प्रॉपर्टी रेट में बढ़ोतरी तय: शहर की 256 व ग्रामीण क्षेत्र की 57 लोकेशन सूचीबद्ध

ग्वालियर पंजीयन विभाग ने वित्त वर्ष 2026-27 की कलेक्टर गाइडलाइन तैयार करना शुरू कर दिया है। आर्टिफिशयल इंटेलिजेंस (एआइ) से शहर सहित जिले में हुई रजिस्ट्री का डेटा का विश्लेषण किया। शहर में 256 व गांव में 57 लोकेशन पर बढ़ोतरी बताई है, जिला पंजीयक ने उप पंजीयकों के साथ बैठक की। इस बैठक में उप पंजीयकों से अपने-अपने क्षेत्र की गाइडलाइन के संबंध में जानकारी ली। उप पंजीयकों ने जहां पर ज्यादा रजिस्ट्री हुई हैं, वहां गाइडलाइन बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है। अलग-अलग लोकेशन पर 40 से 100 फीसदी तक बढ़ोतरी होगी। शहरी क्षेत्र में औसतन 20 फीसदी तक

Wrriten By :

Editor

Published On :

जनवरी 26, 2026

Advertisements
728x90 Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital.jpg

ग्वालियर
पंजीयन विभाग ने वित्त वर्ष 2026-27 की कलेक्टर गाइडलाइन तैयार करना शुरू कर दिया है। आर्टिफिशयल इंटेलिजेंस (एआइ) से शहर सहित जिले में हुई रजिस्ट्री का डेटा का विश्लेषण किया। शहर में 256 व गांव में 57 लोकेशन पर बढ़ोतरी बताई है, जिला पंजीयक ने उप पंजीयकों के साथ बैठक की।

इस बैठक में उप पंजीयकों से अपने-अपने क्षेत्र की गाइडलाइन के संबंध में जानकारी ली। उप पंजीयकों ने जहां पर ज्यादा रजिस्ट्री हुई हैं, वहां गाइडलाइन बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है। अलग-अलग लोकेशन पर 40 से 100 फीसदी तक बढ़ोतरी होगी। शहरी क्षेत्र में औसतन 20 फीसदी तक की बढ़ोतरी संभावित है।

ऐसे बढ़ेगी गाइडलाइन
-पॉलिगॉन में सुधार किया जा रहा है। स्टांप ड्यूटी चोरी रोकने के लिए पॉलिगॉन का दायर बढ़ाया जा रहा है। एक पॉलिगॉन में अधिक लोकेशन को शामिल किया जाएगा। पॉलिगॉन में जिस लोकेशन की गाइडलाइन अधिक होगी। वह पूरे पॉलिगॉन के ऊपर लागू होगी।
 
-पॉलिगॉन का दायरा बढ़ने से भी गाइडलाइन स्वतः बढ़ जाएगी। ऐसा करने से स्टांप ड्यूटी चोरी नहीं कर पाएंगे। क्योंकि अभी लोकेशन बदलकर चोरी कर रहे हैं।

इस तरह से तैयार की जा रही है गाइडलाइन
    संपदा-2 सॉफ्टवेयर एआइ तकनीक पर कार्य करता है। इसके माध्यम से गाइडलाइन तैयार की जा रही है।
    उप पंजीयकों ने संपदा-2 से दस्तावेजों का विश्लेषण शुरू कर दिया है। 30 हजार दस्तावेजों का विश्लेषण किया जा रहा है।
    उप पंजीयकों ने स्थानीय स्तर पर होने वाली खरीद-फरोख्त की जानकारी जुटा रहे हैं। मल्टियों से भी डेटा लिया गया है।
    नवीन क्षेत्रों में निवेश की संभावना को भी देखा जा रहा है। उन्हीं क्षेत्रों का चयन किया जाएगा, जहां पर सबसे ज्यादा विक्रय हो रहा है।
    प्लॉट व व्यवसायिक संपत्तियों में ज्यादा बढ़ोतरी संभावित है।
 
2025 में हुई रजिस्ट्री का डेटा का विश्लेषण करें
पंजीयन महानिरीक्षक ने पिछले सप्ताह जिला पंजीयकों की बैठक बुलाई थी। इस बैठक में गाइडलाइन पर चर्चा की गई। जिले में खुद होमवर्क करें। 2025 में हुई रजिस्ट्री का डेटा का विश्लेषण करें। इसके बाद गाइडलाइन में क्या बदलाव चाहते हैं, उनके प्रस्ताव तैयार किए जाएं। उप पंजीयकों ने बढ़ोतरी के प्रस्ताव के संबंध में जिला पंजीयक को जानकारी दी है। विसंगतियां भी बताई गई हैं। इन सबको दूर किया जाएगा।

इन क्षेत्रों में रही सबसे अधिक बिक्री
वृत्त-2 : मुरार, न्यू सिटी सेंटर, महाराजपुरा, बड़ागांव
वृत्त-1 : पुरानी छावनी, शिवपुरी लिंक रोड, गिरवाई क्षेत्र

उप पंजीयकों ने डेटा का विश्लेषण किया है। कहां बढ़ोतरी की संभावना है, उन्हीं क्षेत्रों को चिह्नित किया जा रहा है। संपत्तियों का विक्रय कम है। उन लोकेशन पर गाइडलाइन नहीं बढ़ा रहे हैं।- अशोक शर्मा, जिला पंजीयक

Leave a Comment

2