Punjab Election 2027: पंजाब चुनाव 2027 से पहले कांग्रेस में बड़ा बदलाव, 80 सीटों पर नए चेहरे उतारने की तैयारी

क्या 2027 में कांग्रेस पंजाब की सत्ता में वापसी कर पाएगी? प्रदेश अध्यक्ष राजा वड़िंग ने 80 सीटों पर नए और युवा चेहरों को उतारने का जो इशारा दिया है, उसने पार्टी के भीतर और बाहर खलबली मचा दी है। आखिर किन दिग्गजों के कटेंगे टिकट और कौन होंगे वो नए सूरमा? जानिए पूरी इनसाइड रिपोर्ट।

Punjab Election 2027

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जनवरी 4, 2026

Punjab Election 2027: साल 2027 में होने वाले पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस पार्टी के भीतर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर राजा वडिंग के हालिया बयान ने पार्टी में नई बहस को जन्म दे दिया है। उन्होंने साफ संकेत दिया है कि कांग्रेस इस बार बड़े पैमाने पर बदलाव की तैयारी में है और चुनावी रणनीति में पुराने चेहरों की जगह नए नेताओं को मौका देने पर जोर दिया जा रहा है।

Punjab Election 2027: 117 में से 80 सीटों पर नए उम्मीदवारों की योजना

अमरिंदर राजा वडिंग ने घोषणा की है कि पंजाब विधानसभा की कुल 117 सीटों में से लगभग 80 सीटों पर नए चेहरों को टिकट देने की तैयारी है। इसका सीधा असर उन नेताओं पर पड़ेगा जिन्होंने 2022 का विधानसभा चुनाव लड़ा था। वडिंग के अनुसार, पार्टी अब अनुभव के साथ-साथ बदलाव और नई सोच को प्राथमिकता देना चाहती है, ताकि जनता से दोबारा जुड़ाव मजबूत किया जा सके।

Punjab Election 2027: राहुल गांधी के सामने रखा जाएगा प्रस्ताव

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने बताया कि टिकटों में बड़े बदलाव का यह प्रस्ताव वह कांग्रेस नेता राहुल गांधी के सामने रखेंगे। उनका मानना है कि पार्टी को जमीनी स्तर पर सक्रिय, ऊर्जावान और पहली बार चुनाव लड़ने वाले युवाओं को आगे लाना चाहिए। इससे न केवल संगठन मजबूत होगा बल्कि मतदाताओं के बीच कांग्रेस की नई छवि भी बनेगी।

युवा नेतृत्व को आगे बढ़ाने की रणनीति

राजा वडिंग के मुताबिक, कांग्रेस का फोकस अब युवा नेतृत्व को उभारने पर है। जिन नेताओं को पिछले चुनाव में मौका मिला था, उन्हें इस बार स्वतः प्राथमिकता नहीं दी जाएगी। प्रदर्शन, संगठन में योगदान और जनता के बीच पकड़ जैसे मानकों पर टिकट वितरण होगा। इस नीति से पार्टी के भीतर चर्चाएं तेज हो गई हैं और कई वरिष्ठ नेता असमंजस की स्थिति में हैं।

मुख्यमंत्री पद को लेकर स्पष्ट संदेश

टिकट वितरण के साथ-साथ अमरिंदर राजा वडिंग ने मुख्यमंत्री पद को लेकर भी सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी नेता खुद को मुख्यमंत्री पद का दावेदार घोषित नहीं कर सकता। उनके अनुसार, पंजाब में कांग्रेस का मुख्यमंत्री कौन होगा, इसका फैसला केवल राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खर्गे करेंगे।

स्वयं घोषित दावेदारों को चेतावनी

राजा वडिंग ने कहा कि जो भी नेता खुद को सार्वजनिक रूप से मुख्यमंत्री के रूप में पेश करेगा, वह पार्टी की नाराजगी झेल सकता है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि ऐसा करने वाला व्यक्ति कभी मुख्यमंत्री नहीं बन पाएगा। इस बयान को पार्टी के भीतर अनुशासन बनाए रखने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

चरणजीत सिंह चन्नी से जुड़ी प्रतिक्रिया

इस बयान के बाद पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी का नाम चर्चा में आ गया। चन्नी के भाई डॉ. मनोहर सिंह ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राजा वडिंग की बात सही है और सोशल मीडिया पर खुद को मुख्यमंत्री के रूप में पेश करना अनुचित है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चन्नी ने ऐसा कोई दावा नहीं किया है।

मुख्यमंत्री का अंतिम फैसला विधायकों पर

डॉ. मनोहर सिंह ने यह भी कहा कि मौजूदा हालात में मुख्यमंत्री पद की दौड़ में चरणजीत सिंह चन्नी एक प्रमुख चेहरा जरूर हैं, लेकिन अंतिम फैसला पार्टी विधायक ही करेंगे। कुल मिलाकर, कांग्रेस हाईकमान का संदेश साफ है कि संगठन और नेतृत्व दोनों में अनुशासन और सामूहिक निर्णय ही सर्वोपरि रहेगा।

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