गेहूं खरीद सीजन से पहले पंजाब सरकार सतर्क, व्यवस्थाओं का लिया जायजा

चंडीगढ़ फसल खरीद सम्बन्धित तैयारियों की निगरानी के लिए गठित मंत्री समूह (जीओएम) ने बुधवार को आने वाले गेहूं खरीद सीजन 2026-27 की व्यापक समीक्षा करने के लिए मीटिंग की। जीओएम में कृषि और किसान भलाई मंत्री गुरमीत सिंह खुडियां, खुराक, सिविल स्पलाई और खपतकार मामले मंत्री लाल चंद कटारूचक्क, जल स्रोत मंत्री बरिन्दर कुमार गोयल और परिवहन मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर शामिल हैं। मंत्री समूह को इस मौके पर बताया गया कि गेहूं खरीद सीजन 1 अप्रैल से शुरू होने की संभावना है और खुराक, सिविल सप्लाई, और खपतकार मामले द्वारा विभाग लगभग 132 लाख मीट्रिक टन (एलएमटी) उपज

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Published On :

फ़रवरी 25, 2026

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चंडीगढ़
फसल खरीद सम्बन्धित तैयारियों की निगरानी के लिए गठित मंत्री समूह (जीओएम) ने बुधवार को आने वाले गेहूं खरीद सीजन 2026-27 की व्यापक समीक्षा करने के लिए मीटिंग की। जीओएम में कृषि और किसान भलाई मंत्री गुरमीत सिंह खुडियां, खुराक, सिविल स्पलाई और खपतकार मामले मंत्री लाल चंद कटारूचक्क, जल स्रोत मंत्री बरिन्दर कुमार गोयल और परिवहन मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर शामिल हैं।

मंत्री समूह को इस मौके पर बताया गया कि गेहूं खरीद सीजन 1 अप्रैल से शुरू होने की संभावना है और खुराक, सिविल सप्लाई, और खपतकार मामले द्वारा विभाग लगभग 132 लाख मीट्रिक टन (एलएमटी) उपज की खरीद की जाएगी। इसके इलावा कम-से-कम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2585 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। भंडारन की जगह के मुद्दे सम्बन्धित मंत्री समूह के ध्यान में यह लाया गया कि भारतीय खुराक निगम की तरफ से अगस्त 2025 से अब तक हर महीने 5 एलएमटी गेहूं और 5 एलएमटी चावल की ढुलाई की जा रही है, जबकि 2026-27 के सीजन में खरीदी जाने वाली गेहूं के लिए उचित स्टोरेज स्पेस को यकीनी बनाने के लिए हर महीने कम-से-कम 15 एलएमटी गेहूं के उठान की जरूरत है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने इस सम्बन्ध में समय-समय पर और हाल ही में भी जोरदार ढंग के साथ केंद्र सरकार के पास मुद्दा उठाया है।

इसके इलावा आने वाले सीजन के सम्बन्धित गेहूं की सुरक्षित स्टोरेज को यकीनी बनाने के लिए विभाग पलिंथ बनाने और चावल मीलों में खाली स्थानों का प्रयोग करने पर विचार कर रहा है। इसके इलावा जिला प्रशासनों के साथ खरीद प्रबंधों की नियमित समीक्षा की जा रही है। डीएफएससीज द्वारा संकटकाली योजनाओं और परिवर्तनी प्रबंध तैयार करने के लिए एफसीआई के जिला मैनेजरों के साथ तालमेल किया जा रहा है।

सीजन के दौरान निर्विघ्न खरीद को यकीनी बनाने के लिए जरूरी अन्य वस्तुओं से सम्बन्धित 391320 प्लास्टिक के करेट के लिए आर्डर जारी किए गए हैं, जिनमें से 231055 प्राप्त हो चुके हैं जबकि बाकी मार्च तक प्राप्त हो जाएंगे। इसके इलावा, 675000 लकड़ी के करेट की सप्लाई के लिए आर्डर दिए गए हैं और गेहूं को सुरक्षित ढंग से स्टोर करने के लिए जरूरी एलपीईडी कवर (तिरपालें) भी उपलब्ध हैं। आढ़तियों की तरफ से कमीशन की दरें 45 रुपए प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 64 रुपए प्रति क्विंटल करने की मांग संबंधित मंत्री समूह के यह भी ध्यान में लाया गया कि सूबा सरकार द्वारा प्रत्येक संभव मौके पर केंद्र सरकार के पास यह मामला जोर-शोर के साथ उठाया जा रहा है।
खरीद प्रक्रिया के साथ जुड़े प्रत्येक हिस्सेदारी की भलाई के लिए राज्य सरकार की वचनबद्धता को दोहराते हुए मंत्री समूह ने अधिकारियों को हर कदम पर पारदर्शिता के साथ निर्विघ्न खरीद सीजन यकीनी बनाने के निर्देश दिए।
इस मौके पर दूसरे के इलावा प्रमुख सचिव खुराक, सिविल स्पलाई और खपतकार मामले राहुल तिवाड़ी, डायरैक्टर वरिन्दर कुमार शर्मा, अतिरिक्त डायरेक्टर डा. अंजुमन भास्कर और अजयवीर सिंह सराओ, और जीएम वित्त सरवेश कुमार मौजूद थे।

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