि इन आदेशों के बाद विभाग संबंधित विभिन्न एसोसिएशनों द्वारा दफ्तरों में तैनात कर्मचारियों की लिस्टें तैयार की जा रही है जोकि पटियाला हैड ऑफिस भेजी जाएगी ताकि दफ्तरों में काम करने वाले टैक्निकल कर्मचारियों की फील्ड तैनाती को यकीनी बनाया जा सके।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक पावरकॉम में पोस्ट के हिसाब से बड़े स्तर पर टैक्निकल स्टॉफ की शार्टेज चल रही है। इनमें जे.ई., लाइनमैन, सहायक लाइनमैन इत्यादि शामिल हैं। पावरकॉम द्वारा कम स्टॉफ के साथ काम किया जा रहा है जिसके चलते फील्ड में काम करने वाले स्टॉफ पर ओवरलोड बना हुआ है। विभागीय जानकारों का कहना है कि महानगर जालंधर ही नहीं बल्कि पंजाब के सभी जोन में टैक्निकल स्टॉफ की कमी का सामना करना पड़ रहा है। इसी तरह से दूर-दराज की कई डिवीजनों में हालात बेहद नाजूक है, जिसके चलते लोगों के दिलों में विभाग का अकस खराब हो रहा है।

टैक्निकल स्टॉफ की शार्टेज को देखते हुए पावरकॉम द्वारा ठेके पर कंपलेंट हैंडलिंग बाइक (सी.एच.बी.) कर्मचारियों से सेवाएं ली जा रही है। लेकिन इसके बावजूद स्टॉफ शार्टेज की समस्या का पक्का समाधान नहीं निकल पा रहा है। छोटे-मोटे फाल्ट के लिए सी.एच.बी. से काम लिया जा सकता है, लेकिन शट्डाऊन लेने, बड़ी लाइनों पर काम करने जैसी स्थिति में पक्के स्टॉफ की उपलब्धता जरूरी हो जाती है। इसी क्रम में रोजाना पड़ रहे फाल्ट को निपटाने में सी.एच.बी. व पक्के स्टॉफ को काफी मश्कत करनी पड़ रही है। वहीं अधिकारियों का कहना है कि समय-समय पर भर्ती प्रक्रिया चलाई जा रही है, लेकिन रिटायर्ड हुए कर्मचारियों के मुकाबले भर्ती प्रक्रिया का अनुपात बेहद कम साबित हो रहा है। इसी के चलते टैक्निकल स्टॉफ की शॉर्टेज बनी हुई है।

फाल्ट बढ़ने से खराब हो रहे हालात
स्टॉफ शार्टेज का सबसे विपरीत प्रभाव गर्मी के दिनों में देखने को मिलता है। गर्मी में बिजली का इस्तेमाल बढ़ने के कारण फाल्ट बढ़ जाते है जिसके चलते टैक्निकल स्टॉफ की डिमांड में भारी बढ़ौतरी होती है। कई इलाकों में लोगों को घंटों तक स्टॉफ का इंतजार करना पड़ता है। वहीं, बारिश व तूफान के मौसम में हजारों के हिसाब से शिकायतें सामने आती हैं और ऐसे समय में हालात बेहद खराब हो जाता है।

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