मध्यप्रदेश में महिला नेतृत्व को बढ़ावा, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में 91% लक्ष्य पूरा

भोपाल  मध्यप्रदेश में महिला-नेतृत्व विकास की दिशा में लगातार ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य, पोषण और आर्थिक सहयोग को ध्यान में रखते हुए संचालित प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना उल्लेखनीय परिणाम दे रही है। वर्ष 2025-26 में इस योजना के अंतर्गत राज्य ने 91 प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की है। महिला एवं बाल विकास मंत्री सुनिर्मला भुरिया ने कहा कि यह सफलता राज्य सरकार के महिला सशक्तिकरण के प्रति प्रतिबद्ध प्रयासों और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का प्रमाण है। योजना के माध्यम से न केवल मातृ स्वास्थ्य को सुदृढ़ किया जा रहा

Wrriten By :

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Published On :

अप्रैल 17, 2026

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भोपाल 
मध्यप्रदेश में महिला-नेतृत्व विकास की दिशा में लगातार ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य, पोषण और आर्थिक सहयोग को ध्यान में रखते हुए संचालित प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना उल्लेखनीय परिणाम दे रही है। वर्ष 2025-26 में इस योजना के अंतर्गत राज्य ने 91 प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की है। महिला एवं बाल विकास मंत्री सुनिर्मला भुरिया ने कहा कि यह सफलता राज्य सरकार के महिला सशक्तिकरण के प्रति प्रतिबद्ध प्रयासों और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का प्रमाण है। योजना के माध्यम से न केवल मातृ स्वास्थ्य को सुदृढ़ किया जा रहा है, बल्कि समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच को भी बढ़ावा मिल रहा है।

यह योजना भारत सरकार द्वारा 01 जनवरी 2017 से लागू की गई है, जो राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के प्रावधानों के अनुरूप संचालित है। योजना का मुख्य उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को आंशिक वेतन हानि की भरपाई हेतु आर्थिक सहायता प्रदान करना तथा विशेष रूप से दूसरी संतान के रूप में बालिका जन्म को प्रोत्साहित करना है। योजना में प्रथम प्रसव पर महिलाओं को 5,000 रुपये की राशि दो किश्तों में प्रदान की जाती है, जबकि दूसरी संतान के रूप में बालिका के जन्म पर 6,000 रुपये की राशि एकमुश्त दी जाती है।

उल्लेखनीय उपलब्धियां

प्रदेश में योजना की शुरुआत से अब तक 52.5 लाख से अधिक हितग्राही पंजीकृत किए जा चुके हैं। वहीं वित्तीय वर्ष 2025-26 में 6.61 लाख के लक्ष्य के विरुद्ध 6.01 लाख हितग्राहियों का पंजीयन किया गया, जो कि 91 प्रतिशत उपलब्धि को दर्शाता है।

 

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