पंजाब में BJP कार्यालय धमाका: अंतरराष्ट्रीय साजिश का पर्दाफाश, 5 आरोपी पकड़े गए

पंजाब पंजाब के चंडीगढ़ सेक्टर-37 स्थित में भाजपा मुख्यालय में हुए ब्लास्ट केस को पुलिस ने सुलझा लिया है। पंजाब पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस शाखा ने चंडीगढ़ पुलिस के साथ संयुक्त अभियान में इस घटना में शामिल पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। हमले में शामिल दो मुख्य हमलावरों की पहचान कर ली गई है। इनके कब्जे से एक हैंड ग्रेनेड, .30 बोर जिगाना पिस्टल और जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने शनिवार को चंडीगढ़ में बताया कि प्रारंभिक जांच में इस पूरे मॉड्यूल के पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़े होने

Wrriten By :

Editor

Published On :

अप्रैल 4, 2026

Advertisements
728x90 Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital.jpg

पंजाब

पंजाब के चंडीगढ़ सेक्टर-37 स्थित में भाजपा मुख्यालय में हुए ब्लास्ट केस को पुलिस ने सुलझा लिया है। पंजाब पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस शाखा ने चंडीगढ़ पुलिस के साथ संयुक्त अभियान में इस घटना में शामिल पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। हमले में शामिल दो मुख्य हमलावरों की पहचान कर ली गई है। इनके कब्जे से एक हैंड ग्रेनेड, .30 बोर जिगाना पिस्टल और जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने शनिवार को चंडीगढ़ में बताया कि प्रारंभिक जांच में इस पूरे मॉड्यूल के पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़े होने के पुख्ता संकेत मिले हैं। यह नेटवर्क विदेश में बैठे हैंडलर्स के इशारे पर काम कर रहा था, जिनकी लोकेशन पुर्तगाल और जर्मनी में पाई गई है।

पुलिस ने बताया कि इसमें कई अलग-अलग मॉड्यूल और उप-मॉड्यूल का इस्तेमाल किया गया था। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पंजाब के नवांशहर के गांव माजरी निवासी बलविंदर लाल उर्फ शामी, गांव भरापुर का जसवीर सिंह उर्फ जस्सी, गांव सुजावलपुर निवासी चरणजीत सिंह उर्फ चन्नी, शिमला के गांव थाना निवासी रूबल चौहान और धूरी निवासी मंदीप उर्फ अभिजोत शर्मा ( संगरूर) के रूप में हुई है।

संगठित नेटवर्क ने अंजाम दिया धमाका

डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि यह एक संगठित नेटवर्क था, जिसमें अलग-अलग स्तर पर काम करने वाले सब-मॉड्यूल और कटआउट शामिल थे। इनका काम हथियारों की सप्लाई, ट्रांसपोर्ट और हमले को अंजाम देने तक फैला हुआ था। उन्होंने बताया कि हमले में शामिल दो मुख्य आरोपियों की भी पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। एसएसओसी (स्टेट स्पेशल ऑपरेशन्स सेल) के एआईजी दीपक पारेख ने बताया कि जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपियों ने हथियारों और ग्रेनेड की एक खेप को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। यह खेप कई हाथों से गुजरते हुए आखिरकार हमले को अंजाम देने वाले आरोपितों तक पहुंचाई गई। इस कार्रवाई ने न केवल चंडीगढ़ हमले की गुत्थी सुलझाई है, बल्कि आने वाले समय में होने वाली कई संभावित आतंकी वारदातों को भी समय रहते नाकाम कर दिया है। पंजाब पुलिस ने दोहराया है कि वे राज्य की सुरक्षा और सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने वाली किसी भी विदेशी या स्थानीय ताकत से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है।

राजनीतिक पार्टियों के कार्यालयों की सुरक्षा बढ़ाई

बुधवार शाम हुए विस्फोट से चंडीगढ़ में अफरा-तफरी मच गई थी। बीजेपी दफ्तर के बाहर हुए धमाके की जिम्मेदारी खालिस्तान आतंकी ने ली थी। इस धमाके की जिम्मेदारी खालिस्तान समर्थक सुखजिंदर सिंह बब्बर ने ली थी। सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर बब्बर ने इस धमाके की जिम्मेदारी ली थी। उसने यह भी धमकी दी है कि पंजाब की धरती खालसा की धरती है, पंजाब में खालिस्तान बनेगा। इस हमले के बाद राजनीतिक पार्टियों के कार्यालयों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पंजाब भाजपा मुख्यालय, जहां ये ब्लास्ट हुआ था, वहां सीआरपीएफ तैनात कर दी गई है। वहीं, पंजाब भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष अश्वनी शर्मा की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। अन्य पदाधिकारियों व नेताओं की सुरक्षा भी रिव्यू की जा रही है।

 

Leave a Comment

2